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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अप्रत्याशित इस्तीफे के मायने को ऐसे समझिए

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अप्रत्याशित इस्तीफे के मायने को ऐसे समझिए @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक यह अजीबोगरीब संयोग है कि आधुनिक समाजवादी-राष्ट्रवादी पत्रकारिता के भीष्म पितामह और राष्ट्रीय कला केंद्र, नई दिल्ली के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने गत रविवार को सत्याग्रह मंडपम, गांधी दर्शन राजघाट में दिग्गज पत्रकार प्रभाष जोशी की याद में आयोजित एक विशिष्ट कार्यक्रम में एक केंद्रीय मंत्री व एक उपमुख्यमंत्री की मौजूदगी में इशारों ही इशारों में पिछली आधी सदी से नई दिल्ली में जारी जिस "बौद्धिक प्रपंच" का अनायास ही जिक्र किया, उसके महज 24 घण्टे बाद ही देश के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने अप्रत्याशित रूप से निज स्वास्थ्य के आधार पर अपने पद से इस्तीफा देकर यहां जारी एक और नए "बौद्धिक प्रपंच" की आशंकाओं पर अपनी दो टूक मुहर लगा दी। जिससे यह साफ हो चुका है कि आरएसएस-भाजपा में जारी रस्साकशी से ऊपर से लेकर नीचे तक के लोग प्रभावित हो रहे हैं और आगे भी हो सकते हैं, चाहे कोई कितना भी बड़ा क्यों न हो! कहना न होगा कि जिस तरह से उपराष्ट्रपत...