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बंगलादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न पर आखिर खामोश क्यों हैं दुनिया के लोग?

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बंगलादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न पर आखिर खामोश क्यों हैं दुनिया के लोग? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक भारत के पड़ोसी बांग्लादेश में हिंदुओं पर उत्पीड़न एक लंबे अरसे से चली आ रही समस्या है, जबकि उसके उदय में भारत सरकार की परोक्ष भूमिका रही है। कभी पूर्वी पाकिस्तान कहे जाने वाले बंगलादेश में अक्सर इस्लामिक कट्टरता ब्रेक के बाद मुखर हो जाती है, जो राजनीतिक अस्थिरता के दौरान अमूमन तेज हो जाती है। यह भारत सहित अंतर्राष्ट्रीय चिंता का विषय है और दुनियाभर में अल्पसंख्यक समूह के उत्पीड़न पर संयुक्त राष्ट्र संघ की विफलता का द्योतक है। हाल के दिनों में भारत और बंगलादेश के कूटनीतिक सम्बन्धों पर भी इन बातों का साफ असर महसूस किया जा सकता है। यदि पुरानी बातें छोड़ भी दीं जाएं तो गत वर्ष यानी 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से बंगलादेश में हिंदू विरोधी हिंसा में पुनः उछाल आया है, जिसमें मंदिरों पर हमले, घरों में लूटपाट और हत्याएं शामिल हैं। इस पर भारत सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की महज खानापूर्ति वाली प्रतिक्रिया से वहां हिंदुओं पर संकट गहराता जा रहा है। इससे भा...

नया कोल्ड वार क्या है? किनके बीच चल रहा है? इसमें भारत किस भूमिका में है?

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नया कोल्ड वार क्या है? किनके बीच चल रहा है? इसमें भारत किस भूमिका में है? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार द्वितीय विश्व युद्ध की विजय के बाद अमेरिका और सोवियत संघ के बीच छिड़े शीत युद्ध और इसके वार-पलटवार जैसे युद्धगत प्रभावों से हमलोग वाकिफ हैं। इस दौरान यूएसए और यूएसएसआर की खेमेबाजी भी जगजाहिर रही, जिससे दुनिया के कमजोर देशों के कुछ कुछ हित भी सधे। हालांकि 1990 के दशक में सोवियत संघ के बिखराव के बाद यह खत्म हो गया। लेकिन अमेरिका की बढ़ती वैश्विक चौधराहट के बाद 2010 के दशक में अमेरिका-चीन के बीच फिर से एक 'नया शीत युद्ध' शुरू हो गया, जो अब तलक जारी है।  चूंकि यूएसएसआर के पतन में अमेरिकी भूमिका रही, इसलिए उसके अवशेष पर खड़े हुए रूस ने चीन को शह देकर अमेरिका से अपना पुराना हिसाब-किताब चुकता कर लिया। इस प्रकार दुनिया के थानेदार अमेरिका के सामने एक नई सामरिक-आर्थिक चुनौती खड़ी हो गई, लेकिन पारस्परिक होड़ का स्वरूप कुछ कुछ बदल गया। कुलमिलाकर चीन अब अमेरिका के लिए भस्मासुर साबित हो रहा है। इससे अमेरिका भारत की ओर मुड़ा, लेकिन भारतीय नेतृत्व की सतर्कता की वजह से 2025 ...

कांग्रेस की कमियों को छिपाने के लिए आरएसएस को अलकायदा जैसा बताना सिर्फ अनर्गल प्रलाप!

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कांग्रेस की कमियों को छिपाने के लिए आरएसएस को अलकायदा जैसा बताना सिर्फ अनर्गल प्रलाप! @ कमपलेपश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व को भाजपा-आरएसएस के संगठनात्मक कौशल का आईना क्या दिखाया, कांग्रेसियों ने भाजपा-आरएसएस के खिलाफ अनर्गल प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। कोई गांधी वनाम गोडसे के मुद्दे को उछाल रहा है तो कोई आरएसएस की तुलना अलकायदा से कर रहा है। बता दें कि दिग्विजय सिंह ने मौजूदा पीएम नरेंद्र मोदी की एक पुरानी तस्वीर शेयर कर कहा कि भाजपा में जमीनी कार्यकर्ता भी शीर्ष पद तक पहुंच सकता है, जो कांग्रेस की गुटबाजी पर प्रहार था। इससे सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और पार्टी के बाहर भाजपा ने इसे कांग्रेस के संकट का संकेत बताया।  स्पष्ट है कि अपने ही दिग्गज नेता द्वारा कांग्रेस की कमियों को दुरुस्त करने की जरूरत बताने के बाद उसे छिपाने के लिए आरएसएस को अलकायदा जैसा बताना मानसिक व सियासी दिवालिया पन तो है ही, एक अनर्गल प्रलाप भी है। खास बात यह कि नेता प्रतिपक्ष राहुल ...

