संदेश

Russia Sanctions Bill: India needs to understand the 'American nature' and take precautionary measures in time

चित्र
रूस प्रतिबंध विधेयक: भारत को समय रहते ही 'अमेरिकी फितरत' को समझना पड़ेगा और एहतियाती कदम उठाने पड़ेंगे @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक अमेरिकी सीनेट द्वारा पारित नए 'रूस प्रतिबंध विधेयक' ने अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति में खलबली मचा दी है, क्योंकि यह विधेयक रूसी कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का आयात करने वाले शीर्ष देशों, जिनमें भारत और चीन शामिल हैं, पर सौ प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रविधान करता है। यही वजह है कि अमेरिका के सीनेट के इस कदम ने भारत-अमेरिका के भावी रिश्तों को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814 इसलिए सवाल उठता है कि अमेरिकी सीनेट द्वारा पारित नए 'रूस प्रतिबंध विधेयक' क्या हैं? इससे कौन कौन देश प्रभावित होंगे? और इससे भारतीय गुटनिरपेक्षता का क्या हश्र होगा? तो दो टूक जवाब होगा कि हाँ—यह विधेयक भारत के लिए केवल रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों का मामला नहीं है; इसका बड़ा प्रश्न यह है कि क्या अमेरिका अब तीसरे देशों की विदेश एवं ऊर्जा नीति को भी अ...

Message of social harmony and Sanatan unity resonates at the Kanwar service camp in Kamalpur: Dr. Dinesh Chandra

चित्र
कमालपुर में कांवड़ सेवा शिविर में गूंजा सामाजिक समरसता और सनातन एकता का संदेश: डॉ दिनेश चंद्र  # पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने संत शिरोमणि रविदास जी की शिष्य परंपरा के साधु-संतों का अंगवस्त्र पहनाकर किया सम्मान, यज्ञ में की सहभागिता @ कमलेश पांडेय/राजनैतिकदुनिया सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में पश्चिमी उत्तर प्रदेश इन दिनों शिवभक्ति और धार्मिक आस्था से सराबोर है। कांवड़ यात्रा के दौरान जगह-जगह शिव कांवड़ सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की सेवा के साथ-साथ सामाजिक समरसता एवं सनातन संस्कृति का संदेश भी दिया जा रहा है। इसी क्रम में कमालपुर, सहारनपुर में आयोजित शिव कांवड़ सेवा शिविर में पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने सहभागिता की। कार्यक्रम में हिंदू जागरण मंच के संयोजक सूर्यकांत सिंह के तत्वावधान में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, ग्राम प्रधानों एवं ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण यज्ञ एवं हवन रहा। पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने यज्ञ में सहभाग...

Kanwar Yatra immerses entire Western Uttar Pradesh in devotion to Lord Shiva; a remarkable confluence of religious faith and social harmony witnessed: Dr. Dinesh Chandra.

चित्र
कांवड़ यात्रा से पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश शिवमय, धार्मिक आस्था और सामाजिक समरसता का दिखा अद्भुत संगम: डॉ. दिनेश चंद्र # सहारनपुर के कांधलपुर में शिव कांवड़ सेवा शिविर के शुभारंभ में पहुंचे पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र, हवन एवं संत-महंतों की उपस्थिति में हुआ आयोजन @ कमलेश पांडेय/राजनैतिकदुनिया सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शिवभक्त कांवड़ियों की धार्मिक आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। कांवड़ यात्रा के माध्यम से पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश शिवमय नजर आ रहा है। इसी क्रम में पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने सहारनपुर जनपद के विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में पहुंचकर शिवभक्तों और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। इसी क्रम में डॉ. दिनेश चंद्र ने बताया कि हिंदू जागरण मंच के संयोजक सूर्यकांत सिंह के तत्वावधान में जनपद सहारनपुर के कांधलपुर गांव में आयोजित शिव कांवड़ सेवा शिविर के शुभारंभ के अवसर पर उन्हें सूर्यकांत सिंह एवं उनके सहयोगियों द्वारा आमंत्रित किया गया था। उनके आमंत्रण पर वह शिविर म...

Will the 'Islamic NATO' increase India's diplomatic challenges? Is there perhaps an indirect move by the US and China behind this?

