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तीर्थस्थलों पर आकस्मिक भगदड़ से प्रबंधन की भूमिका पर सुलगते सवाल मांग रहे दो टूक जवाब

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तीर्थस्थलों पर आकस्मिक भगदड़ से प्रबंधन की भूमिका पर सुलगते सवाल मांग रहे दो टूक जवाब @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित सुप्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में गत रविवार को सुबह आरती के समय अचानक बेकाबू हुई भीड़ से मची भगदड़ से हुए हादसे में जहां 8 लोगों की जान चली गई, वहीं 26 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इससे भक्त और भगवान के व्याकुल अन्तर्सम्बन्धों के साथ-साथ मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर भी सुलगते हुए सवाल उठ हैं। ऐसा इसलिए कि अपने आपमें न तो यह पहली घटना है और न ही अंतिम! बावजूद इसके, बेगुनाहों की मौतों का यह सिलसिला कब थमेगा, विश्वास पूर्वक कुछ कहा नहीं जा सकता है, क्योंकि ब्रेक के बाद देश भर के सुप्रसिद्ध मंदिरों या फिर उससे जुड़े अनुष्ठानों में ऐसे हादसे होते रहते हैं। आंकड़े बताते हैं कि पहले भी भीड़ जुटने के बाद अचानक मचने वाली भगदड़ में कई जानें जा चुकी हैं। सिर्फ मंदिर ही नहीं, अन्य सेलिब्रेटिज के दीदार या यात्रा सम्बन्धी भीड़ बढ़ने के बाद भी महज एक छोटी सी अफवाह कई लोगों की जान ले लेती हैं और बहुतेरे लोगों को घायल कर जात...