काल-प्रेरणा' : एक प्रशासक डॉ दिनेश चंद्र सिंह का जीवन दर्शन
काल-प्रेरणा' : एक प्रशासक डॉ दिनेश चंद्र सिंह का जीवन दर्शन @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार डॉ दिनेश चन्द्र सिंह, आईएएस, संप्रति जिलाधिकारी, बहराइच, उप्र द्वारा विरचित और वरिष्ठ पत्रकार कमलेश पांडेय द्वारा संपादित कालजयी कृति 'काल-प्रेरणा' की पाण्डुलिपि का आद्योपान्त अनुशीलन किया। इससे महसूस हुआ कि एक प्रशासनिक अधिकारी जब 'नौकरशाह का केचुल' उतारता है तब जन-जन की समस्याओं से संवेदित होकर उसके व्यक्तित्व में लोकसेवक की भावधारा प्रवाहित होने लगती है। यह सन्देश है बाबा हरदेव सिंह, पूर्व अध्यक्ष, उ.प्र. पीसीएस संघ एवं पूर्व अध्यक्ष, अखिल भारतीय राज्य सिविल/ प्रशासनिक सेवा परिसंघ का, जो उन्होंने काल-प्रेरणा के लेखक डॉ दिनेश चंद्र सिंह को प्रेषित किया है। बाबा हरदेव सिंह के मुताबिक- "काल क्रमवश एक महात्मा ने मुझे बताया था कि- 'अधिकारी कोई पद नहीं है। यह कर्म करने के लिए अधिकृत होने का एक प्रमाण-पत्र है।' इसलिए जो प्रशासनिक अधिकारी इस भाव को जितनी जल्दी समझ लेता है, वह उतनी ही जल्दी जनानुकूल होकर लोकप्रिय बनता है। डॉ दिनेश चन्द्र सिंह ने उ...