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Ramlala Temple Donation Theft Case: Protecting faith requires not just devotion, but also accountability.

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रामलला मंदिर दान चोरी प्रकरण: आस्था की रक्षा केवल श्रद्धा से नहीं, जवाबदेही से भी होगी        (client=ca-pub-6262725213669814) @ कमलेश पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक अयोध्या के श्री रामलला मंदिर में दानपात्रों से धन चोरी की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यह केवल एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, धार्मिक संस्थानों की विश्वसनीयता और उनके प्रशासनिक प्रबंधन से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। ऐसे समय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले का सार्वजनिक वक्तव्य विशेष महत्व रखता है। इस वक्तव्य का सबसे बड़ा संदेश यह है कि आस्था के केंद्र भी जवाबदेही से ऊपर नहीं हो सकते। यदि किसी धार्मिक संस्थान में सुरक्षा या प्रशासनिक व्यवस्था में चूक होती है, तो उसे छिपाने के बजाय स्वीकार करना और सुधारना ही उसकी गरिमा को बढ़ाता है। यही स्वस्थ संस्थागत संस्कृति का आधार है। राम मंदिर केवल एक भव्य निर्माण नहीं, बल्कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक चेतना, विश्वास और लंबे ऐतिहासिक संघर्ष का प्रतीक है। ऐसे संस्थान की प्रतिष्ठा उसकी ऊ...

International Plastic Bag Liberation Day: Targets incomplete due to illegal administrative recovery, who will decide democratic responsibility?

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अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्ति दिवस: अवैध प्रशासनिक वसूली से लक्ष्य अपूर्ण, लोकतांत्रिक जिम्मेदारी तय करेगा कौन?              client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक हर वर्ष 3 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्ति दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य एकल-उपयोग (सिंगल-यूज़) प्लास्टिक बैग के दुष्प्रभावों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को प्रोत्साहित करना है। भारत में भी प्लास्टिक पर नियंत्रण के लिए कानून बनाए गए, प्रतिबंध लागू हुए और समय-समय पर विशेष अभियान चलाए गए। इसके बावजूद आज भी अधिकांश बाजारों में प्रतिबंधित प्लास्टिक बैग खुलेआम बिकते और उपयोग होते दिखाई देते हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब कानून मौजूद हैं, तब उनका प्रभावी पालन क्यों नहीं हो पा रहा? यदि प्रशासन केवल छापेमारी और जुर्माने तक सीमित रह जाए, जबकि प्रतिबंधित प्लास्टिक का उत्पादन, आपूर्ति और बिक्री निर्बाध चलती रहे, तो अभियान का उद्देश्य अधूरा ही रहेगा। कई स्थानों पर यह आरोप भी सुनने को मिलता है कि नियम...