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After all, who will give a proper answer to the questions raised on anethol mixed petrol?

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आखिर एनाथाल मिश्रित पेट्रोल पर उठते सवालों का माकूल जवाब कौन देगा? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (Ethanol Blended Petrol - EBP) को लेकर जनमानस में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। भले ही केंद्र सरकार और उसके मुलाजिम इस नीति के पक्ष में लगातार तर्क देते आए हैं, लेकिन कुछ मुद्दों पर लोगों और विशेषज्ञों को लगता है कि पर्याप्त स्पष्टता नहीं दी गई है। मजे की बात तो यह है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर उठने वाले सवालों का जवाब देने की प्राथमिक जिम्मेदारी अलग-अलग संस्थाओं की है, जो इस प्रकार हैं:- पहली, भारत सरकार: नीति बनाने, उसके उद्देश्यों और प्रभावों को स्पष्ट करने की मुख्य जिम्मेदारी सरकार की है। दूसरी, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय: एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम, उसके वैज्ञानिक आधार और नीति संबंधी प्रश्नों का उत्तर देने वाला प्रमुख मंत्रालय। तीसरी, भारतीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड तथा तेल विपणन कंपनियां: ईंधन की गुणवत्ता, उपलब्धता और उपभोक्ताओं से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर जानकारी देने की ज...

After all, why are peace agreements between America and Iran being broken again and again? Who is responsible?

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आखिर अमेरिका और ईरान के शांति समझौते बार बार क्यों टूट जा रहे हैं? जिम्मेदार कौन? https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक ईसाई मुल्कों का अगुवा अमेरिका और इस्लामिक देशों का कथित अगुवा ईरान के बीच होने वाले शांति समझौते बार-बार यानी ब्रेक के बाद टूट जा रहे हैं। यह स्थिति वैश्विक शांति और प्रगति के लिए अच्छी नहीं समझी जा सकती है।सवाल है कि आखिर इन शांति समझौतों के टूटने की क्या वजह है? क्या कतर, पाकिस्तान और कुवैत जैसे मुल्क इनके बीच मध्यस्थता करवाने में विफल हो चुके हैं? या फिर अमेरिका-ईरान के अंतरराष्ट्रीय दांवपेंच इनकी समझ से बाहर हैं!  राजनीतिक व कूटनीतिक विश्लेषकों की मानें तो इसका  कारण केवल एक घटना नहीं, बल्कि दशकों से चली आ रही गहरी अविश्वास की राजनीति है। इसके पीछे जी-7 और ब्रिक्स के अलावा ओआईसी देशों की खल नीति का  भी बड़ा हाथ है। भोजपुरी में एक कहावत है- "जबरा मारे, रोवन न दे।" यानी कि मजबूत व्यक्ति किसी की लक्षित पिटाई करता है तो रोने भी नहीं देता ह...