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A life is truly meaningful only when it offers new support to the era through its own experiences: Dr. Dinesh Chandra, IAS

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जीवन वही, जो अपने अनुभव से युग को नया सहारा दे: डॉ दिनेश चंद्र, आईएएस नैमिषारण्य वीवीआईपी गेस्ट हाउस, बटलर कॉलोनी, लखनऊ में आयोजित हुआ जन्मोत्सव सम्मान समारोह  वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह के शुभचिंतकों ने पूरे हर्ष व उल्लास के साथ उनका जन्मदिन मनाया  ( client=ca-pub-6262725213669814) @ राजनैतिकदुनिया लखनऊ। बुद्धवार को नैमिषारण्य वीवीआईपी गेस्ट हाउस, बटलर कॉलोनी, लखनऊ में आयोजित एक समारोह के दौरान वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह का  जन्मोत्सव सम्मान समारोह पूरे हर्ष व उल्लास के साथ मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता सिद्धनाथ पीठ, बहराइच के महंत और महामंडलेश्वर श्री रवि गिरी जी महाराज ने की। उन्होंने मनका माला और अंग वस्त्रम प्रदान करते हुए डॉ चन्द्र को अपना आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर उन्हें फूलों की बड़ी माला, पुष्प गुच्छ व स्मृति चिन्ह भेंट स्वरूप प्रदान किया गया। उन्होंने भी साफा पगड़ी बंधवाकर सभी का यथाश्रेष्ठ स्वागत/अभिवादन किया। इस मौके पर विधायक रमेश सिंह और विधायक अनिल त्रिपाठी ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करवा...

Respected Dr. Dinesh Chandra Singh Ji (IAS), heartfelt and best wishes on your birthday.

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आदरणीय डॉ. दिनेश चंद्र सिंह जी, आईएएस,  जन्मदिन की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएँ। आपका जीवन भारतीय प्रशासनिक सेवा की उस गौरवशाली परंपरा का प्रतीक रहा है, जिसमें पद से अधिक कर्तव्य, अधिकार से अधिक उत्तरदायित्व और शासन से अधिक जनसेवा का भाव सर्वोपरि होता है। आपने अपने ज्ञान, संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और निष्पक्ष प्रशासन से अनगिनत लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से स्पर्श किया है। यही किसी भी लोकसेवक की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। सेवानिवृत्ति सेवा का अंत नहीं, बल्कि अनुभवों को समाज के व्यापक हित में समर्पित करने का एक नया अवसर है। मुझे विश्वास है कि आपके दशकों के प्रशासनिक अनुभव, चिंतन और नेतृत्व का लाभ आने वाले समय में भी समाज, शासन और नई पीढ़ी को निरंतर मिलता रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, मानसिक ऊर्जा, पारिवारिक सुख-समृद्धि और सतत लोककल्याण के कार्यों में सक्रिय रहने की शक्ति प्रदान करें। आपका व्यक्तित्व सदैव समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहे। कुछ पंक्तियाँ आपकी गरिमामयी यात्रा को समर्पित— दीपक वही, जो...

After all, how will the potential clash of regional interests among China, India, and Iran/Israel in Asia be averted?

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आखिर एशिया में चीन, भारत और ईरान/इजरायल के क्षेत्रीय हितों में संभाव्य टकराव रुकेगा कैसे?   client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक एशिया को खरबूजे की तरह काटकर यहां के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करने वाले अमेरिका-यूरोप के ताकतवर पश्चिमी देशों के लिए भारत और ईरान का मजबूती पूर्वक उभरना न केवल चौंकाने वाला अंतरराष्ट्रीय अध्याय है, बल्कि अबतक उन्हें चीन से जो रणनीतिक चुनौती मिल रही थी, उसे यदि भारत और ईरान दोनों का रणनीतिक साथ मिल गया, क्योंकि रूस की यही रणनीति है, तो ब्रिक्स को आशातीत मजबूती मिलेगी और जी-7 की अंतरराष्ट्रीय दादागिरी पर ब्रेक लगेगा।  यही वजह है कि अमेरिकी डीप स्टेट परेशान है। उसे 20वीं सदी के इंग्लैंड की मानिंद 21वीं सदी में अमेरिकी सितारा भी डूबता हुआ नजर आने लगा है। ऐसा इसलिए कि पड़ोसियों से बात बात में विवाद को बढ़ाने वाला चीन वैश्विक विवादों में सौम्य प्रतिरोध की जो रणनीति अपना रहा है, उससे रूस, भारत और ईरान के साथ साथ इनके समर्थकों की सहानुभूति भी चीन के साथ बढ़ रही है। वहीं, ठीक इसके उलट दुनिया का तथाक...

International implications of the new bilateral relations developed between India and Seychelles.

