आखिर सुन्नी 'एक्सिस' से कितनी प्रभावित होगी अरब-खाड़ी देशों और भारत की रणनीति?
आखिर सुन्नी 'एक्सिस' से कितनी प्रभावित होगी अरब-खाड़ी देशों और भारत की रणनीति? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक देश-दुनिया में अमेरिकी वर्चस्व को चुनौती देने के लिए, उसके समर्थकों को मात देने के लिए, अपने अपने राजनीतिक प्रभाव, धार्मिक वर्चस्व और क्षेत्रीय दादागिरी को स्थायित्व देने के लिए पिछली शताब्दी में अनेक प्रयोग हुए, विभिन्न देशों पर आक्रमण किये गए या करवाए गए, यौद्धिक अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सारे जहां में विभिन्न हथियार बंद गुट पैदा किए गए, करवाए गए और जो अशांति मचवाई गई, उससे मानवता और शासन दोनों आक्रांत हुए। सुन्नी एक्सिस ऐसी ही क्षुद्र कूटनीति का विस्तार है जो इजरायल के खिलाफ आक्रामक या उससे आत्मरक्षार्थ पहल भी समझा जा सकता है। हालांकि, इससे भारत विरोधी इस्लामिक ताकतों को भी बल मिलना स्वाभाविक है। ऐसा नहीं है कि यह सबकुछ पहली बार हुआ, या हो रहा है, बल्कि जो क्षुद्र रणनीति प्राचीन कबीलाई सोच, मध्ययुगीन सामंती समाज और राजतंत्रीय शासकों के बीच कायम रही, जिसके तहत वे लोग एक दूसरे को मात देते, दिलाते फिरते थे, वही विनाशकारी सोच औद्योगिक...