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पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में बर्बर सैन्य-पुलिस हिंसा के अंतरराष्ट्रीय निहितार्थ

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पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में बर्बर सैन्य-पुलिस हिंसा के अंतरराष्ट्रीय निहितार्थ @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक पीओजेके में समय-समय पर सामने आने वाली हिंसा, दमन, विरोध-प्रदर्शन और मानवाधिकार संबंधी आरोप केवल स्थानीय घटनाएं नहीं हैं, बल्कि इनके कई अंतरराष्ट्रीय आयाम भी हैं। चूंकि पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई हिंसक झड़पों ने भारत सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है। इसलिए सबने कड़ी प्रतिक्रिया दी है, क्योंकि विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार कई लोगों की मौत हुई, तथा बड़ी संख्या में लोग घायल हुए तथा गिरफ्तारियां और इंटरनेट प्रतिबंध जैसी कार्रवाइयाँ भी की गईं। लिहाजा यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय चिंता का भी सबब बन चुकी है। जहां तक भारत की सधी हुई कड़ी प्रतिक्रिया की बात है तो भारत सरकार ने इस घटना पर सधी हुई कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कथित पुलिस बर्बरता और प्रदर्शनकारियों की मौतों पर चिंता जताते हुए कहा कि ...

यशोदा हॉस्पिटल की सर्जरी टीम ने गम्भीर रूप से घायल युवक की जान बचाई: डॉ प्रसन्ना

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यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर, गाजियाबाद की सर्जरी टीम ने घायल युवक की जान बचाई: डॉ प्रसन्ना #  मेडिकल डायरेक्टर डॉ. (मेजर) सचिन दुबे ने कहा, “यह मामला दर्शाता है कि किसी भी गंभीर ट्रॉमा मरीज के लिए एक मजबूत और समग्र ट्रॉमा सिस्टम कितना महत्वपूर्ण होता है, जहां इमरजेंसी मेडिसिन, क्रिटिकल केयर, सर्जरी और अन्य विशेषज्ञ विभाग मिलकर समय पर जीवनरक्षक उपचार प्रदान करते हैं।” कमलेश पांडेय/राजनैतिकदुनिया  नई दिल्ली। एनसीआर के गाजियाबाद में अपनी तरह के पहले मामले में, यशोदा हॉस्पिटल, नेहरू नगर की जनरल सर्जरी टीम ने अन्य विशेषज्ञ विभागों के सहयोग से मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुई एक गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल 31 वर्षीय युवक की सफलतापूर्वक जान बचाई। उल्लेखनीय है कि यह दुर्घटना मेरठ एक्सप्रेसवे पर हुई थी, जिसमें युवक को बेहद गंभीर चोटें आई थीं। उसके सीने में बड़ा खुला घाव हो गया था, जिससे बायां फेफड़ा और हृदय तक दिखाई दे रहे थे। इसके अलावा कई पसलियां टूट गई थीं और उसकी सांसें भी बहुत धीमी हो गई थीं। यदि समय पर उचित उपचार नहीं मिलता तो स्थिति जानलेवा साबित हो सकती थी। ...