प्रैक्टो जैसे ऐप से डॉक्टर-रोगी के सम्बन्धों को झुलसने से बचाइए
जैसे ऐप से डॉक्टर-रोगी के सम्बन्धों को झुलसने से बचाइए @ डॉ मनीष कुमार/न्यूरोसर्जन, दिल्ली-एनसीआर भले ही चिकित्सकों को पृथ्वी का दूसरा भगवान समझा जाता है, लेकिन देश व समाज में कुछ ऐसी प्रत्यक्ष-परोक्ष ताकतें सक्रिय हैं, जो इनके पवित्र पेशे के माध्यम से आर्थिक शोषण को बढ़ावा दिलवा रही हैं। ऐसा करके वो लोग न केवल रोगियों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं, बल्कि अकस्मात अप्रत्याशित चिकित्सा बोझ पैदा करके उनके तीमारदारों को भी मानसिक व आर्थिक रूप से रुग्ण बनाने की वजह बन रहे हैं। ऐसे संगठित व अनापेक्षित कुकृत्यों से चिकित्सकों की सामाजिक प्रतिष्ठा गिरी है, और लोगों को उनमें भी कोई 'खलनायक' नजर आता प्रतीत हो रहा है, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। सच कहा जाए तो आज शायद हर किसी को यह पता है और समझ में आता है कि आप जिस मोबाइल को या किसी भी तकनीकी गैजेट्स यानी यंत्र को, जो आपके जीवन को आसान बनाने-करने का आभास देता है और आप उसे अपनी जेब में प्यार से लिए फिरते हैं, यह न केवल आपकी जासूसी करता है बल्कि आपके हितों के साथ समझौता और कभी कभार खिलवाड़ भी करता है। अमूमन, आपके हर फै...