जातिगत जनगणना सम्बन्धी कांग्रेस-भाजपा के सियासी दांव-पेचों को यूँ आंकिए
जातिगत जनगणना सम्बन्धी कांग्रेस-भाजपा के सियासी दांव-पेचों को यूँ आंकिए (How to assess the political maneuvering of Congress and BJP regarding caste census) "कांग्रेस का तर्क है कि यदि जातियों के नाम दर्ज करने के लिए स्पष्ट, पूर्व-निर्धारित सूची/कोडिंग व्यवस्था नहीं होगी, तो अलग-अलग नाम, वर्तनी और उपजातियों के कारण आंकड़े अविश्वसनीय हो सकते हैं। इसलिए उसने इसे दुरुस्त करने की मांग उठाई, ताकि जातिगत जनगणना सही तरह से हो सके।" @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक जातिगत जनगणना पर कांग्रेस का भाजपा के खिलाफ मौजूदा हमला केवल “जाति गिनी जाए या नहीं” का सवाल नहीं है, बल्कि असली लड़ाई अब डेटा की विश्वसनीयता, सामाजिक न्याय की राजनीति और उससे बनने वाले नए राजनीतिक समीकरण की है। यही वजह है कि अगस्त 2026 में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मौजूदा जाति-जनगणना पद्धति पर आपत्ति जताई है। इसलिए जातिगत जनगणना सम्बन्धी कांग्रेस-भाजपा के सियासी दांव-पेचों को ऐसे जानिए। कांग्रेस का तर्क है कि यदि जातियों के नाम दर्ज...