भारत नरक नहीं, स्वर्ग का अहसास है, मानवता का वैभव, सभ्यता का प्रकाश है। ऐसे समझिए
'भारत नरक नहीं, स्वर्ग का अहसास है, मानवता का वैभव, सभ्यता का प्रकाश है।' ऐसे समझिए @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के लिए अब तक कई बार ऐसे तीखे या अपमानजनक बयान दिए हैं जिनके पश्चात उन्होंने या तो रुख बदल दिया या सॉफ्ट स्टेटमेंट जारी करके अपनी बात पर “यू‑टर्न” लेकर साफ‑साफ मुकर जैसा अंदाज़ दिखाया है। हाल ही में फिर उन्होंने “नरक जैसा देश” वाला बयान दिया और फिर यू‑टर्न ले लिया। उनका रवैया दुनिया का थानेदार समझे जाने वाले सर्वाधिक विकसित और धनी देश अमेरिका के शालीन, सभ्य और सुसंस्कृत होने पर सवालिया निशान लगाने को काफी है। खासकर भारत के खिलाफ जिसका अंतर्राष्ट्रीय आचरण सदैव मर्यादित रहता आया है। भारत पैसे वालों की कद्र नहीं करता, क्योंकि यह तो देशी-विदेशी अपराधियों और वेश्याओं के पास भी खूब होता है, लेकिन सामाजिक प्रतिष्ठा बिल्कुल नहीं होती। ट्रंफ के नेतृत्व में अमेरिका इसी फूहड़ता से ग्रसित है, अभिशप्त है और अंतर्राष्ट्रीय गुंडई में इतना आगे निकल चुका है कि उसके मित्र देश भी उसके साथ खड़े हो...