भारत का बिश्केक संदेश: अब 'गुट' नहीं, 'भूमिका' चुनने की दरकार!
भारत का बिश्केक संदेश: अब 'गुट' नहीं, 'भूमिका' चुनने की दरकार! Bishkek Message of India: Now need to choose 'Bhoomika', not 'faction'! "भारत अब किसी धुरी से जुड़कर नहीं, बल्कि अपनी शर्तों पर करेगा विश्व राजनीति! वह न अमेरिकी खेमे में जुड़ेगा, और न ही चीन-रूस धुरी में बंधेगा! समझिए विस्तार से...." @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक भारत अब न तो अमेरिका का पिछलग्गू बनना चाहता है, और न ही चीन-रूस धुरी का हिस्सा बनने में दिलचस्पी रखता है; बल्कि वह तो रूस से संबंध रखते हुए, चीन से प्रतिस्पर्धा करते हुए और ईरान-मध्य एशिया से जुड़ते हुए अपनी स्वतंत्र वैश्विक शक्ति की जगह बना रहा है, ताकि भारत भी एक वैसी महत्वपूर्ण शक्ति बन जाए, जिसे आंख दिखाने से पहले दुनिया सौ बार सोचे। देखा जाए तो यही बिश्केक SCO की सबसे महत्वपूर्ण भारतीय कूटनीतिक पटकथा है। दरअसल, किर्गिज़स्तान की राजधानी बिश्केक में 31 अगस्त-1 सितंबर को आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन को केवल एक बहुपक्षीय बैठक मानना भारत की मौजूदा विदेश नीति को समझने में बड़ी ...