एक सफल राजनीतिज्ञ बनने के लिए राजनीति के इन विशिष्ट कौशलों को अपनाइए, आज इनकी बहुत है जरूरत!
एक सफल राजनीतिज्ञ बनने के लिए राजनीति के इन विशिष्ट कौशलों को अपनाइए, आज इनकी बहुत है जरूरत!
@ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
किसी भी संवैधानिक लोकतंत्र में सियासत ही वह कुंजी है, जिसके समुचित संचालन से सम्बन्धित देश की समुन्नति संभव हो सकती है। अमूमन हरेक देश के नागरिक सुख-शांति-समृद्धि की तो आकांक्षाएं रखते हैं, लेकिन उसके अनुरूप राजनीतिक शिष्टाचार विकसित करने वाले दलों को बढ़ावा देने में कुछ निहित स्वार्थवश विफल भी रह जाते हैं। भारत वर्ष को इसका एक उदाहरण समझा जा सकता है, जिसने किसी न किसी विदेशी दबाव में उन लोकतांत्रिक अथवा मानवीय मूल्यों से ही समझौता कर लिया, जो उसे प्राचीन काल से ही विरासत में प्राप्त है।
देखा जाए तो जनहित के नजरिए से भारतीय प्रशासनिक व न्याय व्यवस्था कतिपय मोर्चे पर विफल प्रतीत हो रही है, जिसके लिए कहीं न कहीं हमारी क्षुद्र राजनीति ही जिम्मेदार है, क्योंकि जब कानून निर्माण में ही त्रुटियां या कमियां होंगी तो फिर तर्क-वितर्क-कुतर्क को कौन रोक सकता है। इसलिए यदि हमलोग एक अच्छे राष्ट्र का निर्माण करना चाहते हैं तो हमें अच्छे राजनेताओं को न केवल प्रशिक्षित करना होगा, बल्कि उन्हें आगे भी बढ़ाना होगा।
एक संवेदनशील पत्रकार में रूप में मैं यह महसूस करता हूँ कि देश में राजनीतिक सुचिता स्थापित करने के लिए और इसका लाभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मुताबिक समाज के सबसे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए इसे नीति-निपुण बनाना होगा। इस दिशा में कतिपय आवश्यक कानूनी बदलाव भी अपेक्षित हैं, जिसे करने में वही संसद कारगर साबित हो सकती है, जिसके सदस्य ज्ञानवान, विवेकवान और कर्मशील तो हों ही, वह विभिन्न प्रकार के राग-द्वेष और अनर्गल प्रलापों से परे हों और आपराधिक व भ्रष्टाचार के आरोपों से मुक्त भी। चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, यदि उनके व्यक्तिगत या सार्वजनिक आचरण में उन्नीस-बीस का भी अंतर होगा, तो वह राष्ट्रीय पैमाने व मानवीय मूल्यों पर उस तरह से खरे नहीं उतर पाएंगे, जैसा कि कोई सभ्य व प्रबुद्ध समाज उनसे अपेक्षा रखता है।
सच कहा जाए तो किसी भी देश में स्वस्थ राजनीति को बढ़ावा देने के लिए हमें उन महत्वपूर्ण बातों पर गौर करना होगा, जो राजनीतिक व सामाजिक रुझान रखने वाले एक व्यक्ति को परिपक्व राजनेता के रूप में स्थापित करने की दिशा में बेहद कारगर साबित हो सकते हैं। क्योंकि राजनीतिक संचार एक चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है जो कौशल के एक अद्वितीय सेट की मांग करता है।
दरअसल, एक तरफ काम आपको किसी ऐसे कारण या उम्मीदवार पर ध्यान केंद्रित करने की अनुमति देता है जिस पर आप अटूट विश्वास करते हैं। लेकिन सर्वविदित है कि राजनीति के लिए भी मोटी त्वचा और त्वरित बुद्धि की आवश्यकता होती है। इसलिए राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक, इस क्षेत्र में सफल होने के लिए एक मजबूत लेखक, एक गहन शोधकर्ता और एक धैर्यवान श्रोता होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि यह गुण आपमें विकसित होता है तो देश व समाज को आपसे अधिकाधिक लाभ मिलेगा।
वैसे तो यह बात हर किसी को चुनौतीपूर्ण लगती है और यह है भी, लेकिन मास्टर ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (एमपीए) जैसी उन्नत डिग्री आपको इस कंटकाकीर्ण पथ पर मार्गदर्शन करने में मदद कर सकती है। किसी कार्यक्रम पर विचार करते समय आप यह सुनिश्चित करें कि आप उन मुख्य कौशलों पर ध्यान केंद्रित करते हैं जिनकी आपको सफल होने के लिए महती आवश्यकता होगी। इनमें नीचे बताए गए सियासी कौशल आपके लिए अहम हो सकते हैं।
