Burning questions and political implications of the Cockroach Janata Party's Parliament march
कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च से सुलगते सवाल और राजनीतिक निहितार्थ https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का "संसद चलो" आह्वान केवल एक विरोध मार्च नहीं, बल्कि केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की एक राजनीतिक रणनीति है। खासकर जिस तरह से इस आंदोलन को छात्र आंदोलन का स्वरूप दिलवाया जा चुका है, वह डीप स्टेट के इशारे पर बनी विपक्ष की शातिर सरकार घेरो रणनीति का कमाल भी करार दिया जा रहा है। देखा जाए तो संसद के मानसून सत्र के दौरान गत 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च करने के दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे और कूच किया, वह बिल्कुल संगठित राजनीतिक आंदोलन के तर्ज पर हुआ। मजे की बात तो यह कि संसद के निकट पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जो पूर्व प्रायोजित झड़प हुई और उसके बाद हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, इससे यह संसद मार्च राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियां बन गया। बड़े बड़े न्यूज़ चैनल्स और...