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जनवरी 11, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जानिए, आने वाले आम बजट 2022 से संबंधित महत्वपूर्ण शब्दावली, बजट प्रावधानों को समझने में होगी आसानी

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जानिए, आने वाले आम बजट 2022 से संबंधित महत्वपूर्ण शब्दावली, बजट प्रावधानों को समझने में होगी आसानी @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार आगामी 1 फरवरी  2022 को केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अगले वित्त वर्ष 2022-23 के लिए आम बजट प्रस्तुत करने वाली हैं, जो मोदी सरकार का नौंवा बजट होगा। इसलिए इसमें बहुधा प्रयोग होने वाली महत्वपूर्ण शब्दावली के बारे में हम आपको विस्तार पूर्वक यहां बता रहे हैं, ताकि नए बजट प्रावधानों को समझने में किसी भी व्यक्ति को आसानी हो।  गौरतलब है कि संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत अनुमानित प्राप्तियों और व्यय के विवरण को 'वार्षिक वित्तीय विवरण' कहा जाता है, जिसे भारत के वित्त मंत्री हर वर्ष संसद में वार्षिक बजट के रूप में प्रस्तुत यानी पेश करते हैं। फुल बजट प्रेजेंटेशन के दौरान कतिपय क्लिष्ट हिंदी शब्दों का प्रयोग किया जाता है। इसमें अक्सर राजकोषीय घाटा, राजस्व प्राप्तियां, बजट में संशोधित अनुमान व राजस्व बजट आदि कुछ महत्वपूर्ण कठिन शब्द प्रयोग में लाए जाते हैं, जो आम प्रचलन में नहीं हैं, इसलिए इनके अर्थ को बहुत से लोग नहीं समझ पाते हैं। लि...

जनसेवा के लिए चुनावी राजनीति में आऊंगा, किसी की बुराई के लिए नहीं: संजीव गुप्ता

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जनसेवा के लिए चुनावी राजनीति में आऊंगा, किसी की बुराई के लिए नहीं: संजीव गुप्ता # गाजियाबाद शहर विधानसभा सीट से शीर्ष उद्यमी, लोकप्रिय समाजसेवी व भाजपा कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता द्वारा टिकट की दावेदारी ठोकने से उनके प्रतिस्पर्धी नेताओं के होश उड़े, कैसे जानिए विस्तार से..... कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार गाजियाबाद। जब कोई राजनेता और टिकट प्रार्थी बीजेपी जैसे दुनिया के सबसे बड़े दल से यह कहे कि "मैं जनसेवा के लिए राजनीति में आना चाह रहा हूँ, मुझे किसी की बुराई नहीं करनी है।" तो दिग्गज राजनेता भी यही समझते हैं कि टिकट चाहने वाला लंबे रेस का सियासी घोड़ा है, जिस पर पार्टी यदि दांव लगाने का रिस्क लेती है तो यह अपने क्षेत्र में न केवल पार्टी को नई मंजिल देगा, बल्कि सियासत में अक्सर होनेवाली पारस्परिक आपाधापी में भी कभी थक कर नहीं बैठेगा, क्योंकि इस बात की गारंटी उसके शुरुआती लहजे से ही मिल रही है। जी हां, मैं बात कर रहा हूँ विगत 18 वर्ष से भाजपा में विभिन्न पदों पर रहते हुए कुशलता पूर्वक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे लघु उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष, अंतर्राष्ट्रीय वैश्य ...

गाजियाबाद के पंजाबी समाज को अपने नेताओं के लिए चाहिए समुचित टिकट

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गाजियाबाद के पंजाबी समाज को अपने नेताओं के लिए चाहिए समुचित टिकट # अन्यथा करेंगे अपनी उपेक्षा करने वालों के खिलाफ बगावत, किया ऐलान कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता गाजियाबाद। उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 की डुगडुगी चुनाव आयोग ने बजा दी है। इसलिए सत्ताधारी भाजपा एवं प्रमुख विपक्षी दल सपा के अलावा कांग्रेस, बसपा, आप आदि दलों व उनके नेतृत्व वाले गठबंधनों के द्वारा अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिसपर गाजियाबाद के पंजाबी समाज की नजरें भी गड़ी हुई हैं। क्योंकि आजादी के बाद हुए तीन विधानसभा चुनावों में गाजियाबाद विधानसभा सीट पर पंजाबी समाज से आने वाले कद्दावर कांग्रेस नेता सरदार तेजा सिंह का कब्जा हुआ करता था। इस नाते वो गाजियाबाद के पहले विधायक माने जाते हैं। लेकिन चौथे विधानसभा चुनाव में उन्हें गाजियाबाद विधानसभा सीट की बजाय पड़ोसी मुरादनगर विधानसभा सीट से लड़ाने की पार्टी की रणनीति विफल रही और वे चुनाव हार गए। इसके बाद से गाजियाबाद व आसपास की विधानसभा सीटों पर पंजाबी समाज के किसी भी नेता को बतौर विधायक, प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिला। उस भाजपा ...