Yogi-ji's indelible identity
योगी जी की अमिट पहचान
@ कवि कमलेश पांडेय
केसरिया वेश, सरल पहचान,
सेवा जिसका है सम्मान।
जन-जन की आवाज़ बनकर,
बढ़ते रहते हर अभियान।
योगी जी की यही पहचान।
दृढ़ संकल्प और ऊँचे विचार,
राष्ट्रहित जिनका है आधार।
अनुशासन, श्रम और सद्भाव से,
करते जनजीवन का श्रृंगार।
योगी जी की यही शान।
गाँव-नगर की नई उमंग,
विकास की गूँजे हर तरंग।
शिक्षा, सेवा, सुरक्षा लेकर,
बढ़े प्रगति के सुंदर रंग।
योगी जी का यही अंतर्ध्यान।
युवा शक्ति को दें संदेश,
मेहनत से बदलो अपना देश।
सत्य, साहस और कर्मपथ पर,
यही सफलता का परिवेश।
योगी जी का पूरा परिवेश।
आओ मिलकर प्रण ये लें,
भारत को आगे हम करें।
योगी जी की अमिट पहचान।
( उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय Yogi Adityanath जी पर एक प्रेरणादायक कविता )
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