चित्र
क्या 'इस्लामिक नाटो' से भारत की कूटनीतिक चुनौतियां बढ़ेंगी? कहीं अमेरिका व चीन की इसके पीछे कोई परोक्ष चाल तो नहीं? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक एशिया में ईरान और रूस के दांवपेंच से निपटने के लिए या फिर अमेरिका और चीन की शह पर पहले पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच और अब तुर्किये के साथ भी मक्का में जो रक्षा समझौते हुए हैं, उसके दृष्टिगत भारतवासियों के दिलोदिमाग में बस एक ही सवाल कौंध रहा है कि क्या कथित 'इस्लामिक नाटो' से भारत की कूटनीतिक चुनौतियां बढ़ेंगी? क्या इससे निपटने में रूस-ईरान से रक्षा सम्बन्धों को और मजबूती दी जानी चाहिए? या फिर अमेरिका या चीन या फिर दोनों के इशारे पर हुए इस गठबंधन के पीछे कोई परोक्ष चाल तो नहीं है? तो जवाब होगा कि हाँ—भारत की कूटनीतिक चुनौतियाँ बढ़ सकती हैं, लेकिन इसे अभी सीधे-सीधे “इस्लामिक NATO” कहना जल्दबाजी होगी। दरअसल, गत 7 अगस्त 2026 को मक्का में सऊदी अरब, तुर्किये और पाकिस्तान ने एक संयुक्त रक्षा समझौता किया है, जिसमें एक पर सशस्त्र हमला तीनों पर हमला माना जाएगा। यह पहले के सऊदी-पाकिस्तान रक्षा स...

When reservation and the principle of creamy layer become political weapons, then what option will be left for the neglected section?

चित्र
जब आरक्षण और क्रीमीलेयर का सिद्धांत राजनीतिक हथियार बन जाएं तो फिर उपेक्षित तबके के पास आखिर क्या रास्ता बचेगा? https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक किसी भी तथाकथित बहुमत आधारित लोकतंत्र में जब आरक्षण (एससी-एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस) और क्रीमीलेयर का सिद्धांत (ओबीसी) राजनीतिक हथियार बन जाएं तो फिर एससी-एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस के अन्य वंचित या उपेक्षित तबके के पास अपना नैसर्गिक हक पाने के लिए आखिर क्या रास्ता बचेगा, यक्ष प्रश्न है? उससे भी बड़ी बात यह है कि यदि इतिहास के उत्पीड़न को आधार बनाकर किसी के वर्तमान और भविष्य को सजा दी जाएगी, तो प्रभावित लोग इसे कब तलक बर्दाश्त कर पाएंगे, सुलगता वक्त ही बताएगा, हम नहीं!  चूंकि भारतीय समाज में आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर देश की सबसे बड़ी अदालत के गलियारों में गूंजता दिखाई दे रहा है। जिस तरह से अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण में क्रीमी लेयर (समृद्ध वर्ग को बाहर करने का नियम) लागू करने को लेकर ...

Exemplary management arrangements made during Kanwar Yatra in western Uttar Pradesh; Seva Camps in Saharanpur set an example: Dr Dinesh Chandra

चित्र
पश्चिम उत्तर प्रदेश की कांवड़ यात्रा में हुई अनुकरणीय प्रबंधकीय व्यवस्था, सहारनपुर के सेवा शिविर बने मिसाल: डॉ दिनेश चंद्र कमलेश पांडेय/राजनैतिकदुनिया सहारनपुर, 6 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पश्चिम उत्तर प्रदेश में संचालित कांवड़ यात्रा की सराहनीय व्यवस्थाओं को लेकर पूर्व जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने अपने लगभग 20 वर्षों के प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि प्रशासन, समाजसेवियों और स्वयंसेवी संगठनों के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।  उन्होंने बताया कि अपने शासकीय सेवाकाल के दौरान हरिद्वार, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अलीगढ़, गाजियाबाद, मुरादाबाद सहित पश्चिम उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कांवड़ यात्रा की प्रबंधकीय व्यवस्थाओं को निकट से देखने और समझने का अवसर मिला। इस दौरान प्रशासन और सामाजिक संगठनों के बेहतर समन्वय से श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराई गई। डॉ. दिनेश चंद्र ने विशेष रूप से गोवंशों के लिए हरा चारा नेपियर वृक्षारोपण जल संरक्षण लोगों से...

Where Is India Headed as It Loses Its Sense of Decorum? A Thought That Inspires Fear

चित्र
Where Is India Headed as It Loses Its Sense of Decorum? A Thought That Inspires Fear https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814 @ By Gaurav Pandey, Independent Journalist India is not merely a country defined by geographical boundaries. It is a living civilization that has preserved, for thousands of years, a rich cultural heritage, refined traditions, human values, and ethical principles. The family has always been regarded as a child's first school, while parents, teachers, elders, and society have been considered the foundation of character building. Through their exemplary conduct and wisdom, saints, sages, philosophers, and social reformers who stood the test of time guided Indian society toward discipline, self-restraint, moral conduct, service, sacrifice, and righteousness. Ideals such as Vasudhaiva Kutumbakam ("The world is one family") and Sarve Bhavantu Sukhinah, Sarve Santu Niramayah (...