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बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के नेतृत्व की तारीफ की

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बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के नेतृत्व की तारीफ की # नीतीश सरकार में सम्राट चौधरी की कोई नहीं सुनता है, इन बातों का दो टूक खंडन किया  भास्कर ब्यूरो नई दिल्ली/पटना। बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने उन खबरों का खंडन किया है, जिसमें यह बताया गया है कि नीतीश सरकार में सम्राट चौधरी की कोई नहीं सुनता है। मंत्री श्री चौधरी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके बताया है कि ऐसी बातें सरासर असत्य एवं मनगढ़ंत व काल्पनिक है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए एकजुट है। बिहार में लंबे समय से विकास कार्य किए जा रहे हैं। पंचायती राज विभाग में भी कई बड़े फैसले मुख्यमंत्री श्री कुमार के कुशल व प्रगतिशील नेतृत्व में ही लिए गए हैं।  बता दें कि गत 2 अगस्त को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार में ए.एन.आई न्यूज़ के कैमरा सहायक विजय कुमार के द्वारा मुख्यमंत्री श्री कुमार से पूछा गया कि कैबिनेट मंत्री पंचायती राज विभाग सम्राट चौधरी के द्वारा कहा जा रहा है कि सरकार में मेरी कोई नही...

एक सफल राजनीतिज्ञ बनने के लिए राजनीति के इन विशिष्ट कौशलों को अपनाइए, आज इनकी बहुत है जरूरत!

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एक सफल राजनीतिज्ञ बनने के लिए राजनीति के इन विशिष्ट कौशलों को अपनाइए, आज इनकी बहुत है जरूरत! @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार किसी भी संवैधानिक लोकतंत्र में सियासत ही वह कुंजी है, जिसके समुचित संचालन से सम्बन्धित देश की समुन्नति संभव हो सकती है। अमूमन हरेक देश के नागरिक सुख-शांति-समृद्धि की तो आकांक्षाएं रखते हैं, लेकिन उसके अनुरूप राजनीतिक शिष्टाचार विकसित करने वाले दलों को बढ़ावा देने में कुछ निहित स्वार्थवश विफल भी रह जाते हैं। भारत वर्ष को इसका एक उदाहरण समझा जा सकता है, जिसने किसी न किसी विदेशी दबाव में उन लोकतांत्रिक अथवा मानवीय मूल्यों से ही समझौता कर लिया, जो उसे प्राचीन काल से ही विरासत में प्राप्त है।  देखा जाए तो जनहित के नजरिए से भारतीय प्रशासनिक व न्याय व्यवस्था कतिपय मोर्चे पर विफल प्रतीत हो रही है, जिसके लिए कहीं न कहीं हमारी क्षुद्र राजनीति ही जिम्मेदार है, क्योंकि जब कानून निर्माण में ही त्रुटियां या कमियां होंगी तो फिर तर्क-वितर्क-कुतर्क को कौन रोक सकता है। इसलिए यदि हमलोग एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण करना चाहते हैं तो हमें अच्छे राजनेताओं को न केवल प्रशिक्...