विपक्ष द्वारा भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में लिखा गया एक और काला अध्याय
फ्लैग:- विपक्ष के लोकतंत्र विरोधी व हिंसक व्यवहार से हेडिंग:- भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में लिखा गया एक और काला अध्याय क्रशर:- तमाम गतिरोध के बावजूद संसद ने पारित किए लगभग 2 दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण विधेयक कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता नई दिल्ली। बीते संसद सत्र के दौरान विपक्ष के लोकतंत्र विरोधी और हिंसक व्यवहार से भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक और काला अध्याय लिखा गया। जाहिर है कि हाल के वर्षों में विपक्षी संसद सदस्यों (एमपी) द्वारा निंदनीय कार्य आम हो गए हैं। इस सत्र में उनके कृत्य कोई अपवाद नहीं बल्कि निरंतर होने वाले कार्य थे। अपने देखा होगा कि बीते साल सदन में नियम पुस्तिका को फाड़ने से लेकर विपक्ष के ज्यादातर असंसदीय आचरणों का गवाह बनने तक, विपक्ष का आचरण दिन प्रतिदिन शर्मनाक होता जा रहा है। नई दिल्ली में उस संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, मुख्तार अब्बास नकवी, प्रह्लाद जोशी, भूपेंद्र यादव, अनुराग सिंह ठाकुर, अर्जुन राम मेघवाल और वी मुरलीधरन शामिल हुए थे। मंत्रियों ने कहा कि विपक्ष ...