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जनवरी 5, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आखिर वीवीआईपी की सुरक्षा में चूक दर चूक पर उठते सवालों का जवाब कौन देगा?

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आखिर वीवीआईपी की सुरक्षा में चूक दर चूक पर उठते सवालों का जवाब कौन देगा? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार जिस देश में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्रों की वजह से दो-दो प्रधानमंत्रियों की नृशंस हत्याएं हो चुकी हों, एक प्रधानमंत्री की विदेश में हुई मौत सवालों के घेरे में हो, कतिपय मुख्यमंत्री और मंत्रियों की भी हत्याएं हो चुकी हों, वहां पर वीवीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था में सामने आ रही चूक दर चूक की घटनाओं को इतने हल्के में नहीं लिया जा सकता, जितने कि इसे हल्के में लेने के लिए हमारे नेता और प्रशासनिक अधिकारी आदी हो चुके हैं।  वहीं, सर्वोच्च न्यायालय को भी पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई ताजा चूक की घटना पर स्वतः संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि उसके कतिपय निर्णय ने केंद्र सरकार के हाथ बांध दिए हैं, जिससे वह अक्षम राज्य सरकार पर भी ठोस कार्रवाई करने से महज इसलिए हिचकती है कि कहीं न्यायालय उसके फैसले को पलट नहीं दे। जी हां, हमारा इशारा किसी भी लापरवाह राज्य में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले कि न्यायिक समीक्षा से है, जिससे प्रतिपक्ष शासित ...

कोरोना काल में न घबराएं, बच्चों को स्तनपान जरूर कराएं

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कोरोना काल में न घबराएं, बच्चों को स्तनपान जरूर कराएं @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार सोशल टच यानी छुआछूत की बीमारी समझी जाने वाली कोरोना एवं इसके दर्जनों वेरियंट से विगत 2 वर्षों से जहां आम जनजीवन जहां बुरी तरह से प्रभावित हुआ है, वहीं नवजात शिशुओं की देखभाल, खासकर स्तनपान के तौर-तरीकों को लेकर भी आम जनमानस में भ्रम का माहौल है, जिसे दूर करने के लिए हमने शिशु रोग विशेषज्ञों से बातचीत की है, ताकि इस महत्वपूर्ण विषय पर सम्बन्धित माताओं का न केवल मार्गदर्शन किया जा सके, बल्कि आम जनजागरूकता पैदा करके कोविड 19 और जच्चा-बच्चा संक्रमण से जुड़ी भ्रांतियों को समाप्त करते हुए स्तनपान के महत्व पर प्रकाश डाला जा सके।   इस सिलसिले में हमने यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशांबी गाजियाबाद की नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ दीपिका से पूछा तो उन्होंने बताया कि कोविड 19 संक्रमण के तहत उपचाराधीन और संक्रमण संभावित माँ को भी सारे कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए स्तनपान कराना जरूरी है। ऐसी महिलाओं के लिए आवश्यक है कि वह स्तनपान से पहले अपने हाथों को अच्छी तरह से साफ़ कर लें और नाक व ...

पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में भारी चूक की जिम्मेवारी किसकी?

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पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा में भारी चूक की जिम्मेवारी किसकी? @ अशोक कौशिक, वरिष्ठ पत्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुद्धवार की सुबह बठिंडा पहुंचे, जहां से उन्हें हेलिकॉप्टर से हुसैनीवाला स्थित राष्ट्रीय शहीद स्मारक जाना था। लेकिन बारिश और खराब दृश्यता (विजिबिलिटी) के चलते उन्होंने करीब 20 मिनट तक मौसम के साफ होने का इंतजार किया। हालांकि जब मौसम में अपेक्षाकृत सुधार नहीं हुआ, तो यह तय किया गया कि पीएम मोदी सड़क मार्ग से ही राष्ट्रीय मेरीटर्स मेमोरियल का दौरा करेंगे, जिसमें 2 घंटे से अधिक समय लगेगा। हैरत की बात तो यह है कि जब पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) द्वारा आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों की आवश्यक पुष्टि गई, जिसके बाद प्रधानमंत्री सड़क मार्ग से यात्रा करने के लिए आगे बढ़े। लेकिन हुसैनीवाला में राष्ट्रीय शहीद स्मारक से लगभग 30 किलोमीटर दूर, जब प्रधानमंत्री का काफिला एक फ्लाईओवर पर पहुंचा, तो वहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने सड़क को अवरुद्ध कर दिया था। आलम यह रहा कि पीएम 15-20 मिनट फ्लाईओवर पर फंसे रहे, जो पीएम की सुरक्षा में एक बड़ी चूक...