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प्राचीन संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर धार्मिक रामलीला समिति, वसुंधरा की तैयारी पूरी, शुभारंभ आज

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प्राचीन संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर धार्मिक रामलीला समिति, वसुंधरा की तैयारी पूरी, शुभारंभ आज # समिति के अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज के एक पखवाड़े के अथक परिश्रम से तैयार हो पाया है रामलीला परिसर, 1 दर्जन से अधिक लोग रोजाना कर रहे थे कार्य कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता गाजियाबाद। प्राचीन संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर धार्मिक रामलीला समिति, प्रह्लादगढ़ी, वसुंधरा और जीएचबी फाउंडेशन, साइट 4, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र के संयुक्त तत्वावधान में इंदिरापुरम थाना के पीछे, वसुंधरा सेक्टर 7 स्थित रामलीला मैदान में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली रामलीला मंचन की तैयारी पूरी हो चुकी है। जिसका उद्घाटन शनिवार की शाम सात बजे मुख्य अतिथि ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह, आईपीएस, पुलिस अधीक्षक नगर द्वितीय ट्रांस हिंडन के द्वारा किया जाएगा। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि अभय कुमार मिश्र, पीपीएस, क्षेत्राधिकारी तृतीय, वसुंधरा- इंदिरापुरम भी समारोह में मौजूद रहेंगे। इस रामलीला का मंचन 24 सितंबर से शुरू होगा, जो 6 अक्टूबर तक चलेगा और रावण दहन के साथ संपन्न होगा। इस बीच एक आकर्षक झांकी जुलूस भी निकाली जाएगी। रामलीला समिति के...

महापौर और निगम पार्षदों की सीटों पर लटक रही है आरक्षण की तलवार!

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महापौर और निगम पार्षदों की सीटों पर लटक रही है आरक्षण की तलवार! # बीजेपी के रणनीतिकारों ने ओबीसी-दलित-महिला सीटों के आरक्षण को लेकर समझदारी नहीं दिखाई तो 'ध्वस्त' हो सकता है बीजेपी का किला कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता गाजियाबाद। बीजेपी का गढ़ समझे जाने वाले गाजियाबाद में गाजियाबाद नगर निगम चुनाव 2022 में पार्टी की जीत  को दुहराने-तिहराने को लेकर पार्टी के नेता और रणनीतिकार बाहर से भले ही आश्वस्त दिखाई दे रहे हैं, लेकिन अंदरखाने में उनकी हलचल देखने-सुनने-गौर करने लायक है। वह इसलिए कि सवर्ण जनाधार वाली भाजपा जैसे-जैसे ओबीसी, दलितों और अल्पसंख्यकों को पटाने के लिए नए-नए तिकड़म बिठा रही है, वैसे वैसे जमीनी स्तर पर प्रभावित होने वाले सवर्ण राजनेता अपनी दलगत निष्ठा बदलकर अपना क्षेत्र बचाने की कोशिश में हाथ-पांव मारना शुरू कर देते हैं, जिससे बीजेपी का सवर्ण जनाधार दरक रहा है और चुनाव दर चुनाव करवट ले रहे मतदाताओं के रुख से इस बात की तस्दीक हो रही है।  देखा जा रहा है कि सवर्ण-अवर्ण की क्षुद्र सियासत से जो शहरी मतदाता कांग्रेस का दामन छोड़कर बीजेपी या अन्य क्षेत्रीय दलों की ओर चले गए थे, ...