संदेश

जून 30, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

साइटोमेगालो वायरस क्या है? इसके क्या क्या लक्षण हैं? यह कैसे फैलता है?

चित्र
साइटोमेगालो वायरस क्या है? इसके क्या क्या लक्षण हैं? यह कैसे फैलता है?  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार यदि आप कोविड 19 यानी कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं तो आपके लिए कतिपय मामलों में अतिशय सावधानी  जरूरी है। यह प्रबल संभावना है कि आप साइटोमेगालो वायरस के भी शिकार हो सकते हैं। इसलिए अब आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि साइटोमेगालो वायरस क्या है? इसके होने के क्या-क्या लक्षण हैं? यह आमलोगों में कैसे फैलता है? क्या यह जीवन भर आपके साथ रहता है? और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि यह बच्चों को कैसे प्रभावित करता है? यह बताने से पहले आपको स्पष्ट कर दूं कि यदि आप कोरोना वायरस कोविड 19 से संक्रमित हुए थे और फिर ठीक हो गए हैं तो कदापि निश्चिंत नहीं होइए। क्योंकि कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद भी कतिपय लोगों को विभिन्न तरह की समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है। ऐसे लोगों ने पहले ब्लैक फंगस, उसके बाद व्हाइट फंगस, फिर येलो फंगस, ततपश्चात ग्रीन फंगस का खतरा झेला।इससे उतपन्न परेशानियों के निदान के लिए जगह जगह भटके। और अब एक नए वायरस से संक्रमण की खबरें सामने...

समाजवादी सियासत का सौम्य चेहरा रहे शरद यादव की आज भी है उपयोगिता

चित्र
समाजवादी सियासत का सौम्य चेहरा रहे शरद यादव की आज भी है उपयोगिता #  75 साल के 'बूढ़े समाजवादी शेर' के कंधे पर कोरोना काल ने दे दी है और महती जिम्मेदारी कमलेश पांडेय/ वरिष्ठ पत्रकार नई दिल्ली। समाजवादी नेता शरद यादव अपने जीवन के  पचहत्तरवें वर्ष में 1 जुलाई को पहुंच गए। उनका जन्म  मध्य प्रदेश के जिला होशंगाबाद के मालवा (नर्मदापुरम)   अंतर्गत ग्राम आँखमऊ, बाबई में हुआ। जिसका प्राकृतिक  सौंदर्य माँ नर्मदा की गोद में बसे होने और सतपुड़ा के राष्ट्रीय उद्यान व निकटस्थ जंगल में आदिवादियों की संस्कृति की झलक और पचमढ़ी वन्य जीवन आदि के चलते विश्वविख्यात है।  यहां के प्राकृतिक मनोरमता की छाप उनके स्वभाव पर भी पड़ी है। शरद यादव बहुत ही शांत, साहसी और मितभाषी स्वभाव के व्यक्ति हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव से और उच्च शिक्षा जबलपुर से हुई। उनके राजनीति सफर की शुरुआत छात्र जीवन के दौरान ही हो गई। वे पहली बार सन 1974 में जबलपुर से सांसद चुने गए। उन दिनों कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों के विरोध में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आहवान पर देश में “संपूर्ण क्रति”...

एक राष्ट्र, एक सॉफ्टवेयर’ योजना से भूमि विवादों पर लगेगी लगाम

एक राष्ट्र, एक सॉफ्टवेयर’ योजना से भूमि विवादों पर लगेगी लगाम @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भारत सरकार ने भूमि व भवन जैसी स्थायी परिसम्पत्तियों से जुड़े संदिग्ध लेनदेन को कम करने, इनसे जुड़े विवादों को रोकने में मदद हासिल करने और इससे जुड़ी अदालती प्रणाली के बाधित होने की प्रक्रिया को भी कम करने के लिए डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) को लागू करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इस कार्यक्रम में संपत्ति व उसे जुड़े दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन के लिए ‘एक राष्ट्र, एक सॉफ्टवेयर’ योजना के तहत 10 राज्यों में एनजीडीआरएस लागू की जा रही है। इसके अलावा, साल 2021-22 तक यूएलपीआईएन लागू की जाएगी। इसके तहत 2023-24 तक व्यक्तिगत आधार कार्ड को भूमि खाता बही (लैंड रिकॉर्ड) के साथ जोड़ा जाएगा।  इसके निमित्त सरकार नेशनल कॉमन डॉक्युमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एनजीडीआरएस) और यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूएलपीआईएन) लागू करेगी, ताकि जमीन के रिकॉर्ड्स को एकीकृत व समन्वित (इंटीग्रेटेड) किया जा सके और रेवेन्यू एवं रजिस्ट्रेशन को जोड़ने की पारदर्शी व्यवस्था बनाई ज...

