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Editorial Perspective: The biggest challenge on the path to good governance—'paperwork-driven bureaucracy'

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संपादकीय विचार: सुशासन की राह में सबसे बड़ी चुनौती—'कागजी धंधा'       (client=ca-pub-6262725213669814) @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसका संविधान और जनता का विश्वास होता है। लेकिन जब आम नागरिक को अपने ही अधिकार प्राप्त करने के लिए दफ्तर-दफ्तर भटकना पड़े, फाइलें महीनों तक धूल फाँकती रहें और प्रक्रियाएँ समाधान के बजाय समस्या बन जाएँ, तब यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि आखिर व्यवस्था किसके लिए है—जनता के लिए या स्वयं व्यवस्था के लिए? आज देश में डिजिटल शासन, पारदर्शिता और सुशासन की बातें खूब होती हैं। अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार भी हुए हैं। फिर भी नागरिकों के अनुभव बताते हैं कि कई जगहों पर अनावश्यक प्रक्रियाएँ, लालफीताशाही, विवेकाधिकार का दुरुपयोग और जवाबदेही की कमी अब भी बड़ी चुनौतियाँ हैं। यही वह स्थिति है जिसे लोग प्रतीकात्मक रूप से "कागजी धंधा" कहते हैं। यह समस्या किसी एक विभाग, किसी एक सरकार या किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। यह एक ऐसी प्रवृत्ति है, जो तब जन्म लेती है जब नियम जनसेवा के बजाय नियंत्रण क...

  "Wake up, guardians of the Constitution."

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 "जागो, संविधान के प्रहरी"     (client=ca-pub-6262725213669814) @  जनप्रेरक कविता/  कमलेश पांडेय, त्रिकालदर्शी कवि न झुको अन्याय के आगे, न बिकने दो ईमान, जनता ही सबसे बड़ी शक्ति, जनता ही पहचान। काग़ज़-काग़ज़ खेल रचा है, कितने झूठे जाल, सच की कीमत रोज़ चुकाता, मेहनतकश हर लाल। रिश्वत की सीढ़ी चढ़कर कितने ऊँचे सिंहासन, लेकिन जनता भूल न जाना, सबसे बड़ा है संविधान। किसान के पसीने से लेकर, मजदूरों की रोटी तक, हर बूंद पर डाका पड़ता, सत्ता की उस खोटी तक। युवा अगर चुप बैठ गया तो, सपने होंगे नीलाम, नारी यदि आवाज़ उठाए, बदलेगा हर धाम। कलम अगर सच लिखने निकले, बिकने से इंकार करे, न्यायालय निष्पक्ष खड़ा हो, अपराधी पर वार करे। न कुर्सी से बैर हमारा, न किसी व्यक्ति से युद्ध, लड़ना है उस भ्रष्ट व्यवस्था से, जिसने छीना जन का बुद्ध। कर का पैसा जन की पूँजी, जनहित में ही खर्च हो, हर अधिकारी याद रखे—उत्तरदायी हर फ़र्ज़ हो। सुशासन कोई स्वप्न नहीं है, जनशक्ति का है मान, जब जागेगा देश का नागरिक, बदलेगा हिंदुस्तान। आओ मिलकर शपथ उठाएँ— न रिश्वत देंगे, न लेंगे, यही होगा अभियान।...

A life is truly meaningful only when it offers new support to the era through its own experiences: Dr. Dinesh Chandra, IAS

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जीवन वही, जो अपने अनुभव से युग को नया सहारा दे: डॉ दिनेश चंद्र, आईएएस नैमिषारण्य वीवीआईपी गेस्ट हाउस, बटलर कॉलोनी, लखनऊ में आयोजित हुआ जन्मोत्सव सम्मान समारोह  वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह के शुभचिंतकों ने पूरे हर्ष व उल्लास के साथ उनका जन्मदिन मनाया  @ राजनैतिकदुनिया लखनऊ। बुद्धवार को नैमिषारण्य वीवीआईपी गेस्ट हाउस, बटलर कॉलोनी, लखनऊ में आयोजित एक समारोह के दौरान वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह का  जन्मोत्सव सम्मान समारोह पूरे हर्ष व उल्लास के साथ मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता सिद्धनाथ पीठ, बहराइच के महंत और महामंडलेश्वर श्री रवि गिरी जी महाराज ने की। उन्होंने मनका माला और अंग वस्त्रम प्रदान करते हुए डॉ चन्द्र को अपना आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर उन्हें फूलों की बड़ी माला, पुष्प गुच्छ व स्मृति चिन्ह भेंट स्वरूप प्रदान किया गया। उन्होंने भी साफा पगड़ी बंधवाकर सभी का यथाश्रेष्ठ स्वागत/अभिवादन किया। इस मौके पर विधायक रमेश सिंह और विधायक अनिल त्रिपाठी ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज करवाई और अपने अपने विचार रखते हुए उनके...

Respected Dr. Dinesh Chandra Singh Ji (IAS), heartfelt and best wishes on your birthday.

