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मार्च 14, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आखिर मतदाता सूची की खामियों को कौन और कैसे करेगा दूर?

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आखिर मतदाता सूची की खामियों को कौन और कैसे करेगा दूर? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक किसी भी देश में लोकतंत्र की सफलता वहां के नेताओं की नेकनीयती पर ही निर्भर करती है, क्योंकि वहां के जम्बोजेट प्रशासनिक अधिकारियों की फौज पर नियंत्रण प्रायः सत्ताधारी नेताओं का ही होता है। हमारे चतुर राजनेतागण यदि दूरगामी सियासी हितों की पूर्ति के लिए विपक्ष को भी साध कर चलें तो सोने पर सुहागा। यानी चित्त भी उनकी और पट्ट भी उन्हीं जैसों की। क्योंकि सत्ता पक्ष और विपक्ष की कुर्सियां तो प्रायः उन्हीं के बीच बदलती रहती हैं। यही वजह है कि पूरे प्रशासन पर कभी प्रत्यक्ष रूप से तो कभी अप्रत्यक्ष/परोक्ष रूप से उन्हीं लोगों का पूरा नियंत्रण होता है।  हालांकि, चतुरसुजान नेताओं और दृढ़प्रतिज्ञ अधिकारियों के बीच व्यक्तिगत हितों की पूर्ति हेतु अनवरत धींगामुश्ती चलती रहती है, जिसमें कभी नेता तो कभी अधिकारी एक-दूसरे पर भारी पड़ते रहते हैं। सच कहूं तो इसी चक्कर में कभी-कभी दोनों को अपनी-अपनी कुर्सियां तक गंवानी पड़ती है। आपने देखा होगा कि चुनावी दिनों में चुनाव आचार संहिता लागू होते ही प्...

रंगपर्व होली के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व को ऐसे समझिए

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रंगपर्व होली के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व को ऐसे समझिए @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार पर्व-त्यौहारों के देश भारत वर्ष में रंग पर्व होली का त्यौहार प्रमुखता से मनाया जाता है। यह सामाजिक सद्भावना बढ़ाने का लोकपर्व है। इसे वसंतोत्सव भी कहा जाता है। इस त्यौहार का सांस्कृतिक और आर्थिक महत्व भी है। इसके देशज पहचान को समझने के लिए हमें विभिन्न राज्यों के प्रचलनों पर गौर करना होगा। उनके स्थानीय भावों को वहां प्रचलित गवनई के माध्यम से समझना होगा। शास्त्रों में इसे शूद्रों अर्थात सेवकों का त्यौहार भी कहा जाता है। इस दिन नए सफेद वस्त्र पहनने और तरह तरह के पकवान खाने का भी रिवाज है। यूँ तो ब्रज की होली पूरे देश में प्रसिद्ध है। बरसाना की लठमार  होली की बात ही कुछ और है। राधा-कृष्ण को भी इस पर्व से जोड़ दिया गया है ताकि सांसारिक प्राणियों को उनका सुख मिलता रहे। वहीं, खान-पान के नजरिए से मालपुआ इस पर्व का सुप्रसिद्ध पकवान है, जिसको पकाने के तौर तरीके क्षेत्र के हिसाब से बदल जाते हैं। ठंडई इस दिन का प्रचलित पेय है जो भांग से बनती है। इसमें मेवा और दूध भी डाले जाते हैं। इन सब...