लोकनायक, लोकनीति और संपूर्ण क्रांति
लोकनायक, लोकनीति और संपूर्ण क्रांति @ कमलेश पांडेय, स्थानीय संपादक, लोकनायक भारत, दिल्ली लोकनायक जयप्रकाश ने पटना, बिहार में पाँच जून 1975 को घोषणा की थी कि भ्रष्टाचार मिटाना, बेरोजगारी दूर करना, शिक्षा में क्रांति लाना, आदि ऐसी चीजें हैं जो आज की व्यवस्था से पूरी नहीं हो सकतीं; क्योंकि वे इस व्यवस्था की ही उपज हैं। वे तभी पूरी हो सकती हैं जब सम्पूर्ण व्यवस्था बदल दी जाए और सम्पूर्ण व्यवस्था के परिवर्तन के लिए क्रान्ति, ’सम्पूर्ण क्रान्ति’ आवश्यक है। आपको पता है कि उन्होंने सम्पूर्ण क्रान्ति का आह्वान तत्कालीन लोह महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की अधिनायकवादी सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए किया था। तब लोकनायक ने ही कहा था कि सम्पूर्ण क्रांति में सात क्रांतियाँ शामिल है जो राजनैतिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, बौद्धिक, शैक्षणिक व आध्यात्मिक क्रांति का सूत्रपात करती हैं। इन सातों क्रांतियों को मिलाकर ही सम्पूर्ण क्रान्ति होती है। इस नजरिए से देखा जाए तो उनका आह्वान आज भी अधूरा है, जिन्हें पूरा करने के लिए ही महान स्वप्नद्रष्टा और स्वनामधन्य स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक और स...