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सितंबर 26, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

प्रधानमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन क्या है? इससे आमलोगों को कैसे और क्या क्या लाभ मिलेगा?

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प्रधानमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन क्या है? इससे आमलोगों को कैसे और क्या क्या लाभ मिलेगा? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि जब भी हम कोई कार्य करें, तो यह अवश्य विचार करें कि समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति विशेष कर सबसे अंतिम व्यक्ति पर उसका क्या असर पड़ेगा। लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जनोपयोगी विचार को आत्मसात कर लिया है और अपने हरेक लोक कल्याण कारी कार्यों व जनहितैषी योजनाओं को गरीब कल्याण केंद्रित बनाने की एक मुहिम छेड़ दी है। यही वजह है कि पहले गुजरात में और अब पूरे देश में वह जनाकर्षण के एकमात्र केंद्र बिंदु बने हुए हैं। सोमवार को उन्होंने जिस प्रधानमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन का आगाज किया  है, वह क्या और उससे आमलोगों को कैसे और क्या-क्या फायदा मिलेगा, आइए इसे जानने-समझने की एक अदद कोशिश करते हैं। # जानिए, क्या है हेल्थ आईडी और कैसे होगा इसका उपयोग? पीएम डिजिटल हेल्थ मिशन का उद्देश्य आमलोगों को बेहतर व त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है, जिसके तहत हरेक व्यक्ति की एक हेल्थ आईडी बनेगी। डिजिटल प्ले...

बिजनौर की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित तो कीजिए, देश-दुनिया को मिलेगा संबल

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बिजनौर की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित तो कीजिए, देश-दुनिया को मिलेगा संबल @ डॉ दिनेश चंद्र सिंह, आईएएस देश में प्रतिष्ठित भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना प्रायः हर प्रतिभाशाली छात्र का होता है, लेकिन प्रतिवर्ष सिर्फ मुट्ठी भर छात्र-छात्राओं का चयन बमुश्किल इस महत्वपूर्ण सेवा के लिए हो पाता है। इसलिए इतना तो समझा ही जाता है कि जिनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा संवर्ग में हो गया, इनमें अवश्य ही कुछ अति असाधारण गुण होंगे जो देश व देशवासियों की सेवा के मद्देनजर अनुभवी व विद्वान अधिकारियों द्वारा आंके गए होंगे। इसका मतलब यह कदापि नहीं होता कि असफल छात्र-छात्राएं प्रतिभाशाली नहीं है, बल्कि यह होता है कि वो अपनी प्रतिभा का उपयोग अन्य क्षेत्रों में करेंगे और आगे बढ़ेंगे। जनकवि तुलसीदास जी रामचरितमानस में लिखते हैं कि "पर हित सरिस धर्म नहिं भाई। पर पीड़ा सम नहिं अधमाई। निर्णय सर्कल पुराना वेद कर। कहेउ तात जानहि कोविद नर।।" अर्थात हे भाई, दूसरों की भलाई के समान कोई धर्म नहीं है और दूसरों को दु:ख पहुंचाने के समान कोई पाप नहीं है। हे तात, समस्त पुराणों, वेदों का यह निर्णय मैंने तुम्हें ...