क्या अयातुल्लाह खुमैनी सरकार ईरान में सुलग रही जेन जेड क्रांति से कुछ सबक लेगी या शहादत देगी?

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क्या अयातुल्लाह खुमैनी सरकार ईरान में सुलग रही जेन जेड क्रांति से कुछ सबक लेगी या शहादत देगी? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक शिया मुस्लिम बहुल देश ईरान में 'तानाशाह तेरी कब्र खुदेगी' और 'मुल्लाओं को देश छोड़ना होगा' जैसे नारे लगना हैरत की बात है, क्योंकि कोई सच्चा मुसलमान अयातुल्लाह खुमैनी जैसे मुल्ला शासकों और उनके वतन परस्त हमकदम मुल्लाओं का विरोध क्यों करेगा? खासकर उस अयातुल्लाह खुमैनी का जो पूरी दुनिया में इस्लामिक बादशाहत स्थापित करने का स्वप्नद्रष्टा समझे जाते हैं। बावजूद इसके हाल के ईरान मुल्ला विरोधी आंदोलन में ये नारे आम हो चुके हैं। इसलिए सवाल है कि क्या अयातुल्लाह खुमैनी सरकार ईरान में सुलग रही जेन जेड क्रांति से कुछ सबक लेगी या अपनी शहादत देगी? बताया जाता है कि यह सरकार विरोधी जन-आंदोलन मुख्य रूप से वहां के आर्थिक संकट से उपजे हैं, जहां रियाल की कीमत में भारी गिरावट के बाद लोगों का जीना दुश्वार हो चुका है। वहां से मिली खबरों से पता चलता है कि ईरान में चढ़ी 42% से अधिक की महंगाई ने आम जनता को सड़कों पर उतार दिया है। जानकारों का क...

शारदा हॉस्पिटल ने वृंदावन वात्सल्य ग्राम में विशाल नि:शुल्क चिकित्सा शिविर लगाया: गौरव पांडेय

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शारदा हॉस्पिटल ने वृंदावन वात्सल्य ग्राम में विशाल नि:शुल्क चिकित्सा शिविर लगाया: गौरव पांडेय @ स्वास्थ्य संपादक, राजनैतिक दुनिया वृंदावन, मथुरा। ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा हॉस्पिटल द्वारा वृंदावन के सुप्रसिद्ध वात्सल्य ग्राम में एक विशाल नि:शुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया। इस अवसर पर शारदा हॉस्पिटल के महाप्रबंधक गौरव पांडेय ने बताया कि परम पूजनीय दीदी मां साध्वी ऋतंभरा जी के आश्रम वात्सल्य ग्राम में यह एक दिवसीय शिविर लगाया गया। इस शिविर का आयोजन दीदी मां साध्वी ऋतंभरा जी के अवतरण दिवस के अवसर पर मनाये जा रहे वात्सल्य महोत्सव के दौरान किया गया। शिविर में 200 से भी ज्यादा लोगों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। इस शिविर में विशेष रूप से हड्डियों में कैल्शियम की जांच, रक्त में हीमोग्लोबिन की जांच, डायबिटीज की बीमारी के लिए शुगर की जांच और साथ ही शरीर में नसों में होने वाली कमजोरी के लिए न्यूरोपैथी की जांच विशेष रूप से की गई। दीदी मां साध्वी ऋतंभरा जी ने अपना स्वयं का भी स्वास्थ्य चेकअप कराया, इसके बाद से लोगों में कैंप में डॉक्टर से परामर्श करने और जांच करने के लिए विशेष उत्सा...

Sharda Hospital Organizes Large Free Medical Camp at Vrindavan Vatsalya Gram: Gaurav Pandey

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Sharda Hospital Organizes Large Free Medical Camp at Vrindavan Vatsalya Gram Health Editor, Rajnaitik Duniya Vrindavan, Mathura: Sharda Hospital, located in Greater Noida, organized a large free medical camp at the renowned Vatsalya Gram in Vrindavan.  On this occasion, Gaurav Pandey, General Manager of Sharda Hospital, stated that this one-day camp was organized at the ashram of the revered Didi Maa Sadhvi Ritambhara Ji, Vatsalya Gram.  The camp was held during the Vatsalya Mahotsav celebrations, coinciding with Didi Maa Sadhvi Ritambhara Ji's birthday. More than 200 people actively participated in the camp. The camp specifically offered tests for calcium levels in bones, hemoglobin levels in the blood, blood sugar levels for diabetes, and neuropathy tests for nerve weakness. Didi Maa Sadhvi Ritambhara Ji also had her own health check-up, which further encouraged people to consult with doctors and undergo tests at the camp. Dr. ...