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आदरणीय डॉ. दिनेश चंद्र सिंह जी, आईएएस,  जन्मदिन की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएँ। आपका जीवन भारतीय प्रशासनिक सेवा की उस गौरवशाली परंपरा का प्रतीक रहा है, जिसमें पद से अधिक कर्तव्य, अधिकार से अधिक उत्तरदायित्व और शासन से अधिक जनसेवा का भाव सर्वोपरि होता है। आपने अपने ज्ञान, संवेदनशीलता, दूरदर्शिता और निष्पक्ष प्रशासन से अनगिनत लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से स्पर्श किया है। यही किसी भी लोकसेवक की सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। सेवानिवृत्ति सेवा का अंत नहीं, बल्कि अनुभवों को समाज के व्यापक हित में समर्पित करने का एक नया अवसर है। मुझे विश्वास है कि आपके दशकों के प्रशासनिक अनुभव, चिंतन और नेतृत्व का लाभ आने वाले समय में भी समाज, शासन और नई पीढ़ी को निरंतर मिलता रहेगा। ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु, मानसिक ऊर्जा, पारिवारिक सुख-समृद्धि और सतत लोककल्याण के कार्यों में सक्रिय रहने की शक्ति प्रदान करें। आपका व्यक्तित्व सदैव समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहे। कुछ पंक्तियाँ आपकी गरिमामयी यात्रा को समर्पित— दीपक वही, जो...

After all, how will the potential clash of regional interests among China, India, and Iran/Israel in Asia be averted?

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आखिर एशिया में चीन, भारत और ईरान/इजरायल के क्षेत्रीय हितों में संभाव्य टकराव रुकेगा कैसे?   client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक एशिया को खरबूजे की तरह काटकर यहां के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करने वाले अमेरिका-यूरोप के ताकतवर पश्चिमी देशों के लिए भारत और ईरान का मजबूती पूर्वक उभरना न केवल चौंकाने वाला अंतरराष्ट्रीय अध्याय है, बल्कि अबतक उन्हें चीन से जो रणनीतिक चुनौती मिल रही थी, उसे यदि भारत और ईरान दोनों का रणनीतिक साथ मिल गया, क्योंकि रूस की यही रणनीति है, तो ब्रिक्स को आशातीत मजबूती मिलेगी और जी-7 की अंतरराष्ट्रीय दादागिरी पर ब्रेक लगेगा।  यही वजह है कि अमेरिकी डीप स्टेट परेशान है। उसे 20वीं सदी के इंग्लैंड की मानिंद 21वीं सदी में अमेरिकी सितारा भी डूबता हुआ नजर आने लगा है। ऐसा इसलिए कि पड़ोसियों से बात बात में विवाद को बढ़ाने वाला चीन वैश्विक विवादों में सौम्य प्रतिरोध की जो रणनीति अपना रहा है, उससे रूस, भारत और ईरान के साथ साथ इनके समर्थकों की सहानुभूति भी चीन के साथ बढ़ रही है। वहीं, ठीक इसके उलट दुनिया का तथाक...

International implications of the new bilateral relations developed between India and Seychelles.

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भारत और सेशेल्स के बीच विकसित नए द्विपक्षीय सम्बन्धों के अंतरराष्ट्रीय निहितार्थ         client=ca-pub-6262725213669814 # कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक भारत और सेशेल्स के बीच हाल के वर्षों में विकसित हुए द्विपक्षीय संबंध केवल आर्थिक और सामरिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके व्यापक अंतरराष्ट्रीय निहितार्थ भी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया सेशेल्स दौरे से इस बात को और भी बल मिला है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि भारत–सेशेल्स संबंध केवल द्विपक्षीय मैत्री का उदाहरण नहीं हैं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा, शक्ति-संतुलन, समुद्री व्यापार, जलवायु सहयोग और भारत की वैश्विक रणनीतिक भूमिका को सुदृढ़ करने वाले महत्वपूर्ण संबंध हैं। यही नहीं भविष्य में रक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, ब्लू इकोनॉमी और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से इन संबंधों का अंतरराष्ट्रीय महत्व और अधिक बढ़ने की संभावना है। इसलिए आइए इसके वैश्विक मायने को समझने और पाठकों को समझाने की एक विनम्र कोशिश करते हैं- पहला, हिंद महासागर में भार...

Yogi-ji's indelible identity

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योगी जी की अमिट पहचान @ कवि कमलेश पांडेय केसरिया वेश, सरल पहचान, सेवा जिसका है सम्मान। जन-जन की आवाज़ बनकर, बढ़ते रहते हर अभियान। योगी जी की यही पहचान। दृढ़ संकल्प और ऊँचे विचार, राष्ट्रहित जिनका है आधार। अनुशासन, श्रम और सद्भाव से, करते जनजीवन का श्रृंगार। योगी जी की यही शान। गाँव-नगर की नई उमंग, विकास की गूँजे हर तरंग। शिक्षा, सेवा, सुरक्षा लेकर, बढ़े प्रगति के सुंदर रंग। योगी जी का यही अंतर्ध्यान। युवा शक्ति को दें संदेश, मेहनत से बदलो अपना देश। सत्य, साहस और कर्मपथ पर, यही सफलता का परिवेश। योगी जी का पूरा परिवेश। आओ मिलकर प्रण ये लें, भारत को आगे हम करें। योगी जी की अमिट पहचान। ( उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय Yogi Adityanath जी पर एक प्रेरणादायक कविता )