टोकनाइजेशन क्या है? यह कितने प्रकार का होता है? इससे क्या क्या लाभ और हानि है? विस्तार से जानिए
टोकनाइजेशन क्या है? यह कितने प्रकार का होता है? इससे क्या क्या लाभ और हानि है? विस्तार से जानिए। @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भारतीय रिजर्व बैंक ने क्रेडिट और डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए एक नई व्यवस्था को ईजाद किया है और उसे अमल में लाया है, जिसे कार्ड टोकनाइजेशन यानी टोकन व्यवस्था नाम दिया गया है। बताया जाता है कि इस टोकन व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य पेमेंट सिस्टम को और अधिक सुरक्षित, और ज्यादा मजबूत बनाना है। आप जानते हैं कि टोकनाइजेशन शब्द टोकन से संबंधित है, लेकिन इसका मतलब दुकानों में, रेस्टोरेंट में खाने लेने के लिए प्रयुक्त होने वाले टोकन से नहीं है, बल्कि उससे अलग और कुछ खास है। इसलिए आज हमलोग यह समझेंगे कि कार्ड टोकनाइजेशन क्या है? इसके कितने प्रकार हैं और इससे क्या-क्या लाभ और हानि हैं। और इससे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातें क्या क्या हैं? # कार्ड टोकनाइजेशन क्या है? टोकनाइजेशन किसी भी संवेदनशील डाटा को गैर-संवेदनशील डाटा में बदलने की प्रक्रिया है। जिसके अंतर्गत ग्राहक के क्रेडिट और डेबिट कार्ड के पर्सनल डिटेल को एक यूनिक कोड...