रामलीला मैदान की इंडी गठबंधन की महारैली के सियासी निहितार्थ को समझिए
रामलीला मैदान की इंडी गठबंधन की महारैली के सियासी निहितार्थ को समझिए "रामलीला मैदान की इस महारैली का सबसे बड़ा राजनीतिक निहितार्थ यह है कि भारतीय राजनीति में अब चुनाव जीतने की प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता भी एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। आखिरकार लोकतंत्र की मजबूती किसी एक राजनीतिक दल की जीत या हार से नहीं, बल्कि निष्पक्ष चुनाव, स्वतंत्र संस्थाओं और नागरिकों के भरोसे से तय होती है।" @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को आयोजित इंडी (INDIA) गठबंधन की महारैली केवल एक राजनीतिक सभा नहीं थी, बल्कि यह विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठाए जा रहे सवालों को राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने का एक और बृहत प्रयास था। 'वोट बचाओ, देश बचाओ' और 'चलो दिल्ली' के संदेश के साथ आयोजित इस रैली में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी...