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नवंबर 25, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

युं खाली हाथ हैं मेरे, मैं सब कुछ बांट आया हूं...राज कौशिक

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युं खाली हाथ हैं मेरे, मैं सब कुछ बांट आया हूं...राज कौशिक # बी.एन. तिवारी की पुण्य तिथि पर हुआ शानदार कवि सम्मेलन # श्रद्धांजलि सभा में सैंकड़ों गणमान्य लोगों ने किया याद कमलेश पांडेय/ब्यूरोचीफ, दैनिक भास्कर गाजियाबाद। भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष रहे बी.एन.तिवारी को पहली पुण्यतिथि पर बृहस्पतिवार को हिन्दी भवन में श्रद्धांजलि सभा व कवि सम्मेलन आयोजन किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार व शायर राज कौशिक ने अपने ख़ास अंदाज़ के शेर सुनाकर जमकर दाद लूटी। उनके इस शेर को खूब पसंद किया गया-  ये खाली हाथ मेरे देख मत सोचो कि मांगूंगा, युं खाली हाथ हैं मेरे, मैं सब कुछ बांट आया हूं। राज कौशिक की ये जज्बात भरी बातें सुनकर दूसरों को देने में आगे रहने वाले लोग गौरवान्वित महसूस करने लगे। इस श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी ने की। टेक्निकल एजुकेशन बोर्ड ऑफ यूपी के उपाध्यक्ष दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बलदेव राज शर्मा, भाजपा प्रदेश कार्य  समिति के सदस्य पृथ्वी सिंह कसाना, भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय मंत्री गिरीश आर्य, प्रदेश संगठन मंत्री रामनिवास, विभाग प...

योगी राज में गालंद की गुंडई के निहितार्थ को समझिए

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योगी राज में गालंद की गुंडई के निहितार्थ को समझिए @ तेरे-मेरे सामने/कमलेश पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस दिन मेरठ मंडल के गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर तहसील में एक अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का शिलान्यास कर रहे हों, उसी के एक दिन पहले हापुड़ जनपद अंतर्गत गालंद में कुछ असामाजिक तत्व जब  गाजियाबाद नगर निगम के प्रस्तावित कूड़ा डंपिंग केंद्र की निर्माणाधीन बाउंड्री को क्षतिग्रस्त कर दें, तो इसे विधिव्यवस्था के नजरिए से कदापि अच्छा संकेत नहीं समझा जाएगा। इस उत्पात की सुनियोजित टाइमिंग और हापुड़ पुलिस का संयम काबिलेगौर है। जब यूपी में चुनावी रंग दिन प्रतिदिन चोखा हो रहा हो, तब ऐसी वारदातों का होना बहुत कुछ कह जाता है, जिसे मोदी प्रशासन और योगी प्रशासन को समझने की जरूरत है। यहां पर यह भी बताना जरूरी है कि गाजियाबाद नगर निगम के गालंद कूड़ा सेग्रिगेशन प्रोजेक्ट में एक विदेशी कम्पनी भी शामिल है, इसलिए इससे जुड़ी कोई भी घटना वैश्विक चर्चा का विषय भी बनेगी। इसलिए सिविल और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। वैसे तो  गाजियाबाद नगर निगम के इस महत्वकांक्षी प्र...

डिजिटल बैंक क्या है? इसका मकसद क्या है? यह कब से अस्तित्व में आएगा?

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डिजिटल बैंक क्या है? इसका मकसद क्या है? यह कब से अस्तित्व में आएगा? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार केंद्र में सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी सरकार ने डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने और समावेशी विकास के लिए 'डिजिटल बैंक' की अवधारणा को भी प्रॉपर चैनल से प्रस्तुत करवा दिया है। इसी सिलसिले में नीति आयोग ने डिजिटल बैंक के गठन का प्रस्‍ताव देते हुए आगामी 31 दिसम्बर तक इससे जुड़े सुझाव आमंत्रित किये हैं। कहना न होगा कि इस बैंक के आकार लेने के बाद खाताधारी बैंक उपभोक्ताओं को घर बैठे ही सभी सेवाएं मिलेंगी, क्योंकि इस बैंक का कोई भौतिक ब्रांच नहीं होगा। # डिजिटल बैंक सम्बन्धी परिचर्चा पत्र जारी, दिसंबर तक दीजिये सुझाव बता दें कि नीति आयोग ने गत बुधवार को डिजिटल बैंक बनाने का प्रस्‍ताव किया है जो पूर्ण रूप से तकनीकी कार्यकुशलता पर आधारित होगा। यह डिजिटल बैंक अपनी सेवाएं देने के लिए इंटरनेट या ऐसे किसी चैनल पर सैद्धांतिक रूप से आधारित होगा, जिसकी कोई भौतिक उपस्थिति नहीं होगी। इस निमित्त नीति आयोग ने 'डिजिटल बैंक्स: ए प्रपोजल फॉर लाइसेंसिंग एंड रेगुलेटरी रीजिम फॉर इंडिया...