पहला, किसी भी राजनीतिज्ञ के लिए लेखन और अनुसंधान कौशल बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि इस भूमिका में व्यापक लेखन और शोध कौशल की जरूरत पग पग पर पड़ती है। आपको प्रेस विज्ञप्ति, भाषण और सोशल मीडिया पोस्ट सहित कई अलग-अलग प्रकार के लेखन या पत्राचार पर एक दृढ़ नियंत्रण रखना होगा। आपका अधिकांश समय आपके कारण या आपके उम्मीदवार के बारे में प्रेस विज्ञप्ति तैयार करने में ही व्यतीत होगा। इसके अलावा, इन्हें त्रुटिहीन रूप से लिखने की भी आवश्यकता होगी, क्योंकि वे अभियान, राजनेता या जनता के लिए किसी न किसी कारण का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसलिए प्रेस विज्ञप्ति स्पष्ट रूप से लिखी जानी चाहिए ताकि संदेश को समझना आसान हो। यह शक्तिशाली रूप से लिखा जाए ताकि संदेश याद रहे। अमूमन, यह केवल एक इंटरऑफिस मेमो नहीं है, बल्कि एक संचार माध्यम है जो आपके संगठन के लिए खड़ा होगा। लिहाजा, आप अपने उम्मीदवार या संगठन के लिए भाषण तैयार करने के लिए भी जिम्मेदार हो सकते हैं। इसके लिए इच्छित संदेश के साथ-साथ सुनने वाले श्रोताओं की दृढ़ समझ की भी आवश्यकता होती है। भाषण के मुख्य बिंदुओं, प्रवाह और स्वागत के बारे में प्रतिक्रिया एकत्र करने के लिए फोकस समूह पर भाषण का परीक्षण करें। यही समझ आपको एक दिन उचित मुकाम तक पहुंचाएगी।
दूसरा, राजनीति में सफल होने के लिए पब्लिक स्पीकिंग और प्रेजेंटेशन स्किल्स में भी आपको निष्णात होना होगा। एक राजनीतिक संचारक के रूप में, आप विभिन्न आयोजनों में उम्मीदवार, संगठन या पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसलिए आपके सार्वजनिक बोलने और प्रस्तुतिकरण का कौशल ऐसा होना चाहिए, जो आपको एक शांत, जानकार और कुशल पेशेवर के तौर पर प्रतिबिंबित कर सके। एक बेहतर प्रस्तुति देने के लिए अपने शोध को इकट्ठा करते समय यह सुनिश्चित करें कि आप वास्तव में इसकी समुचित और अद्यतन जानकारी रखते हैं और इसको पूरी तरह से समझते हैं। इसलिए आप किसी भी विषय-वस्तु के विशेषज्ञ बनें। यह न केवल आपकी प्रस्तुति बल्कि आपके आत्मविश्वास में भी सुधार करेगा। यह आपकी संभावना को कम कर सकता है कि जब कोई व्यक्तिगत या समूहगत हित का प्रश्न आपको अंधा कर देगा। इसलिए आप अपने भाषण या प्रस्तुति का अभ्यास तब तक करें, जब तक कि आप इसमें पर्याप्त रूप से सहज न हो जाएं। बोलते वक्त ऐसा प्रतीत हो कि यह सब स्वाभाविक लगता है। किसी भी कीमत पर आपको स्लाइड को पढ़ने की आवश्यकता नहीं है। इससे आपके प्रति श्रोताओं में एक दृढ़ विश्वास पैदा होगा और वह आपके मजबूत समर्थक बने रहेंगे। सियासत में इसी के लिए तो राजनेता तरसते हैं।
तीसरा, एक राजनेता के लिए सोशल मीडिया का ज्ञान बहुत जरूरी है। इससे पता चलता है कि देश व समाज में क्या चल रहा है। सोशल मीडिया का राजनीतिक अभियान आपकी किस्मत को बना या बिगाड़ सकता है। भले ही सोशल मीडिया किसी भाषण या प्रस्तुति से अधिक आकस्मिक लगता है, इसलिए इसे उतनी ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए, जितनी गम्भीरता आप अन्य महत्वपूर्ण बातों व उसके माध्यमों पर दिखाते हैं। आपके किसी भी ट्वीट, पोस्ट या अपडेट को अभियान या संगठन के व्यापक आख्यान का समर्थन करना चाहिए, जो स्पष्ट, अच्छी तरह से लिखे गए और रचनात्मक होने चाहिए। इस बात में कोई दो राय नहीं कि सोशल मीडिया किसी उम्मीदवार के अपेक्षाकृत अनौपचारिक होने के लिए एक मंच के रूप में काम कर सकता है, लेकिन इसे हमेशा किसी पेशेवर की तरह ही होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोशल मीडिया का समुचित उपयोग करने के लिए और इसके सीधे घटकों से जुड़ने के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके लिए, यह राजनीति के लिए एक व्यक्तिगत दृष्टिकोण है। सोशल मीडिया पर विचार करते समय, आपके द्वारा चुना गया मंच उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि आप कहते हैं। इसलिए आप भी अपने लक्षित दर्शकों का पता लगाएं और उस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का चयन करें जो सबसे अधिक समझ में आता है। यदि आपमें यह समझ विकसित हो जाती है तो अन्य लोग आपसे अपना मुकाबला करने में भी हिचकिचाएंगे।
चतुर्थ, किसी भी सियासतदान के लिए अपने दर्शकों को समझना काफी महत्वपूर्ण होता है। सियासी-संचार में किसी भी सफल करियर की कुंजी आपके दर्शकों को जानना है। चाहे वह ट्वीट हो, भाषण हो या प्रेस विज्ञप्ति हो, आपके दर्शकों को गलत तरीके से पढ़ने जैसा विनाशकारी कुछ भी नहीं है। इसलिए, अपने दर्शकों के बारे में जानें और वे किस बारे में चिंतित हैं इसे पहचानें, ताकि आप उन्हें अपने संदेश की परवाह करने का एक कारण प्रदान कर सकें। उदाहरण के लिए, किसी समुदाय के बारे में, किसी माता-पिता के समूह से बात करते समय, आप यह विचार करें कि उनके लिए कौन से विषय महत्वपूर्ण हैं। सबसे अधिक संभावना है कि इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कर, पेयजल, मिलावट रहित खाद्य सामग्री, आवास, साफ-सफाई और पास-पड़ोस की सुरक्षा जैसे विषय शामिल होंगे। वास्तव में, दर्शकों को यह महसूस करने की ज़रूरत है कि आप उनकी कितनी परवाह करते हैं, इसलिए अपने संदेशों को व्यक्त करने के तरीके में आप हमेशा रणनीतिक रहें। यही गुण आपको अन्य नेताओं से अलग रखेगा और अतिरिक्त ऊंचाइयां प्रदान करेगा।
पंचम, किसी भी राजनेता की दक्षता उसके संकट प्रबंधन के तौर तरीकों और आसन्न समस्या के समुचित समाधान को निकालने से होती है। शायद राजनीति में संचार कार्य का सबसे चुनौतीपूर्ण पहलू संकट प्रबंधन ही होता है। गो-टू कम्युनिकेटर के रूप में, संकट की स्थिति में हर कोई योजना के लिए आपकी ओर ही अपना रुख करेगा। इससे पहले कि आप कुछ भी ठीक कर सकें, आपको यह विश्लेषण करना होगा कि सम्बन्धित समस्या विभिन्न सामाजिक व सियासी घटकों को कैसे दिखाई देती है। फिर आप यह मूल्यांकन करें कि इस स्थिति को किस तरह से ठीक किया जाए, कि यह वास्तविक के रूप में सबके सामने आए। चाहे इसका मतलब दिल से सार्वजनिक माफी मांगने के रूप में निकले, या एक ईमानदार स्पष्टीकरण के तौर पर, या फिर सम्बन्धित समर्थन का सार्वजनिक प्रदर्शन हो, यह आप तय करें कि इस स्थिति के लिए क्या करना आपके लिए मायने रखता है। आप यह सदैव याद रखें कि आम तौर पर लोग वापसी की कहानी पसंद करते हैं। इसलिए आप यह सुनिश्चित करें कि आप शिकायती घटकों को सुनकर, पारदर्शिता को प्राथमिकता देकर और प्रभावी स्टाफ सदस्यों को काम पर रखकर समस्याओं को जल्द से जल्द पकड़ें और उनका त्वरित समाधान दें। एक राजनीतिक संचारक के रूप में, आप किसी भी अभियान के व्यापक संदेश को समझें और इसे तैयार करने में तौर तरीकों में शामिल हों।
अंततोगत्वा, यही कहना श्रेयस्कर होगा कि विभिन्न प्रकार के महत्वपूर्ण राजनैतिक कौशल विकसित करना किसी भी राजनेता के लिए आवश्यक और महत्वपूर्ण है ताकि आप यथासंभव प्रभावी हो सकें और सामान्य नुकसान से न केवल खुद बच सकें, बल्कि अपने लोगों को भी बचा सकें। ऐसा करके ही आप अपने राष्ट्र को मजबूत कर सकते हैं। उसे लाभ के गहन अंधकार से निकालकर त्याग के प्रकाशमय पथ की ओर अग्रसर कर सकते हैं।
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