एक प्रेरणात्मक कविता: सम्राट हैं तो संभव है
सम्राट हैं तो संभव है @ कवि: कमलेश पांडेय सम्राट हैं तो संभव है, बदलावों का उत्सव है। नई उमंग, नई आशा है, विकास-पथ की अभिलाषा है। सड़कों से लेकर खेतों तक, सपनों से लेकर रेतों तक, हर जन-मन में यह स्वर है, भविष्य सुनहरा बेहतर है। युवा शक्ति को मिले उड़ान, शिक्षा, रोजगार का सम्मान, गांव-गांव तक पहुँचे प्रकाश, यही प्रगति का सच्चा विश्वास। संघर्षों से जो न घबराए, जनसेवा को धर्म बनाए, ऐसे नेतृत्व का संदेश, बढ़ता जाए अपना प्रदेश। बिहार की नई पहचान बने, विकास का ऊँचा मान बने, जन-जन की यही पुकार रहे, उन्नति का यह द्वार रहे। सम्राट हैं तो संभव है, हर सपना अब साकार संभव है। मेहनत, विश्वास और संकल्प से, नया बिहार निर्माण संभव है। — कवि: कमलेश पांडेय ************** # "राजनैतिकदुनिया डॉट ब्लॉग्स्पॉट डॉट कॉम" वैचारिक क्रांति का अग्रदूत है, इसलिए जनसहयोग अपेक्षित बृहत्तर भारत, शांतिप्रिय विश्व की अवधारणा को मजबूत करने की मुहिम को समर्पित "राजनैतिकदुनिया डॉट ब्लॉग्स्पॉट डॉट कॉम" वैचारिक क्रांति का अग्रदूत है। विश्व व्यापी जनजागृति के निमित्त इसका लिंक फेसबुक, एक्स (ट्वी...