Amid speculation about a potential reshuffle in the Modi cabinet, political anxiety has mounted over who might be in and who might be out.
मोदी मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की अटकलों के बीच कौन अंदर, कौन बाहर के दृष्टिगत बढ़ीं सियासी धड़कनें client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक मोदी सरकार 3.0 अपने कार्यकाल के मध्य चरण में प्रवेश कर चुकी है। ऐसे समय में केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल केवल प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि 2027–2029 के चुनावी रोडमैप का राजनीतिक संदेश भी होगा। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और अधिकांश चर्चाएं राजनीतिक सूत्रों तथा मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। हाँ, इतना अवश्य है कि दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चल रही फेरबदल की चर्चा जरूर तेज है, लेकिन अभी तक सरकार या भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यही वजह है कि मोदी मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की अटकलों के बीच कौन अंदर, कौन बाहर के दृष्टिगत सियासी धड़कनें बढ़ चुकी हैं। सवाल है कि आखिर फेरबदल की जरूरत क्यों? तो जवाब होगा कि भाजपा के सामने कई समानांतर चुनौतियां हैं— बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड जैसे राज्यों के आगामी विध...