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अफगानिस्तान के बगराम एयरबेस पर अमेरिका की नजर, नहीं दिया तो लेने के देने पड़ेंगे?

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यदि अफगानिस्तान बगराम एयरबेस को अमेरिका को नहीं देता, तो लेने के देने पड़ सकते हैं?  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने हाल ही में दिए अपने एक बयान में साफ़ कहा है कि उनका प्रशासन अफगानिस्तान स्थित बगराम हवाई अड्डे को फिर से अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रहा है। दरअसल, ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया पर बयान देते हुए तालिबान को चेतावनी दी है कि यदि अफगानिस्तान ने यह एयरबेस अमेरिका को वापस नहीं दिया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इससे सवाल उठता है कि यदि अफगानिस्तान बगराम एयरबेस को अमेरिका को नहीं देता, तो अफगानिस्तान को लेने के देने पड़ सकते हैं?  दरअसल, दुनिया के थानेदार ट्रंप ने तर्क दिया है कि बगराम एयरबेस की भौगोलिक स्थिति अफगानिस्तान, ईरान, पाकिस्तान, भारत, तजाकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, चीन और रूस आदि पूर्व एशियाई, मध्य एशियाई और दक्षिण एशियाई देशों से नजदीकी के कारण अमेरिका की सुरक्षा और निगरानी के लिए अत्यंत जरूरी है। यही वजह है कि ट्रंप ने तर्कसम्मत तरीके से कहा कि, "हम इसे वापस लेने की कोशिश कर ...

वैश्विक कूटनीति का चातुर्य काल, मोदी डॉक्ट्रिन से मजबूत हुआ भारत

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वैश्विक कूटनीति का चातुर्य काल, मोदी डॉक्ट्रिन से मजबूत हुआ भारत @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक वैश्विक कूटनीति के चातुर्य काल का तात्पर्य उस दौर से है जब विश्व के देशों के बीच कूटनीति (राजनय) और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में निपुणता, समझदारी और रणनीतिक कुशलता अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। इस काल में देशों को सीमाओं के पार जटिल राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक संदर्भों में अपने हितों की रक्षा और विस्तार के लिए सूझ-बूझ, संतुलन, संवाद, और मध्यस्थता करनी पड़ती है। 21वीं सदी में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  वैश्विक कूटनीति के चातुर्य काल के अधिष्ठाता समझे जाते हैं। उन्होंने समकालीन विश्व को जो कूटनीतिक संदेश दिया है, वह ।मोदी डॉक्ट्रिन यानी मोदी सिद्धांत के नाम से मशहूर है। कहना न होगा कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का यह काल वैश्विक सत्ता संघर्ष, क्षेत्रीय विवाद, आर्थिक साझेदारी, तकनीकी और आर्थिक सहयोग तथा बहुपक्षीय कूटनीतिक पहलों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय माहौल को स्थिर और सकारात्मक बनाए रखने के लिए दक्षता और चतुराई की आवश्यकता पर जोर देता है। उदाहरण के रूप मे...