International implications of the Iranian proposal to transform BRICS into an organization like NATO
ब्रिक्स को नाटो जैसा संगठन बनाने के ईरानी प्रस्ताव के अंतरराष्ट्रीय निहितार्थ https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-6262725213669814 @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक इस्लामी साम्राज्यवाद के स्वप्नद्रष्टा देश ईरान की अंतरराष्ट्रीय ताकत अब किसी से छिपी हुई नहीं है, क्योंकि अपनी ठोस देशज रणनीति व रूस-चीन के बल पर उसने अरब व खाड़ी देशों में अमेरिका-इजरायल की बादशाहत को कड़ी चुनौती दे डाली है। वहीं, अब ईरान द्वारा ब्रिक्स को नाटो जैसी सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था (Collective Security Alliance) में बदलने या उसके समान सुरक्षा ढांचा विकसित करने का जो विचार प्रकट किया गया है, वह केवल एक संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति-संतुलन को प्रभावित करने वाला प्रस्ताव है। हालांकि अभी तक ब्रिक्स ने इसे औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया है, लेकिन ईरान लगातार चाहता रहा है कि ब्रिक्स केवल आर्थिक मंच न रहकर सुरक्षा और सामरिक मुद्दों पर भी अधिक सक्रिय भूमिका निभाए। सवाल है कि ईरान आखिर ऐसा क्यों चाहता है तो जवाब निम्नलिखित है...