तीखी बात: अमेरिका के इशारे पर न थिरकने वाले देश कीमत चुकाने के लिए तैयार रहें!
तीखी बात: अमेरिका के इशारे पर न थिरकने वाले देश कीमत चुकाने के लिए तैयार रहें! @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक अंतर्राष्ट्रीय जगत में आर्थिक और तकनीकी दृष्टिकोण से संपन्न अमेरिका अपनी 'डीप स्टेट खलनीति' के बल पर दुनिया का दादा बन चुका है। चूंकि जी-7 के देश उसके मजबूत हाथ हैं, इसलिए ब्रिक्स देशों की औकात उससे खुलेआम उलझने की आजतक नहीं बन पाई है। आखिर पहले भारत के पास-पड़ोस में, फिर ईरान में और अब बेनेज़ुएला के दास्तान जो चुगली कर रही हैं, उसके वैश्विक मायने तो यही हैं। अब अगला नम्बर शायद कम्बोडिया का आएगा, जिसे ट्रंफ ने ताजा धमकी दी है। देखा जाए तो मेक अमेरिका ग्रेट अगेन के स्वप्नद्रष्टा डॉनल्ड ट्रंफ उनकी मुद्रा को चुनौती दिलवाने वाले, यदा कदा उनको आंखें दिखाने वाले रूस-चीन के मजबूत समर्थकों के एक एक कर रीढ़ तोड़ने और इसी झांसे में जांबाज भारत को धमकाकर अपने खेमे में मिलाने के लिए सधी चालें चलना शुरू कर चुके हैं। डीप स्टेट से जुड़े लोगों की मानें तो आगे अमेरिका अभी बहुत कुछ करने वाला है। इस बात का संकेत कभी न्यूयॉर्क के महापौर ममदानी और भारतीय-अमेरिकी आश...