संदेश

वार्ड 72 कौशाम्बी के भक्तों ने ईडीएम मॉल के मल्टिप्लेक्स में देखी "हनुमान अंश" फिल्म, लगाए जयकारे

चित्र
वार्ड 72 कौशाम्बी के भक्तों ने ईडीएम मॉल के मल्टिप्लेक्स में देखी "हनुमान अंश" फिल्म, लगाए जयकारे  @ राजनैतिक दुनिया  गाजियाबाद। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाथ संप्रदाय से जुड़े रहे सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक संत बाबा नीम करौली जी महाराज, जिन्होंने भगवान हनुमानजी की अविरल भक्ति की, के जीवन दर्शन और संतत्व के विभिन्न पड़ावों के उपर एक प्रेरणादायी फिल्म "हनुमान अंश" बनाई गई। भक्तों की मानें तो उनके अनुयायी देश-विदेश में फैले हुए हैं। उनके द्वारा स्थापित नीम करौली धाम की ख्याति निरंतर बढ़ती जा रही है। इसलिए भाजपा नेता अपने समर्थकों को मुफ्त में यह फिल्म दिखला रहे हैं। इसी कड़ी में कौशांबी, गाजियाबाद में भक्तों की टोली द्वारा शुक्रवार को "हनुमान अंश" फिल्म ईडीएम मॉल में देखी गई। इससे पूरा माल कल भक्ति में डूबा हुआ था। भगवान राम और हनुमान जी के नारे मॉल में गूंज रहे थे। इस अवसर पर पार्षद कुसुम मनोज गोयल द्वारा महिला टोली का उत्साह बढ़ाया गया। भक्तों की टोली में मंजू शर्मा, रीना मिगलानी, सोनू, सील, वंदना चावला, उर्मिल अरोड़ा, रजनी, शीला,...

क्या अमेरिका, रूस और चीन के साथ मिलकर जी-3 बना सकता है?

चित्र
क्या अमेरिका, रूस और चीन के साथ मिलकर जी-3 बना सकता है?  समझिए इसके पीछे की बदलती कूटनीति! "अब वाशिंगटन, बीजिंग और मॉस्को के बीच एक नया समीकरण बन रहा है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमेशा से ये मानते रहे हैं कि अगर वो पुतिन और शी जिनपिंग से सीधे बातचीत करें, तो दुनिया के बड़े-बड़े विवाद पलक झपकते ही सुलझ सकते हैं।" @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक  भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "रणनीतिक स्वायत्तता" वाली कूटनीति से जहां अमेरिका, चीन, रूस तीनों बड़े देश घबराए हुए हैं, वहीं फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील जैसे देश इसमें ही अपना कूटनीतिक भविष्य देख रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिज्ञों का भी मानना है कि यदि भारत अपने मिशन में कामयाब हो जाता है तो इससे न केवल बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि अमेरिका, रूस और चीन के "हथियारों के सौदागरों" के हाथ-पांव भी ठिठक जाएंगे।  चूंकि समसामयिक वैश्विक परिदृश्य में अरब-खाड़ी देशों में अमेरिका-यूरोप की इज्जत दांव पर पड़ी हुई है, क्योंकि रूस-चीन...

यूपी में 350 से अधिक सीटें जीतकर योगी सरकार लगाएगी हैट्रिक: निषाद

चित्र
यूपी में 350 से अधिक सीटें जीतकर योगी सरकार लगाएगी हैट्रिक: निषाद  @ राजनैतिक दुनिया  गाजियाबाद। उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अब फिज़ा बननी शुरू हो चुकी है। भाजपा नीत एनडीए गठबंधन के नेताओं ने गाजियाबाद/गौतमबुद्ध नगर में अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं, क्योंकि लखनऊ की हवा बनाने में मेरठ मंडल के एनसीआर क्षेत्र की बड़ी भूमिका होती है।  प्राप्त जानकारी के मुताबिक, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इशारे पर प्रदेश में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैंl बुद्धवार को वे गाजियाबाद में थे। इसी क्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता व पार्षद पति मनोज गोयल ने उनसे भेंट की और पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। इस दौरान राजनीतिक वार्ता भी हुई | खासकर उत्तर प्रदेश की राजनीति के बारे में खुलकर चर्चा हुई।  श्री गोयल के मुताबिक, उन्होंने बताया कि आने वाले चुनाव में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में  350 से अधिक सीट लेकर योगी सरकार हैट्रिक बनाएगी। इस नजरिए से मिशन मोड पर काम चल रहा...

क्या मोदी-शी मुलाकात से भारत-चीन संबंधों में कोई नया अध्याय खुलेगा?

