संदेश

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में जेन जी ने एबीवीपी को जीताया, एनएसयूआई को छकाया, समझिए इसके राजनीतिक निहितार्थ

चित्र
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में जेन जी ने एबीवीपी को जीताया, एनएसयूआई को छकाया, समझिए इसके राजनीतिक निहितार्थ  "जेन-जी युवाओं का रूझान अब भी एबीवीपी के साथ बना हुआ है। चर्चित जेन-जी आंदोलन (CJP) के बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेन-जी युवाओं को खुद से जोड़े रखने का जो बीड़ा उठाया, वह सफल रहा। इसके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव भी दूरगामी होंगे।" @ कमलेश पांडेय/ वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026 के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समर्थित छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय पैनल के चार में से तीन मुख्य पदों (अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव) पर जीत हासिल की है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहाँ निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बड़ी जीत दर्ज की है। इस चुनाव में कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई का खाता भी नहीं खुल सका। इससे साफ है कि जेन-जी युवाओं का रूझान अब भी एबीवीपी के साथ बना हुआ है। चर्चित जेन-जी...

अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस मनाने वाले दुनिया भर में फेैलाते जा रहे हैं अशांति! यह एक गंभीर आत्मचिंतन का अवसर?

चित्र
अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस मनाने वाले दुनिया भर में फेैलाते जा रहे हैं अशांति! यह एक गंभीर आत्मचिंतन का अवसर?        (21 सितंबर, अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस पर विशेष)  "जिस दौर में शांति दिवस मनाया जा रहा है, उसी दौर में दुनिया के विभिन्न हिस्सों में युद्ध, नस्लीय हिंसा और भू-राजनीतिक तनाव चरम पर हैं। संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठन, जिनका मुख्य उद्देश्य दुनिया को युद्ध से बचाना था, संघर्षों को रोकने में कमजोर साबित हो रहे हैं। यह अशांति दर्शाती है कि शांति स्थापित करने के पारंपरिक तरीके अब अप्रभावी साबित हो रहे हैं।" @ कमलेश पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक  प्रतिवर्ष 21 सितंबर को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस केवल एक तारीख या रस्म नहीं है, बल्कि दुनिया भर में पसरती अशांति के बीच एक गंभीर आत्मचिंतन का अवसर है। ऐसे समय में जब संघर्ष, वैमनस्यता और अशांति हर ओर पैर पसार रहे हैं, इस दिन का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस पर हर तरफ फैलती अशांति के मुख्य मायने इस प्रकार हैं:-  ए...

आखिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वीटो प्राप्त देशों की अनर्गल भूमिका पर उठते ज्वलंत सवालों की कब तक उपेक्षा करेगी शेष दुनिया?

चित्र
आखिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वीटो प्राप्त देशों की अनर्गल भूमिका पर उठते ज्वलंत सवालों की कब तक उपेक्षा करेगी शेष दुनिया? "वास्तव में, सुरक्षा परिषद को पंगु बनाने में रूस और अमेरिका सबसे आगे हैं, क्योंकि ये दोनों देश अपने भू-राजनीतिक स्वार्थों और सहयोगियों को बचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय कानूनों को सबसे ज्यादा ताक पर रखते हैं। इसके बाद चीन का नंबर आता है, जो अपनी आर्थिक और सैन्य ताकत के बल पर वैश्विक जवाबदेही से बचता है।" @ कमलेश पांडेय/ वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है कि "समरथ को नहीं दोष गोसाईं।" यानी जो लोग धन और बल से ताकतवर होते हैं वो कुछ भी करें, दुनिया उनके दोष नहीं गिनती/मानती। संयुक्त राष्ट्र संघ प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने भी कुछ ऐसी ही कड़ी आलोचना दुनियावी वीटो शक्ति प्राप्त देशों की, की है और दो टूक शब्दों में कहा है कि "जो वैश्विक शक्तियां खुद अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करती हैं, वे ही सुरक्षा परिषद में बैठी हैं। इससे सुरक्षा परिषद पंगु हो गई है। इसलिए इस वैश्विक संस्था मे...

हिंदी भाषा को राजनीति नहीं, जमीनी सच्चाई की दृष्टि से देखिए

चित्र
हिंदी भाषा को राजनीति नहीं, जमीनी सच्चाई की दृष्टि से देखिए  "हिंदी भाषा भारत को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है, लेकिन इसे किसी राजनीतिक एजेंडे या अनिवार्यता के बजाय आपसी संवाद और बाजार की जरूरत के तहत स्वाभाविक रूप से विकसित होने देना ही देश के बहुभाषी ताने-बाने को मजबूत रख सकता है।" @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक  भारत में हिंदी भाषा को लेकर चलने वाली राजनीति और उसकी जमीनी सच्चाई के बीच एक बड़ा अंतर है, जो लगातार गहराता चला गया। हालांकि अब इसे पाटने और इससे लेकर गाहे बगाहे उत्पन्न होते रहने वाले मतभेदों को दूर करने की जरूरत है। एक तरफ जहां हिंदी को राजनीतिक ध्रुवीकरण और भाषाई अस्मिता के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, वहीं व्यावहारिक धरातल पर इसकी स्थिति बिल्कुल अलग नजर आती है। इसलिए जनसामान्य के नजरिए से ही इसका सम्यक समाधान अपेक्षित है। https://www.pravakta.com/assess-the-hindi-language-from-the-perspective-of-ground-reality-not-politics/ खासकर भारतीय अभिजात्य वर्ग यानी अंग्रेजी दां लोगों के इशारे पर दक्षिण-पश्चिम-पूर्वी भ...

