जब नीति निपुण नीतीश कुमार सबके हैं तो फिर किसके नहीं होंगे.....ये भी जान लीजिए
जब नीति निपुण नीतीश कुमार सबके हैं तो फिर किसके नहीं होंगे.....ये भी जान लीजिए @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक बिहार की राजनीति में चाणक्य समझे जाने वाले जनता दल यूनाइटेड सुप्रीमो और कद्दावर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कब क्या करेंगे, कब किस ओर पाला बदलेंगे, यह दृढ़तापूर्वक नहीं कहा जा सकता है। क्योंकि पहले अपने व्यक्तिगत हितों, फिर अपनी पार्टी की सामूहिक जरूरतों और उसके बाद बिहार के समग्र हितों के अनुरूप ही वह अपना फैसला बदलते रहते हैं। उनकी स्पष्ट सोच है कि जो आपको हल्के में ले, नेता मानने में आनाकानी करे, उसे अपने भारीपन का एहसास करवा दो। चाहे उनके दगाबाज राजनीतिक मित्र हों या मौकापरस्त गठबंधन सहयोगी, सबको उसके असली जूते की साइज में वो कुशलतापूर्वक फिट करते रहे। यही वजह है कि जहां कांग्रेस और भाजपा जैसे घाघ राष्ट्रीय दलों को उन्होंने अपने इशारे पर नचाया, वहीं उन समाजवादियों और क्षेत्रीय दलों को भी नहीं बख्शा, जो उनकी आंखों में खटकते गए। सच कहूं तो ये सभी कार्य उन्होंने बड़ी ईमानदारी पूर्वक किया और सूबाई सियासत में निज सफलता की ऐसी लकीर खींच दी, जिस...