समाजवादी सियासत का सौम्य चेहरा रहे शरद यादव की आज भी है उपयोगिता

समाजवादी सियासत का सौम्य चेहरा रहे शरद यादव की आज भी है उपयोगिता

#  75 साल के 'बूढ़े समाजवादी शेर' के कंधे पर कोरोना काल ने दे दी है और महती जिम्मेदारी

कमलेश पांडेय/ वरिष्ठ पत्रकार
नई दिल्ली। समाजवादी नेता शरद यादव अपने जीवन के  पचहत्तरवें वर्ष में 1 जुलाई को पहुंच गए। उनका जन्म  मध्य प्रदेश के जिला होशंगाबाद के मालवा (नर्मदापुरम)   अंतर्गत ग्राम आँखमऊ, बाबई में हुआ। जिसका प्राकृतिक  सौंदर्य माँ नर्मदा की गोद में बसे होने और सतपुड़ा के राष्ट्रीय उद्यान व निकटस्थ जंगल में आदिवादियों की संस्कृति की झलक और पचमढ़ी वन्य जीवन आदि के चलते विश्वविख्यात है। 

यहां के प्राकृतिक मनोरमता की छाप उनके स्वभाव पर भी पड़ी है। शरद यादव बहुत ही शांत, साहसी और मितभाषी स्वभाव के व्यक्ति हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव से और उच्च शिक्षा जबलपुर से हुई। उनके राजनीति सफर की शुरुआत छात्र जीवन के दौरान ही हो गई। वे पहली बार सन 1974 में जबलपुर से सांसद चुने गए। उन दिनों कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों के विरोध में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आहवान पर देश में “संपूर्ण क्रति” आन्दोलन चल रहा था। उस समय आन्दोलन जोरों पर था और उसी दौरान जबलपुर लोक सभा का उपचुनाव भी होना था, जिसमें जयप्रकाश बाबू ने संयुक्त जनता प्रत्याशी के रूप में लड़ाया और वे चुनाव जीत गए। 

फिर वह उत्तर प्रदेश से राज्यसभा-लोकसभा दोनों सदनों के अल्पकालिक सदस्य बने। उसके बाद पिछले तीन दशकों से अधिक समय से बिहार में राजनीतिक खूंटी गाड़े हुए हैं। अब उनका मन एमपी, यूपी व बिहार के समग्र उत्थान के लिए प्रयत्नशील है। जुलाई 2020 से जनवरी 2021 तक अस्वस्थ रहने के कारण उन्हें गुड़गांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकेे बाद घर पर ही स्वस्थ लाभ ले रहे हैं और उनके स्वस्थ में अपेक्षाकृत सुधार भी हो रहा है। 

वर्तमान दौर में जब कोरोना संक्रमण के दो-दो प्रहार को झेलते हुए आम जनजीवन असहनीय व पीड़ादायक परिस्थितियों से गुजर रहा है और देश भी उससे दो चार हो रहा है। इसके चलते परिवार, परिवार से नहीं मिल पा रहा है। एक राज्य से दूसरे राज्यों में काम करने गए मजदूरों को मजबूर होकर भूखे-प्यासे नंगे पांव चलना पड़ा है। ऐसे में गरीबों, दबे-कुचले लोगों और समाज के अभिवंचित वर्ग के लोगों के लिए ताउम्र लड़ने वाले शरद यादव की भूमिका और उत्तरदायित्व और बढ़ जाता है। विवस थे लोग।
शरद यादव सकुशल व स्वस्थ रहें, क्योंकि देश को अभी आपके अनुभवों की जरूरत है।

फोटोकैप्शन:- शरद यादव, समाजवादी नेता

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