शरारती दुनिया की क्षुद्र चालों को समझिए और इनकी मजबूत काट करते रहिए
शरारती दुनिया की क्षुद्र चालों को समझिए और इनकी मजबूत काट करते रहिए @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक भले ही अमेरिका पिछले एक सौ सालों से अंतरराष्ट्रीय महाशक्ति रहा है और उसने ग्रेट ब्रिटेन को पीछे धकेलकर यह महारत हासिल की है। वहीं, पूरी दुनिया में अपना एक छत्र राज बनाए रखने के लिए उसने हर उस देश को नष्ट कर दिया, जिसने उसे चुनौती दी, या फिर देने की हिमाकत की। उसके पूंजीपतियों की लॉबी इतनी मजबूत है कि अपने हथियार उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इनलोगों ने पूरी दुनिया में अशांति और रक्तपात बांटी है। भारत एक मात्र ऐसा देश है, जिसने रूस के सहयोग से उसे टक्कर दी और महफूज रहा। उदाहरण स्वरूप, जब बीसवीं सदी के पूर्वार्द्ध में जब जापान ने उन्हें यानी अमेरिका-ब्रिटेन आदि की साम्राज्यवादी शक्तियों को चुनौती दी और भारत में सुभाष चन्द्र बोस जैसे उनके धुर विरोधियों को आर्थिक व सैन्य मदद दी तो उन्होंने परस्पर मिलकर जापान पर परमाणु बम गिराकर उसको घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। तब उनके इस पाप में सोवियत संघ (यूएसएसआर) भी भागीदार बना था। लेकिन बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में जब...