Political implications of cross-voting in Rajya Sabha and Legislative Council elections (राज्यसभा व विधान परिषद चुनावों में क्रॉस वोटिंग के सियासी निहितार्थ)
राज्यसभा व विधान परिषद चुनावों में क्रॉस वोटिंग के सियासी निहितार्थ https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक भारत की राजनीति में हालिया (जून 2026) के राज्यसभा और विधान परिषद चुनावों में क्रॉस वोटिंग के सबसे चर्चित मामले मुख्यतः झारखंड और कर्नाटक में सामने आए हैं, जिनके अपने-अपने सियासी निहितार्थ हैं। ऐसा इसलिए कि इन दोनों घटनाओं ने क्रमशः कांग्रेस और भाजपा की हेकड़ी भरी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। साथ ही खास तरह के राजनीतिक प्रबंधन को लोकतंत्र के लिए खतरा भी करार दे दिया, क्योंकि इससे मतदाताओं के विश्वास को ठेस पहुंची और आया राम, गया राम वाली पूंजीवादी राजनीतिक संस्कृति की बल्ले बल्ले हो गई। https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814 लिहाजा, ऐसी राजनीतिक अनैतिकता के खिलाफ स्पष्ट प्रावधान होने चाहिए, ताकि उनके समर्थक मतदाताओं के साथ सियासी छलावा न हो। सबसे पहले समझते हैं कि आखिर क्रॉस वोटिंग का अर्थ क्या है? तो यह जान ली...