Implications of Prime Minister Narendra Modi's 13th energetic address from the ramparts of the Red Fort
लालकिले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 13 वें ऊर्जावान सम्बोधन के निहितार्थ (client=ca-pub-6262725213669814) @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ पर15 अगस्त 2026 को लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 13 वां संबोधन महज स्वतंत्रता दिवस का औपचारिक भाषण नहीं लगा, बल्कि इसमें राष्ट्रवाद, आत्मनिर्भरता, आर्थिक शक्ति, ऊर्जा सुरक्षा, आंतरिक व वाह्य सुरक्षा चुनौतियों, युवा शक्ति और 2047 के विकसित भारत—इन सभी को एक साझा राजनीतिक-सामाजिक आख्यान में पिरोने की कोशिश दिखाई दी, जो बेहद महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी है। जैसा कि उन्होंने कहा- आजादी की अगली मंजिल केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि आर्थिक, तकनीकी, ऊर्जा और रणनीतिक आत्मनिर्भरता है। यह बहुत ही महत्वपूर्ण वाक्य है। पीएम मोदी का यह लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन था, जिसके प्रमुख मायने इस प्रकार हैं:- पहला, ‘विकसित भारत@2047’ अब नारा नहीं, शासन का दीर्घकालिक लक्ष्य: पीएम मोदी ने स्वतंत्रता की...