क्या मोदी-शी मुलाकात से सीमाई तनाव से लेकर रणनीतिक संवाद तक भारत-चीन संबंधों में कोई नया अध्याय खुलेगा? # समझिए आखिर जब नई दिल्ली में मोदी से जिनपिंग मिलेंगे तो दुनिया के अन्य महत्वपूर्ण देशों में क्या कूटनीतिक संदेश जाएगा? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक  अगर 12–13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की द्विपक्षीय मुलाकात होती है, तो इसका कूटनीतिक संदेश केवल भारत-चीन संबंधों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह एशिया और वैश्विक शक्ति-संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत होगा। ऐसा इसलिए कि चीनी राष्ट्रपति शी की यह भारत यात्रा सात वर्षों बाद हो रही है। लिहाजा उम्मीद बंधी है कि जब मोदी-शी मुलाकात होगी तो सीमा पर तनाव से लेकर रणनीतिक संवाद तक, खुलकर बात होगी और फिर दोनों नेताओं के मूड से पता चलेगा कि क्या भारत-चीन संबंधों में कोई नया अध्याय खुलेगा या यथास्थिति बनी रहेगी? देखा जाए तो इस द्विपक्षीय मुलाकात के 8 बड़े कूटनीतिक संदेश होंगे, जो इस प्रकार हैं:-  पहला, सीमा विवाद के बावजूद संवा...

# आखिर युवाओं के बीच क्यों नहीं चमक पा रहे हैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन?

चित्र
# आखिर युवाओं के बीच क्यों नहीं चमक पा रहे हैं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन?  "इतिहास में कुछ अध्यक्ष संगठन के पदाधिकारी बनकर रह जाते हैं और कुछ अपने दौर के राजनीतिक चेहरे बन जाते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को दूसरा रास्ता चुनना होगा। इसके लिए उन्हें मोदी-शाह से टकराने की जरूरत नहीं है; यह उनका स्वभाव भी नहीं है। इसलिए उन्हें मोदी-शाह की छाया के भीतर अपनी राजनीतिक धूप पैदा करनी होगी। यही उनकी वास्तविक नेतृत्व-परीक्षा है।" @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक  भाजपा के राजनीतिक गलियारों में एक सवाल सबको बेचैन किए हुए है कि आखिर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन युवाओं के बीच क्यों नहीं चमक पा रहे हैं? क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सपा मुखिया अखिलेश यादव, राजद सुप्रीमो तेजस्वी यादव, आप नेता अरविंद केजरीवाल, जनसुराज नेता प्रशांत किशोर आदि जैसे राजनीतिक क्षत्रपों को सियासी रूप से निपटाने के लिए नितिन नवीन के रूप में जो राजनीतिक तुरूप का पत्ता चला है, वह अब मनहूसियत की ओ...

जानिए, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को पार्टी से 'युवाओं' को जोड़ने के लिए क्या क्या करना चाहिए?

चित्र
जानिए, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को पार्टी से 'युवाओं' को जोड़ने के लिए क्या क्या करना चाहिए? "यदि नितिन नवीन भाजपा को युवाओं—विशेषकर Gen Z, first-time voters, college students, युवा professionals और startup/entrepreneur वर्ग—से जोड़ना चाहते हैं, तो सबसे जरूरी बदलाव उन्हें यह करना होगा कि युवाओं को केवल “वोट बैंक” नहीं, बल्कि पार्टी के विचार, संगठन और नीति-निर्माण में भागीदार बनाया जाए।" @  कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन युवा नेता हैं, लेकिन युवाओं खासकर जेन-जी को पार्टी से जोड़ने की उनकी मुहिम जब रंग नहीं ला पाई तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी यह कार्य अपने ही जिम्मे ले लिया और श्रीराम कॉलेज से लेकर मेट्रो तक "हनुमान कूद" करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इससे खुद नितिन नवीन के नेतृत्व क्षमता पर भी सवाल उठने लगे हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि मोदी-शाह और भाजपा-आरएसएस में तालमेल बिठाने के चक्कर में वह खुद अप्रासंगिक होते नजर आ रहे हैं। देखा जाए तो लगभग आठ महीने से वो पार्टी के राष...

गाजियाबाद नगर निगम के वार्ड नंबर 72 कौशाम्बी-वैशाली एक में गड्ढे व खड्डे की भराई शुरू

चित्र
गाजियाबाद नगर निगम के वार्ड नंबर 72 कौशाम्बी-वैशाली एक में  गड्ढे व खड्डे  की भराई शुरू # समाजसेवी  पप्पू चौपाल द्वारा हनुमान द्वार पर भगवान श्री कृष्ण की छठी के अवसर पर भंडारा का आयोजन किया गया @ राजनैतिकदुनिया  गाजियाबाद। दिल्ली की सीमा से सटे गाजियाबाद नगर निगम अंतर्गत वार्ड नंबर 72 कौशांबी में 9 सितंबर को निगम द्वारा बरसात के दौरान हुए बने हुए गड्ढे व खड्डे को भरने का अभियान चलाया गया,  ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो। इस अवसर पर निगम पार्षद कुसुम मनोज गोयल द्वारा मौके पर पहुंच कर निगम के अधिकारियों को जगह जगह गड्ढे व खड्डे दिखाए गए और उन्हें अविलंब भरवाने में सहयोग किया गया। पार्षद श्रीमती कुसुम मनोज गोयल ने बताया कि उन्हें भरवाना बहुत जरूरी है। चूंकि बरसात के कारण अभी प्लांट बंद पड़ा है और नगर निगम द्वारा अभी पेच वर्क  टेंडर होना बाकी है। चूंकि लोगों की गुहार पर कल ही इसकी शिकायत निगम के अधिकारियों से पार्षद द्वारा की गई थी, इसलिए आज यह कार्य कराया जा रहा है। इससे लोगों ने जनप्रतिनिधि व निगम अधिकारियों की सराहना की।  इस अवसर पर ...