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भारत और सेशेल्स के बीच विकसित नए द्विपक्षीय सम्बन्धों के अंतरराष्ट्रीय निहितार्थ         client=ca-pub-6262725213669814 # कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक भारत और सेशेल्स के बीच हाल के वर्षों में विकसित हुए द्विपक्षीय संबंध केवल आर्थिक और सामरिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके व्यापक अंतरराष्ट्रीय निहितार्थ भी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया सेशेल्स दौरे से इस बात को और भी बल मिला है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि भारत–सेशेल्स संबंध केवल द्विपक्षीय मैत्री का उदाहरण नहीं हैं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा, शक्ति-संतुलन, समुद्री व्यापार, जलवायु सहयोग और भारत की वैश्विक रणनीतिक भूमिका को सुदृढ़ करने वाले महत्वपूर्ण संबंध हैं। यही नहीं भविष्य में रक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, ब्लू इकोनॉमी और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से इन संबंधों का अंतरराष्ट्रीय महत्व और अधिक बढ़ने की संभावना है। इसलिए आइए इसके वैश्विक मायने को समझने और पाठकों को समझाने की एक विनम्र कोशिश करते हैं- पहला, हिंद महा...

Yogi-ji's indelible identity

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योगी जी की अमिट पहचान @ कवि कमलेश पांडेय केसरिया वेश, सरल पहचान, सेवा जिसका है सम्मान। जन-जन की आवाज़ बनकर, बढ़ते रहते हर अभियान। योगी जी की यही पहचान। दृढ़ संकल्प और ऊँचे विचार, राष्ट्रहित जिनका है आधार। अनुशासन, श्रम और सद्भाव से, करते जनजीवन का श्रृंगार। योगी जी की यही शान। गाँव-नगर की नई उमंग, विकास की गूँजे हर तरंग। शिक्षा, सेवा, सुरक्षा लेकर, बढ़े प्रगति के सुंदर रंग। योगी जी का यही अंतर्ध्यान। युवा शक्ति को दें संदेश, मेहनत से बदलो अपना देश। सत्य, साहस और कर्मपथ पर, यही सफलता का परिवेश। योगी जी का पूरा परिवेश। आओ मिलकर प्रण ये लें, भारत को आगे हम करें। योगी जी की अमिट पहचान। ( उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय Yogi Adityanath जी पर एक प्रेरणादायक कविता )

Public sensitivity made IAS Dr Dinesh Chandra the doctor to solve the problems of the people

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जनसंवेदनशीलता ने आईएएस डॉ दिनेश चंद्र को बनाया लोकसमस्याओं के समाधान का डॉक्टर  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक  (Google client=ca-pub-6262725213669814) सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और मशहूर लेखक-चिंतक डॉ. दिनेश चन्द्र शोषित-पीड़ित लोगों तक समावेशी विकास की किरण पहुंचाने वाले एक जनप्रिय प्रशासनिक शख्सियत के रूप में जाने जाते रहे हैं। उनका बहुआयामी व्यक्तित्व और सुसंस्कृत विचार उनके आभा मंडल से परिलक्षित होता है। जहां भगवान भास्कर की भांति उनमें ओजस्विता और परोपकारिता का भाव भरा हुआ है, वहीं उनके लोकव्यवहार में चंद्रमा की शीतलता व्याप्त है। इससे उनसे मिलने-जुलने वाले लोग लाभान्वित होते आए हैं। सच कहूं तो अपनी सुदीर्घ 32 वर्षीय प्रशासनिक सेवा के दौरान आपने बच्चों, युवाओं, वयस्कों और बुजुर्ग लोगों का भरपूर ख्याल रखा। फिर भी बुजुर्ग, गरीब और महिलाओं के दर्द ने आपको ज्यादा द्रवित किया, जिससे आपकी पहचान एक संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी के रूप में बनी और विकसित हुई। शायद इसी वजह से आप उत्तरप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी ...

Country first, everything else later

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देश पहले, सब बाद में https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814 @ कवि कमलेश पांडेय जो इस मिट्टी का मान बढ़ाए, उसका हम सम्मान करें, जो भारत की जड़ों को सींचे, उसका जयगान करें। लेकिन जो छल, कपट और स्वार्थ से राष्ट्र को कमजोर करे, ऐसे हर षड्यंत्रकारी से मिलकर खुला प्रतिकार करें। देश न बिके विचारों से, न धन के व्यापारों से, भारत जीता है सदियों से अपने ही संस्कारों से। यह ऋषियों की तपोभूमि है, वीरों की बलिदानी धरती, इसके कण-कण में गूँज रही है स्वतंत्रता की अमर वंदना भरती। न्याय रहे संविधान संग, शासन रहे कानूनों पर, सत्य सदा विजयी हो आखिर, झूठ टिके कब आँधियों पर। जो भी संस्था, व्यक्ति, दल हो—सब पर एक समान नियम, राष्ट्रहित सर्वोपरि हो जिसमें, वही हमारा परम धर्म। विदेशी धन यदि आए भी तो, पारदर्शिता साथ रहे, जनसेवा का हर इक पैसा जनता के ही हाथ रहे। न सेवा के नाम पर छल हो, न नफरत का व्यापार चले, भारत की उन्नति के पथ में कोई भी अवरोध न पले। सीमा पर प्रहरी जाग रहे, खेतों में अन्न उगाते लोग, प्रयोगशालाओं में वैज्ञानिक, श्रम से सपने सजाते...