तो ग्रेटर इंडिया के संघी सपने को अब पलीता लगाएंगी ग्रेटर नेपाल, ग्रेटर बंगलादेश जैसी खतरनाक सोचें!
तो ग्रेटर इंडिया के संघी सपने को अब पलीता लगाएंगी ग्रेटर नेपाल, ग्रेटर बंगलादेश जैसी खतरनाक सोचें! @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक आरएसएस-भाजपा के वृहत्तर भारत यानी ग्रेटर इंडिया के जवाब में हिन्दुस्तान से छिटककर अलग बने देशों में भी ग्रेटर नेपाल, ग्रेटर बंगलादेश, ग्रेटर पाकिस्तान, ग्रेटर श्रीलंका जैसे सपने देखे, दिखाए जा रहे हैं। चूंकि इन विचारों को जी-7, ब्रिक्स और ओआईसी से जुड़े शातिर देशों का शह प्राप्त है, इसलिए नई दिल्ली को रणनीतिक और कूटनीतिक मामलों में अतिशय सावधानी बरतनी होगी। भारत में जिस तरह से हिंदुत्व विरोधी धर्मनिरपेक्षता, भारत की रीढ़ समझे जाने वाले सामान्य जातियों यानी सवर्ण विरोधी सामाजिक न्याय जनित आरक्षण और भाषावाद आधारित क्षेत्रीयता को जो कानूनी शह दिए, दिलवाए जा रहे हैं, उसके पीछे भी इन्हीं ताकतों का शह है। इतिहास साक्षी है कि भारत विरोधी मुगलिया और ब्रितानी षड्यंत्रों से हमारे वर्तमान राजनेता भी अनभिज्ञ बने रहने की कोशिश करते आए हैं और भारत एवं भारतीय उपमहाद्वीप के देशों को एकसूत्र में पिरोने हेतु दिली प्रयास नहीं करते, जिससे राष्ट...