प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की विदेश यात्रा के कूटनीतिक निहितार्थ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पांच देशों की विदेश यात्रा के कूटनीतिक निहितार्थ भारत के लिए महत्वपूर्ण @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच देशों के हालिया विदेश दौरे के कई बड़े कूटनीतिक, आर्थिक, सामरिक और राजनीतिक मायने हैं। क्योंकि मई 2026 में उनका यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब दुनिया ऊर्जा संकट, ईरान युद्ध, सप्लाई चेन अस्थिरता और नए वैश्विक ध्रुवीकरण से गुजर रही है। लिहाजा, पीएम मोदी का यह विदेश दौरा केवल औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक शक्ति संतुलन, निवेश आकर्षण, तकनीकी साझेदारी, और भारत की उभरती महाशक्ति छवि को मजबूत करने की बहुस्तरीय रणनीतिक कवायद माना जा रहा है। पहला, ऊर्जा सुरक्षा सबसे बड़ा लक्ष्य है, क्योंकि भारत दुनिया का बड़ा तेल आयातक देश है। ईरान संकट और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण तेल कीमतें बढ़ रही हैं। ऐसे समय में यूएई दौरा भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने का प्रयास माना जा रहा है। लिहाजा भारत और यूएई के बीच रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारण, एलपीजी (LPG) सप्...