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अगस्त 16, 2025 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

संपूर्ण शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलावों का प्रस्ताव करती है राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 : एनआईईपीए

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संपूर्ण शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलावों का प्रस्ताव करती है राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020:  एनआईईपीए # राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका और भारत को आत्मनिर्भरता के मार्ग की ओर अग्रसर करना निर्विवाद है। शिक्षा का यह अंतर्निहित सार बहुत ही महत्वपूर्ण है: तरुण विजय  # 15 वीं मौलाना आज़ाद मेमोरियल व्याख्यान स्टीन ऑडिटोरियम, इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में गत दिनों कार्यक्रम आयोजित हुआ @ कमलेश पांडे, वरिष्ठ संवाददाता  नई दिल्ली। राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर, एनआईईपीए (NIEPA) ने स्टीन ऑडिटोरियम, इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में गत दिनों अपना 15 वां मौलाना आज़ाद मेमोरियल व्याख्यान आयोजित किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व राज्यसभा सदस्य तरुण विजय, पूर्व संपादक, पंचजान्य और राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष थे। वहीं, व्याख्यान की अध्यक्षता श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो मुरली मनोहर पाठक ने की। यह आयोजन प्रो शशिकला वंजारी, कुलपति, एनआईईपीए और सूर्य नारायण मिश्रा, रजिस्...

The National Education Policy 2020 proposes significant changes to the entire education system

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The National Education Policy 2020 proposes significant changes to the entire education system # The critical role of education in the process of nation-building and making India tread towards the path of self-reliance is undeniable. This Inherent essence of education was very pertinently: Tarun Vijay # 15th Maulana Azad Memorial Lecture held on last days at Stein Auditorium, India Habitat Centre, New Delhi.  @ Kamlesh Pandey, Sr Correspondent New Delhi: On the occasion of National Education Day, NIEPA organized its 15th Maulana Azad Memorial Lecture on last days at Stein Auditorium, India Habitat Centre, New Delhi. The invited chief guest for the event was former Rajya Sabha member, Hon’ble Shri Tarun Vijay, Former Editor, Panchajanya and Former Chairman of National Monuments Authority.  The lecture was chaired by Prof. Murlimanohar Pathak, Vice-Chancellor, Shri Lal Bahadur Shastri National Sanskrit University. The event was held under the overall guidance and lea...

पीएम मोदी द्वारा आरएसएस की तारीफ से उभरे आलोचनात्मक स्वरों के सियासी मायने समझिए

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पीएम मोदी द्वारा आरएसएस की तारीफ किए जाने के बाद उभरे विपक्षी आलोचनात्मक स्वरों के सियासी मायने समझिए @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक देश-दुनिया की सबसे बड़ी अपंजीकृत गैर सरकारी संस्था  (एनजीओ) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की तारीफ जब दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), जो और सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अगुवा पार्टी है, के प्रखर नेता, ओजस्वी वक्ता, पूर्व संघ प्रचारक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर से की, तो वह कोई साधारण क्षण नहीं था, बल्कि आरएसएस की स्थापना के शतक वर्ष पर 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह को सम्बोधित कर रहे प्रधानमंत्री के हृदय से निकला उद्गार है।  वहीं, सियासी रूप से मूढ़ और अकर्मण्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और उसकी सहयोगी समाजवादी पार्टी (सपा) ने जिस तरह से प्रधानमंत्री के आरएसएस सम्बन्धी विचार की खिल्ली उड़ाई, उससे जनसेवा, समाजसेवा व राष्ट्रसेवा के प्रति उनका उपहास बोध उजागर हो गया। ये वही लोग हैं जिन्होंने दलित-पिछड़ों-अल्पसंख्यकों के शोषण के नाम पर सत्ता हथियाकर स...