Samrat Choudhary's political acumen: Is Bihar's politics truly entering a new era?
सम्राट चौधरी की सियासी सूझबूझ: क्या बिहार की राजनीति सचमुच नए दौर में प्रवेश कर रही है? https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक बिहार की राजनीति में बदलाव का दावा नया नहीं है, लेकिन हर दौर में उसकी कसौटी अलग रही है। कभी सामाजिक न्याय सबसे बड़ा राजनीतिक विमर्श बना, तो कभी सुशासन केंद्र में आया और अब विकास, निवेश तथा प्रशासनिक स्थिरता को लेकर नई बहस दिखाई देती है। ऐसे समय में भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रमुख रणनीतिकार के रूप में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की राजनीतिक भूमिका स्वाभाविक रूप से चर्चा के केंद्र में है। राजनीतिक विश्लेषकों का एक वर्ग मानता है कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के गठन के बाद सम्राट चौधरी ने संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की कोशिश की। गठबंधन की राजनीति में संवाद बनाए रखना, विभिन्न नेताओं के बीच तालमेल और कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखना उनकी प्रमुख राजनीतिक प्राथमिकताओं में रहा है। इससे सरकार को अपेक्षाकृत स्थिर राजनीतिक वातावरण...