असरगंज प्रखंड/नगर पंचायत के 'दशरथ मांझी' थे 'राम छबीला राय', स्थानीय विभूतियों की कमी नहीं!
असरगंज प्रखंड/नगर पंचायत के 'दशरथ मांझी' थे 'राम छबीला राय', स्थानीय विभूतियों की कमी नहीं! @ कमलेश पांडेय, सोशल ब्लॉगर बचपन की एक आंखों देखी घटनाक्रम आज साझा करता हूँ। वह इसलिए कि वर्तमान पीढ़ियों को वह सबकुछ बताया जाए जिससे सामूहिकता, पारिवारिकता और दूरदर्शिता का बोध होता है। पत्रकारिता की इस प्रवृत्ति को विकसित करने से ही समाज का भला होगा। दरअसल, मौजूदा असरगंज प्रखंड मुख्यालय से वाकिंग डिस्टेंस पर है मुंगेर के दूसरे अमर शहीद श्री विश्वनाथ राय जी का शहादत स्थल, जहां आपको अबतक स्मारक नहीं मिलेगा। जबकि ग्राम पंचायत राज रहमतपुर, (अब असरगंज नगर पंचायत) का यह प्रथम दायित्व होना चाहिए था। वहीं, प्रखंड मुख्यालय के पश्चिमी दीवार से सटा हुआ है 1970-80 के दशक के समाजवादी नेता श्री तारकेश्वर सिंह जी हत्याकांड स्थल, जो संविद सरकार के तारापुर विधायक विजय नारायण प्रशांत के घनिष्ठ सहयोगी थे। इनका भी स्मारक आजतक नहीं बना, जबकि अपने राजनेताओं से जुड़ी स्मृतियों को सहेजना हम सबका धर्म है। सच कहूं तो यह यशस्वी भूमि रही है गुलाम भारत में भी। एक से बढ़कर एक महापुरुष असरगंज प्रखंड...