आतंकी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क के अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क के बारे में जानिए और उसके प्रमुख कारनामों के विषय में समझिए

चित्र
आतंकी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क के अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क के बारे में जानिए और उसके प्रमुख कारनामों के विषय में समझिए "भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ 14 राज्यों (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि) में एक साथ बड़े पैमाने पर जॉइंट ऑपरेशन चलाकर 250 से अधिक गुर्गों/सस्पेक्ट्स को गिरफ्तार/हिरासत में लिया और 80 से अधिक FIR दर्ज की हैं।" @ कमलेश पांडेय / वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक शहज़ाद भट्टी नेटवर्क (SBN) पाकिस्तान से संचालित एक कुख्यात हाइब्रिड आतंकी और संगठित अपराध सिंडिकेट है। यह नेटवर्क मुख्यतः पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर भारत में आतंकी गतिविधियों, लक्षित हत्याओं और हथियार-ड्रग्स की तस्करी को अंजाम देता है। यही वजह है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने इस संगठन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत इसे आतंकवादी संगठन घोषित कर बैन कर दिया है। आइए सबसे पहले इसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की संरचना  को समझते हैं:- शाहज़ाद भट्टी (मूल निवासी लाहौर, पाकिस्तान) ए...

वार्ड नंबर 72 में कुसुम मनोज गोयल ने धूमधाम से मनाया प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन, घर घर जले आशीर्वाद के दीये

चित्र
# वार्ड नंबर 72 में कुसुम मनोज गोयल ने धूमधाम से मनाया प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन, घर घर जले आशीर्वाद के दीए  "वंदेमातरम के गायन से देश भक्ति का माहौल पैदा हुआ इस दौरान श्रीमती गोयल के समर्थकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। लोगों ने इसे ट्रांस हिंडन का सबसे सफल कार्यक्रम बताया।" @ राजनैतिक दुनिया टीम  गाजियाबाद। विश्व के सबसे लोकप्रिय राजनेता, भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित "आशीर्वाद का दीया" कार्यक्रम के तहत कौशांबी एवं वैशाली में कार्यकर्ताओं द्वारा वार्ड 72 की पार्षद श्रीमती कुसुम मनोज गोयल (सदस्या, महानगर कार्यकारिणी भाजपा) के नेतृत्व में जन्मदिवस के कार्यक्रम को बड़े हर्ष और उल्लास पूर्वक  मनाया गया। इस दौरान श्रीमती गोयल के समर्थकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। लोगों ने इसे ट्रांस हिंडन का सबसे सफल कार्यक्रम बताया। इस अवसर पर सेक्टर संयोजिका  भाजपा नेत्री विमला भट्ट द्वारा लाभार्थियों के घर-घर जाकर दीपक जलाए गए। कौशांबी में जयपुरिया एनक्लेव के मंदिर में सेक्टर संयोजिका भाजपा नेत्री रेनू मल...

सऊदी अरब पर बढ़त बनाते यमनी आतंकी हुतियों को यदि समय रहते काबू में नहीं किया गया तो इसके भयानक वैश्विक दुष्परिणाम होंगे!

चित्र
सऊदी अरब पर बढ़त बनाते यमनी आतंकी हुतियों को यदि समय रहते काबू में नहीं किया गया तो इसके भयानक वैश्विक दुष्परिणाम होंगे! "खाड़ी-अरब देशों से अब अमेरिकी वर्चस्व खत्म होने के आसार बढ़े हैं और रूस, चीन समर्थित ईरान और उसके आतंकी गुटों का वर्चस्व बढ़ेगा। अभी शियाओं के इशारे पर सुन्नी बहुल सऊदी अरब को निशाना बनाया जा रहा है, फिर पाकिस्तान, तुर्कीए आदि के भी नंबर आएंगे। लेकिन जब ईरान अपने असली दुश्मन इजरायल से बदला लेगा और फिर जब शिया मुस्लिम देश जब किसी न किसी बहाने भारत पर हावी होने की कोशिश करेंगे, तब भारत को अपनी तटस्थता वाली गलतियों का एहसास होगा।" @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक  भारत के राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' ने अपनी कविता 'समर शेष है' में  लिखा है, "समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनके भी अपराध।" (संग्रह: परशुराम की प्रतीक्षा, 1953) भावार्थ यह कि युद्ध या संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। अत्याचार और पाप के लिए केवल सीधे तौर पर हिंसा करने वाला (व्याध/शिकारी) ही दोषी नहीं है, बल्क...