“फ्लेक्सिबल जियोपॉलिटिक्स” के अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक निहितार्थ
“फ्लेक्सिबल जियोपॉलिटिक्स” के अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक निहितार्थ @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक "लचीली भूराजनीति” यानी फ्लेक्सिबल जियोपॉलिटिक्स का जन्मदाता भारत की देखा-देखी अब पूरी दुनिया में इसका प्रचलन बढ़ रहा है। इसे मोदी डॉक्ट्रिन कहना ज्यादा उचित होगा, जो गुटनिरपेक्षता का हाइब्रिड पालिसी संस्करण है। आम कहानी वाली भाषा में कहें तो “खुल जा सिमसिम और बंद हो जा सिमसिम” वाली वैश्विक कूटनीति ही अब लचीली भूराजनीतिक बन चुकी है। दरअसल, फ्लेक्सिबल जियोपॉलिटिक्स यानी लचीली भूराजनीति का अर्थ ऐसी अवसरवादी विदेश नीति से है, जिसमें देश अपने हित के अनुसार कभी दोस्ती का दरवाज़ा खोलते हैं और कभी तुरंत बंद कर लेते हैं। आज की दुनिया में यही “फ्लेक्सिबल जियोपॉलिटिक्स” तेजी से बढ़ रही है। जिसके सफल उपयोगकर्ता टीम पीएम मोदी हैं। इसका सबसे बड़ा लाभ भारत जैसे उन देशों को होता है जो आर्थिक रूप से शक्तिशाली हों, तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर हों, सैन्य रूप से सक्षम हों, और बहुध्रुवीय दुनिया में संतुलन साधना जानते हों। यही वजह है कि भारत इसे अपनाकर दुनिया...