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A total of 13 speeches delivered by Prime Minister Narendra Modi from the ramparts of the Red Fort contain an important saga of development and systemic change.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाल किले के प्राचीर से दिए गए कुल 13 भाषणों में अंतर्निहित है विकास और व्यवस्थागत बदलाव की महत्वपूर्ण गाथा @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक भारतीय राजनीति और प्रशासन में प्रधानमंत्री 'नरेंद्र मोदी युग' का खास महत्व है, क्योंकि यही वह अवधि है जब एक विकासशील देश भारत की 'विकसित भारत 2047' की यात्रा प्रारंभ की गई। राष्ट्र हित में इस परिकल्पना को न केवल गढ़ा गया, बल्कि कतिपय युगांतरकारी फैसलों से उन्हें हर भारतीय के मनोमस्तिष्क पर मढ़ने की अनवरत कोशिशें चलती रहीं, जो आज भी जारी है। इस दौर में जिस तरह से आपदा को अवसर में बदलने की जद्दोजहद शुरू हुई, वह सभी के लिए अनुकरणीय है। देखा जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 से 2026 तक लालकिले के प्राचीर से दिए गए 13 स्वतंत्रता दिवस संबोधनों को केवल भाषणों की श्रृंखला मानना अधूरा होगा, क्योंकि इनमें एक स्पष्ट नीति-यात्रा दिखाई देती है—2014 में “न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन” और जनभागीदारी से शुरुआत, फिर गरीब कल्याण व बुनियादी सुविधाएँ, डिजिटल भारत और औपचारिक आर्थिक सुधार, उ...