The social and political implications of the questions constantly raised regarding the RSS's registration and funding. (आरएसएस के रजिस्ट्रेशन और फंडिंग के बारे हमेशा सवाल उठने के सामाजिक व राजनीतिक मायने)
आरएसएस के रजिस्ट्रेशन और फंडिंग के बारे हमेशा सवाल उठने के सामाजिक व राजनीतिक मायने @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814 जो लोग अमूमन देश भक्त संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के रजिस्ट्रेशन, फंडिंग और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर समय-समय पर सवाल उठाते हैं, वही लोग आरएसएस (RSS) जैसी अन्य वैचारिक संस्थाएं जैसे, Jamaat-e-Islami Hind जैसी धार्मिक-सामाजिक संस्था, Vishwa Hindu Parishad जैसे सांस्कृतिक संगठन, विभिन्न चर्च, गुरुद्वारा और मंदिर ट्रस्ट, वक्फ संस्थाएं के अलावा लाखों एनजीओ, सोसाइटियां और धर्मार्थ ट्रस्ट जैसी संस्थाओं के बारे में रणनीतिक चुप्पी साध लेते हैं, आखिर ऐसा क्यों? क्या इसके पीछे कोई सामाजिक, राजनीतिक वजह है या साम्प्रदायिक कारण है? https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814 जानकार बताते हैं कि ऐसे सिर्फ आरएसएस के बारे में उठने वाले सियासी मौसमी सवालों के के...