Building a Non-violent World and India's Role
अहिंसक विश्व का निर्माण और भारत की भूमिका https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक अहिंसा का अर्थ केवल किसी को शारीरिक कष्ट न पहुँचाना ही नहीं है, बल्कि मन, वचन और कर्म से किसी के प्रति द्वेष, घृणा या हिंसा की भावना न रखना भी है। आज विश्व के अनेक देश युद्ध, आतंकवाद, हिंसा, जातीय संघर्ष और पर्यावरणीय संकट जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में एक अहिंसक विश्व की स्थापना मानवता की सबसे बड़ी आवश्यकता है। भारत ने प्राचीन काल से ही पूरे विश्व को शांति, प्रेम, करुणा और अहिंसा का संदेश दिया है। भले ही हिंसा प्राकृतिक है, लेकिन अहिंसा मानवोचित सराहनीय प्रवृति है। इसलिए हिंसक भावना को हतोत्साहित करने का प्रयत्न करते रहना चाहिए। इसी परिप्रेक्ष्य में सवाल उठता है कि आखिर अहिंसक विश्व का निर्माण कैसे होगा? और इसमें भारत की क्या भूमिका होगी? तो सुस्पष्ट जवाब यह होगा कि अहिंसक विश्व का निर्माण तभी संभव है जब सभी देश शांति, प्रेम, सत्य, सहिष्णुता, आपसी सम्मान और संवाद का मार्ग अप...