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नवजात को स्तनपान कराने से मृत्यु दर में आती है कमी,दस्त, रोग और निमोनिया के खतरे भी होते हैं कम

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(विश्व स्तनपान सप्ताह 1 से 7 अगस्त पर विशेष) नवजात को स्तनपान कराने से मृत्यु दर में आती है कमी, दस्त, रोग और निमोनिया के खतरे भी होते हैं कम @ कमलेश पांडेय/ वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार बच्चे देश के भविष्य हैं। इसलिए उनके जन्म से लेकर परवरिश तक माता-पिता के साथ साथ सरकार व उनके सम्बन्धित विभाग भी सतर्क रहते हैं। यह उनका कर्तव्य है और दायित्व भी। आंकड़े बताते हैं कि जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान कराने से नवजात मृत्यु दर में 33 फीसद तक कमी लायी जा सकती है। यह बात पीएलओएस वन जर्नल की ब्रेस्टफीडिंग मेंटनालीसिस रिपोर्ट-2017 से जाहिर होती है।  इसके अलावा, छ्ह माह तक शिशु को स्तनपान कराने से दस्त, रोग और निमोनिया के खतरे में क्रमशः11फीसद और 15 फीसद कमी लायी जा सकती है। यह बात लांसेट स्टडी-मैटरनल एंड चाइल्ड न्यूट्रिशन सीरीज 2008 के अनुसार सम्पुष्ट है। नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-4 (2015-16) के अनुसार, प्रदेश में एक घंटे के अंदर स्तनपान की दर 25.2 फीसद और छह माह तक केवल स्तनपान की दर 41.6 फीसद है। यही वजह है कि स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए  सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थान लोग...