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आतंकी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क के अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क के बारे में जानिए और उसके प्रमुख कारनामों के विषय में समझिए

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आतंकी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क के अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क के बारे में जानिए और उसके प्रमुख कारनामों के विषय में समझिए "भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ 14 राज्यों (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि) में एक साथ बड़े पैमाने पर जॉइंट ऑपरेशन चलाकर 250 से अधिक गुर्गों/सस्पेक्ट्स को गिरफ्तार/हिरासत में लिया और 80 से अधिक FIR दर्ज की हैं।" @ कमलेश पांडेय / वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक शहज़ाद भट्टी नेटवर्क (SBN) पाकिस्तान से संचालित एक कुख्यात हाइब्रिड आतंकी और संगठित अपराध सिंडिकेट है। यह नेटवर्क मुख्यतः पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर भारत में आतंकी गतिविधियों, लक्षित हत्याओं और हथियार-ड्रग्स की तस्करी को अंजाम देता है। यही वजह है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने इस संगठन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत इसे आतंकवादी संगठन घोषित कर बैन कर दिया है। आइए सबसे पहले इसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की संरचना  को समझते हैं:- शाहज़ाद भट्टी (मूल निवासी लाहौर, पाकिस्तान) ए...

वार्ड नंबर 72 में कुसुम मनोज गोयल ने धूमधाम से मनाया प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन, घर घर जले आशीर्वाद के दीये

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# वार्ड नंबर 72 में कुसुम मनोज गोयल ने धूमधाम से मनाया प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन, घर घर जले आशीर्वाद के दीए  "वंदेमातरम के गायन से देश भक्ति का माहौल पैदा हुआ इस दौरान श्रीमती गोयल के समर्थकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। लोगों ने इसे ट्रांस हिंडन का सबसे सफल कार्यक्रम बताया।" @ राजनैतिक दुनिया टीम  गाजियाबाद। विश्व के सबसे लोकप्रिय राजनेता, भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित "आशीर्वाद का दीया" कार्यक्रम के तहत कौशांबी एवं वैशाली में कार्यकर्ताओं द्वारा वार्ड 72 की पार्षद श्रीमती कुसुम मनोज गोयल (सदस्या, महानगर कार्यकारिणी भाजपा) के नेतृत्व में जन्मदिवस के कार्यक्रम को बड़े हर्ष और उल्लास पूर्वक  मनाया गया। इस दौरान श्रीमती गोयल के समर्थकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। लोगों ने इसे ट्रांस हिंडन का सबसे सफल कार्यक्रम बताया। इस अवसर पर सेक्टर संयोजिका  भाजपा नेत्री विमला भट्ट द्वारा लाभार्थियों के घर-घर जाकर दीपक जलाए गए। कौशांबी में जयपुरिया एनक्लेव के मंदिर में सेक्टर संयोजिका भाजपा नेत्री रेनू मल...

सऊदी अरब पर बढ़त बनाते यमनी आतंकी हुतियों को यदि समय रहते काबू में नहीं किया गया तो इसके भयानक वैश्विक दुष्परिणाम होंगे!

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सऊदी अरब पर बढ़त बनाते यमनी आतंकी हुतियों को यदि समय रहते काबू में नहीं किया गया तो इसके भयानक वैश्विक दुष्परिणाम होंगे! "खाड़ी-अरब देशों से अब अमेरिकी वर्चस्व खत्म होने के आसार बढ़े हैं और रूस, चीन समर्थित ईरान और उसके आतंकी गुटों का वर्चस्व बढ़ेगा। अभी शियाओं के इशारे पर सुन्नी बहुल सऊदी अरब को निशाना बनाया जा रहा है, फिर पाकिस्तान, तुर्कीए आदि के भी नंबर आएंगे। लेकिन जब ईरान अपने असली दुश्मन इजरायल से बदला लेगा और फिर जब शिया मुस्लिम देश जब किसी न किसी बहाने भारत पर हावी होने की कोशिश करेंगे, तब भारत को अपनी तटस्थता वाली गलतियों का एहसास होगा।" @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक  भारत के राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' ने अपनी कविता 'समर शेष है' में  लिखा है, "समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध, जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनके भी अपराध।" (संग्रह: परशुराम की प्रतीक्षा, 1953) भावार्थ यह कि युद्ध या संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है। अत्याचार और पाप के लिए केवल सीधे तौर पर हिंसा करने वाला (व्याध/शिकारी) ही दोषी नहीं है, बल्क...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैसे विश्व के ताकतवर नेता बन गए? उनके गूढ़ राजनीतिक गुणों के बारे में जानिए।

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 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैसे विश्व के ताकतवर नेता बन गए? उनके गूढ़ राजनीतिक गुणों के बारे में जानिए। "पीएम मोदी ने पारंपरिक गुटनिरपेक्षता की नीति को बदलते हुए 'मल्टी-अलाइनमेंट' की रणनीति अपनाई। भारत ने एक ही समय में अमेरिका, रूस, यूरोप और मध्य-पूर्व (खाड़ी देशों) के साथ मजबूत व्यापारिक और सुरक्षा संबंध बनाए रखे हैं। रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच वैश्विक दबावों के बावजूद भारत के राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखना और वैश्विक दक्षिण की आवाज बनना उनकी मजबूत कूटनीतिक क्षमता को दर्शाता है।" # प्रधानमंत्री के जन्मदिन (17 सितंबर) पर विशेष @ कमलेश पांडेय/ वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक क्षेत्रीय नेता से वैश्विक पटल पर सबसे प्रभावशाली शीर्ष नेताओं में शामिल होना, उनकी सुदृढ़ रणनीतिक सोच, जनसंपर्क क्षमता और कूटनीतिक दूरदर्शिता का परिणाम है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय राजनीति के सबसे प्रमुख और चर्चित चेहरों में से एक हैं। देश की जनता उन्हें अलग-अलग दृष्टिकोणों से देखती है, और विपक्षी नेताओं के साथ उनके राजनीति...

