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क्रिप्टो करेंसी पर प्रतिबंध नहीं, बल्कि करारोपण के उपाय करेगी सरकार!

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क्रिप्टो करेंसी पर प्रतिबंध नहीं, बल्कि करारोपण के उपाय करेगी सरकार! @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार क्रिप्टो करेंसी बिल के पिछले मसौदे में सरकार द्वारा इस पर बैन लगाने की बात कही गई थी, हालांकि वित्त मंत्रालय अब इस बिल में संशोधन करने जा रहा है, ताकि उसे संसद के शीतकालीन सत्र में प्रस्तुत किया जा सके। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में दिए एक बयान में कहा था कि क्रिप्टोकरेंसी पर पूर्ण बैन पर विचार नहीं हो रहा है, लेकिन सरकार इन अस्थिर डिजिटल करेंसी के प्रति सतर्क रुख अपनाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि भारतीय रिजर्व बैंक एक सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी को लॉन्च कर सकता है। वहीं, रेवेन्यू सेक्रेटरी तरुण बजाज ने कहा कि मंत्रालय यह विचार कर रहा है कि जब लोग क्रिप्टोकरेंसी से पैसा कमाएं तो वो टैक्स का सुनिश्चित भुगतान करें। उन्होंने कहा कि यदि आप क्रिप्टोकरेंसी में लाभ कमाते हैं, यदि आप किसी विशेष डील से पैसा बनाते हैं, तो भारत सरकार उससे टैक्स हासिल करना चाहेगी। भले ही यह कानूनी रूप से वैध हो या ना हो, लेकिन हम अपना टैक्स रेवेन्यू चाहते हैं। बता दें कि बहुत से लोग बि...

चिराग तले अंधेरा, आखिर वैश्य समाज कैसे पड़ गया इतना अकेला!

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चिराग तले अंधेरा, आखिर वैश्य समाज कैसे पड़ गया इतना अकेला! @ राजपथ/अशोक कौशिक, संपादक औद्योगिक नगरी गाजियाबाद में वैश्य सियासत की एक अलग और अलहदा पहचान रहती आई है। दल कोई भी हो, पर इस उर्वर समाज के सपूत वहां मुख्य भूमिका में अवश्य मौजूद रहते हैं। सिर्फ आजादी के बाद ही नहीं, बल्कि उससे पहले से भी! महात्मा गांधी, राममनोहर लोहिया, नरेंद्र मोदी, नरेश अग्रवाल, प्रेमचंद गुप्ता, अरविंद केजड़ीवाल जैसे अनेक धुरंधर राजनीतिज्ञों के सियासी दाना-पानी का जुगाड़ करने-करवाने में भी इस समाज के स्थानीय कर्णधारों ने समय समय पर महती भूमिका निभाई है। फलस्वरूप यहां के वैश्य समाजसेवियों को भी राजनीतिक, प्रशासनिक व कारोबारी महकमे में अच्छे अच्छे ओहदे मिले हैं।  आखिर ऐसे प्रभावशाली समाज के समकालीन कर्णधारों द्वारा लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में गत दिनों आयोजित अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के दर्शक दीर्घा में लोगों की नाम मात्र की मौजूदगी या यों कहें कि आमलोगों व कार्यकर्ताओं से ज्यादा नेताओं की मौजूदगी न केवल हैरान करती है, बल्कि भारतीय जनता पार्टी का एक मजबूत जनाधार समझे जाने वाले इस समाज के ना...