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SpaceX के आईपीओ को लेकर हुई ताजा घोषणा से वैश्विक शेयर बाजार क्यों और कैसे उछला? समझिए

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SpaceX के आईपीओ को लेकर हुई ताजा घोषणा से वैश्विक शेयर बाजार क्यों और कैसे उछला? समझिए @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक वैश्विक शेयर बाजार की दुनियादारी में SpaceX के IPO को लेकर हुई ताज़ा घोषणा ने वैश्विक शेयर बाजारों में उत्साह इसलिए पैदा किया क्योंकि यह केवल एक कंपनी की लिस्टिंग नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए भविष्य की "स्पेस + AI अर्थव्यवस्था" पर बड़ा दांव माना गया। क्योंकि SpaceX ने 135 डॉलर प्रति शेयर के भाव पर 75 अरब डॉलर जुटाने की घोषणा की, जिससे उसका शुरुआतीमूल्यांकन लगभग 1.77 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया। इसलिए यह इतिहास का सबसे बड़ा IPO बन गया।  सवाल है कि आखिर बाजार क्यों उछला? तो इसका जवाब निम्नलिखित है:- पहला, रिकॉर्ड-तोड़ मांग ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया: IPO के बाद SpaceX के शेयर पहले ही दिन लगभग 19% उछल गए और कंपनी का बाजार मूल्य 2 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर पहुंच गया। इससे यह संदेश गया कि निवेशक अभी भी बड़ी तकनीकी और नवाचार-आधारित कंपनियों में भारी निवेश करने को तैयार हैं। इससे निवेशकों को "भविष्य की अर्थव्यवस्था" का नया प्रतीक मिला।...

तीन भारतीयों की मौत के बाद 'अमेरिका-भारत' के रणनीतिक रिश्तों पर उठने लगे सवाल?

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तीन भारतीयों की मौत के बाद 'अमेरिका-भारत' के रणनीतिक रिश्तों पर उठने लगे सवाल? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक ओमान तट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में भारतीय नाविकों की मौत केवल एक मानवीय त्रासदी नहीं है, बल्कि इसके गहरे कूटनीतिक, सामरिक और आर्थिक निहितार्थ हैं। भारत ने इस घटना पर अमेरिका के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराया है और समुद्री जहाजों पर हमले रोकने की मांग की है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीयों की मौत ने एक स्थानीय सैन्य कार्रवाई को वैश्विक कूटनीतिक मुद्दा बना दिया है।  सच कहा जाए तो यह घटना बताती है कि पश्चिम एशिया का संघर्ष अब वैश्विक समुद्री व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और भारत-अमेरिका संबंधों को सीधे प्रभावित करने लगा है। यदि तनाव कम नहीं हुआ तो इसके असर तेल बाजारों से लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति तक महसूस किए जाएंगे।  हालांकि अंतरराष्ट्रीय संबंध "मित्रता" से अधिक "राष्ट्रीय हितों" पर आधारित होते हैं। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार और इं...