रणनीतिक सामग्रियों के उत्पादन में तेजी से आगे बढ़ रहा है भारत
रणनीतिक सामग्रियों के उत्पादन में तेजी से आगे बढ़ रहा है भारत "भारत के पास रणनीतिक सामग्री बनने की पर्याप्त आधारभूत क्षमता है; चुनौती संसाधन की कमी से ज्यादा उन्हें बड़े पैमाने पर उच्च-मूल्य, उच्च-शुद्धता वाले तैयार पदार्थों में बदलने की है।" @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक रणनीतिक सामग्री वे खनिज, धातु और उन्नत पदार्थ हैं जिनकी उपलब्धता किसी देश की रक्षा, ऊर्जा-सुरक्षा, अंतरिक्ष, इलेक्ट्रॉनिक्स, दूरसंचार, परमाणु तकनीक, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और उच्च-तकनीकी उद्योगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इनकी आपूर्ति कुछ देशों में केंद्रित होने के कारण इनका आर्थिक और सामरिक महत्व बढ़ जाता है। भारत ने मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत विगत 12 वर्षों में इस क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इससे इस बात की उम्मीद बंधती है कि आने वाले वर्षों में अपनी सटीक रणनीति के तहत भारत इस क्षेत्र में भी बुलंदियों पर पहुंचेगा और ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी एक अच्छा विकल्प उपलब्ध करवाएगा। भारत के संदर्भ में इसे समझने के लिए खनिज, उसके शुद्धिकरण/प्रसंस्...