नक्सलवाद मुक्त भारत की डेडलाइन पूरी, ख्वाब अधूरी, अब अर्बन नक्सलियों पर नजर!
नक्सलवाद मुक्त भारत की डेडलाइन पूरी, ख्वाब अधूरी, अब अर्बन नक्सलियों पर नजर! @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक देश के 'पीएम इन वेटिंग' और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों और आतंकवादियों की कमर तोड़ने में अभूतपूर्व और उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि भारत अभी पूरी तरह नक्सलवाद और आतंकवाद मुक्त हुआ है। हां, सरकार की कोशिशें सराहनीय हैं। यदि शाह अपने नेक मकसद में कामयाब हुए तो प्रधानमंत्री पद की उनकी दावेदारी और पुख्ता हो जाएगी, क्योंकि उन्होंने मनमाफिक राष्ट्रीय टीम पहले से ही बना रखी है। यह ठीक है कि सरकार ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का लक्ष्य रखा था, और आतंकवाद समाप्ति को लेकर ऐसा कोई दुरूह लक्ष्य घोषित नहीं किया गया था और कड़ी कार्रवाई गतिमान है, लेकिन पूरे देश की बात छोड़ दी जाए तो खुद दिल्ली-एनसीआर से ब्रेक के बाद सामने आने वाले मामले इस बात की चुगली कर रहे हैं कि उद्देश्यपूर्ति काफी जटिल है। ऐसा इसलिए कि नक्सलियों और आतंकवादियों को बौद्धिक और आर्थिक खुराक देने वाली जमात राजनीतिक, सामाजिक व आर्थिक हलकों में सक्र...