हिंदी भाषा को राजनीति नहीं, जमीनी सच्चाई की दृष्टि से देखिए

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हिंदी भाषा को राजनीति नहीं, जमीनी सच्चाई की दृष्टि से देखिए  "हिंदी भाषा भारत को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है, लेकिन इसे किसी राजनीतिक एजेंडे या अनिवार्यता के बजाय आपसी संवाद और बाजार की जरूरत के तहत स्वाभाविक रूप से विकसित होने देना ही देश के बहुभाषी ताने-बाने को मजबूत रख सकता है।" @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक  भारत में हिंदी भाषा को लेकर चलने वाली राजनीति और उसकी जमीनी सच्चाई के बीच एक बड़ा अंतर है, जो लगातार गहराता चला गया। हालांकि अब इसे पाटने और इससे लेकर गाहे बगाहे उत्पन्न होते रहने वाले मतभेदों को दूर करने की जरूरत है। एक तरफ जहां हिंदी को राजनीतिक ध्रुवीकरण और भाषाई अस्मिता के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, वहीं व्यावहारिक धरातल पर इसकी स्थिति बिल्कुल अलग नजर आती है। इसलिए जनसामान्य के नजरिए से ही इसका सम्यक समाधान अपेक्षित है। https://www.pravakta.com/assess-the-hindi-language-from-the-perspective-of-ground-reality-not-politics/ खासकर भारतीय अभिजात्य वर्ग यानी अंग्रेजी दां लोगों के इशारे पर दक्षिण-पश्चिम-पूर्वी भारतीय भाषाओं...

आखिर कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर जारी अमेरिकी-चीनी रस्साकसी के बीच क्या करे भारत? समझिए विस्तार से

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आखिर कृत्रिम बुद्धिमत्ता को लेकर जारी अमेरिकी-चीनी रस्साकसी के बीच क्या करे भारत? समझिए विस्तार से "एआई सेक्टर में न केवल अमेरिका और चीन के बीच, बल्कि यूरोप और अन्य देशों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। ऐसे में भारत के सामने चुनौती केवल एआई मॉडल बनाने की नहीं, बल्कि चिप, कंप्यूटिंग, डेटा, प्रतिभा, पूंजी और बाजार—पूरी एआई वैल्यू चैन में मजबूत होने की है।" @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक  वैश्विक पटल पर अमेरिका और चीन की प्रतिस्पर्धा देखते ही बनती है। इस बार मुद्दा कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई बनी है, वो भी ब्रिक्स 2026 बैठक के तुरंत बाद जिसका अपना महत्व है। चूंकि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने ब्रिक्स देशों को एआई ओपन सोर्स उपलब्ध कराने की घोषणा की थी, इसलिए अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने प्रतिक्रिया  स्वरूप कहा कि एआई की दौड़ में अमेरिका चीन से आगे है? तो सवाल उठना लाज़मी है कि कितना आगे? और क्या चीन अगले कुछ वर्षों में इस दूरी को पाट सकता है?  सबसे बड़ा सवाल यह कि इस वैश्विक प्रतिद्वंद्विता में भारत को क्या करना चाहिए? इस सभी बिंदुओं क...

क्या दुनिया को संकट से उबारने का कूटनीतिक प्रयत्न है ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026?

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क्या दुनिया को संकट से उबारने का कूटनीतिक प्रयत्न है ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026?  "दुनिया को युद्ध नहीं बुद्ध का शांति संदेश देने वाले भारत के दूरदर्शी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न युद्धों से संकटग्रस्त दुनिया और उनके दांवपेंच से परेशान अन्य देशों को संकट से उबारने का सटीक कूटनीतिक प्रयत्न किया है। इसलिए ब्रिक्स दिल्ली घोषणा पत्र 2026 की सराहना सभी देश किए हैं और आगे भी इस पर अमल किए बिना किसी के पास कोई दूसरा चारा नहीं बचा है। समझिए आखिर क्या हैं इसके भूराजनीतिक अंतर्राष्ट्रीय मायने।"  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषण  भारत विविधता में एकता बनाए रखने वाला देश है। यह अपने उदारमना विचारों के चलते तमाम नीतिगत विरोधाभासों के बावजूद मतैक्यता स्थापित करने में सफल हो जाता है। अंतर्राष्ट्रीय दृष्टि में "वसुधैव कुटुंबकम्" और "सर्वे भवन्तु सुखिन:" जैसे उदात्त जनसरोकारों के चलते इसकी एक अलग विशिष्ट पहचान बनी हुई है, जिससे सभी देश भारतीय नेतृत्व पर भरोसा जताते आए हैं। यह गुटनिरपेक्षता और रणनीतिक स्वायत्तता का पक...