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प्रधानमंत्री ने महिला कोटा संशोधन बिल सम्बन्धी अपनी सरकार की नाकामियों को विपक्ष के मत्थे मढ दिया

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प्रधानमंत्री ने महिला कोटा संशोधन बिल सम्बन्धी अपनी सरकार की नाकामियों को विपक्ष के मत्थे मढ दिया @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हालिया "राष्ट्र के नाम" संदेश मुख्य रूप से लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक से जुड़े कतिपय संशोधन के असफल होने के बाद आया, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर सीधा प्रहार किया। यह संदेश राजनीतिक रूप से विपक्ष को निशाना बनाने और अपनी सरकार की छवि को मजबूत करने का प्रयास था। लेकिन उन्हें ठंडे दिमाग से देश को जवाब देना चाहिए कि जब ओबीसी और ईडब्ल्यूएस को आरक्षण प्राप्त है तो फिर संसद और विधान मंडलों में इसे अविलंब लागू करने के लिए सरकार परिसीमन का लॉलीपॉप क्यों थमा रही है?  या फिर सरकार तदर्थ व्यवस्था क्यों नहीं कर रही है कि राजनीतिक दल घोषित आरक्षण के मुताबिक ही टिकट वितरण करेंगे, अन्यथा उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी और चुनाव लड़ने से रोक दिया जाएगा? यही नहीं तमाम राजनीतिक दलों के सांगठनिक पदों में भी यह आरक्षण लागू होगा। जरा सोचिए, गलत तो नहीं कहा! बात छोटी थी, गलती बीजेपी एनडीए सरकार की थी, लेकिन ...