ऐसे प्राप्त करें सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ, दीजिये इन बातों पर विशेष ध्यान

ऐसे प्राप्त करें सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ, दीजिये इन बातों पर विशेष ध्यान @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार बेटी प्रकृति की बहुमूल्य उपहार है। इससे लिंग भेद न किया जा सके, इसके लिए सरकार सतर्क है। वह लोकलुभावन योजना लाए हुए है। सुकन्या समृद्धि योजना उन्हीं में से एक है। यह क्या योजना है और कैसे इसका लाभ लिया जा सकता है, यह जानना, समझना और बुझना आज हर बेटी के बाप के लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि भारत में गिरता लिंगानुपात समाज के हर वर्ग के लिए चिंता का सबब बन चुका है। इस स्थिति में सुधार लाने के लिए महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों के लिए केंद्र व राज्य सरकारों के द्वारा कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं।  इसी कड़ी में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत की है। जिसका उद्देश्य बेटियों की पढ़ाई और उनकी शादी पर आने वाले खर्च को आसानी से पूरा करना है। इस योजना के अंतर्गत बेटी की पढ़ाई व शादी के लिए डाक विभाग के पास ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ का अकाउंट खुलवाया जा सकता है। उसके लिए किसी भी पोस्ट ऑफिस के साथ अकाउंट खोलने ...

शेयर मार्किट क्या है? डिजिटल तरीके से शेयर मार्किट से कैसे कमाएं पैसे?

शेयर मार्किट क्या है? डिजिटल तरीके से शेयर मार्किट से  कैसे कमाएं पैसे? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार वर्तमान कालखंड में सभी लोग ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाना चाहते हैं। इसके लिए वे लोग सभी संभव तौर तरीकों को आजमाते हैं, जिसकी उन्हें जानकारी है या डिजिटल रूप में गूगल से हासिल कर पाते हैं या फिर कोई सफल परिचित पेशेवर गाहे बगाहे उन्हें दे जाता है। खासकर कोरोना काल में अधिकतर लोग ऑनलाइन घर बैठे ही पैसे कमाना चाहते हैं और इसके लिए कोई स्थायी काम करना चाहते हैं, जिसमें वो पूरे सप्ताह व्यस्त भी रहें। ऐसे में सबका ध्यान शेयर मार्किट की ओर जाता है, जो अब एक हद तक डिजिटल भी हो चुका है। ऐसे में अमूमन हमारे समक्ष यही सवाल पैदा होता है कि आखिर शेयर मार्किट से पैसे कैसे कमाएं।  यूं तो आज के समय में सभी के पास स्मार्टफोन के साथ-साथ सभी सुविधाएं मौजूद हैं। आज इंटरनेट कनेक्शन भी काफी सस्ता हो चुका है। इसीलिए सभी शेयर मार्किट से पैसा कमाने के तरीके जानना चाहते हैं। वैसे तो शेयर मार्किट से पैसे कमाने के बहुत से तरीके हैं। लेकिन शेयर मार्किट से पैसे कमाने के बारे में जानने से पहले आपको...

भारत-अमेरिका सोलर ऊर्जा क्षेत्र में चीन के वर्चस्व को देंगे चुनौती!

भारत-अमेरिका सोलर ऊर्जा क्षेत्र में चीन के वर्चस्व को देंगे चुनौती! @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भारत सरकार वर्ष 2030 तक सौर ऊर्जा से 2.80 लाख मेगावाट बिजली बनाने का लक्ष्य ले कर चल रही है। उसके इस लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोग देने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने गुजरात के जामनगर में 5,000 एकड़ में "धीरुभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कंप्लैक्स" स्थापित करने की ताजा घोषणा की है। यह महत्वाकांक्षी प्लांट चीन के सबसे बड़े सोलर उपकरण प्लांट के बराबर या उससे भी बड़ा होगा, जो भारत के लिए गौरव की बात होगी।  प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यहां पर सोलर एनर्जी क्षेत्र के सारे उपकरण और उनके कच्चे माल का भी निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, सोलर सेल्स में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पॉलीसिलिकान का निर्माण भी होगा। इससे देश को यह फायदा होगा कि अगले तीन वर्षों में भारत में चीन से भी ज्यादा सस्ते एवं टिकाऊ उपकरण तैयार होने लगेंगे। इसी मकसद से रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआइएल) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने गत गुरुवार को भारत को सोलर इनर्जी के क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने के...