आतंकी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क के अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क के बारे में जानिए और उसके प्रमुख कारनामों के विषय में समझिए


आतंकी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क के अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क के बारे में जानिए और उसके प्रमुख कारनामों के विषय में समझिए


"भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकी संगठन शहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ 14 राज्यों (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि) में एक साथ बड़े पैमाने पर जॉइंट ऑपरेशन चलाकर 250 से अधिक गुर्गों/सस्पेक्ट्स को गिरफ्तार/हिरासत में लिया और 80 से अधिक FIR दर्ज की हैं।"

@ कमलेश पांडेय / वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक

शहज़ाद भट्टी नेटवर्क (SBN) पाकिस्तान से संचालित एक कुख्यात हाइब्रिड आतंकी और संगठित अपराध सिंडिकेट है। यह नेटवर्क मुख्यतः पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर भारत में आतंकी गतिविधियों, लक्षित हत्याओं और हथियार-ड्रग्स की तस्करी को अंजाम देता है। यही वजह है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने इस संगठन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत इसे आतंकवादी संगठन घोषित कर बैन कर दिया है।

आइए सबसे पहले इसके अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की संरचना 
को समझते हैं:-

शाहज़ाद भट्टी (मूल निवासी लाहौर, पाकिस्तान) एक अंतरराष्ट्रीय भगोड़ा है जो खाड़ी देशों (दुबई) और ब्राजील जैसे क्षेत्रों से अपनी गतिविधियां संचालित करता है।

 * ग्लोबल नेटवर्क: भट्टी के संपर्क अमेरिका, कनाडा, यूरोप, अज़रबैजान और लैटिन अमेरिका (ब्राजील) तक फैले हुए हैं। यात्रा करने के लिए वह मोरक्को जैसे देशों के जाली पासपोर्ट का इस्तेमाल करता है।

 * हाई-टेक जासूसी और डिजिटल भर्ती: यह नेटवर्क मुख्य रूप से इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए 18 से 30 वर्ष के युवाओं और स्थानीय अपराधियों को पैसे का लालच देकर भर्ती करता है।

 * हवाला और सीक्रेट डिलीवरी: सीमा पार से आने वाले फंड को हवाला चैनल के माध्यम से भारत भेजा जाता है। इसके गुर्गे सीधे मिलने के बजाय सामान (हथियार/ड्रग्स) को गुप्त जगहों पर छिपाकर पहुंचाते हैं।

 * सीसीटीवी जासूसी: यह सिंडिकेट भारत के भीतर पुलिस, रक्षा प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की जासूसी करने के लिए स्थानीय गुर्गों को भुगतान कर वहां सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल करवाता था।

# प्रमुख कारनामे और आतंकी घटनाएं 

शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क भारत में कई बड़े अपराधों, ग्रेनेड हमलों और धमाकों में सीधे तौर पर शामिल या संदिग्ध रहा है। इससे संबंधित घटना/मामला, विवरण और संलिप्तता निम्नलिखित हैं:-

* सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड (2022): मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या में भट्टी नेटवर्क पर शार्पशूटर्स को आधुनिक हथियार सप्लाई करने का गंभीर आरोप है। 

* बाबा सिद्दीकी हत्याकांड (2024): एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता ज़ीशान अख्तर को भारत से भगाकर अज़रबैजान में शरण दिलाने में मदद की।

* जालंधर यूट्यूबर हमला (2024): मार्च 2024 में जालंधर में यूट्यूबर रोज़र संधू के घर पर हुए ग्रेनेड हमले की जिम्मेदारी भट्टी नेटवर्क ने ली थी। 

* अंबाला थाना धमाका (2026): जनवरी 2026 में हरियाणा के अंबाला जिले के बलदेव नगर पुलिस स्टेशन में हुए बम विस्फोट में इस नेटवर्क का हाथ सामने आया। 

* बीएसएफ और कैंट एरिया ब्लास्ट (2026): मई 2026 में जालंधर स्थित बीएसएफ मुख्यालय और अमृतसर छावनी के पास हुए कम तीव्रता वाले विस्फोटों में शामिल रहा। 

* सीमा पार तस्करी (ड्रग्स व हथियार): पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, आईईडीज, अत्याधुनिक पिस्टल और हेरोइन जैसी नशीली सामग्री की ड्रोन के जरिए तस्करी की। 

# शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े अन्य प्रमुख पहलुओं की विस्तृत जानकारी:

लॉरेंस बिश्नोई गैंग बनाम शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क- गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग और शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क के बीच गैंगवार और वर्चस्व की लड़ाई बहुत गहरी है:

 * हत्याएं और जानलेवा हमले: लाहौर में भट्टी के करीबी शेर अली की हत्या के बाद दोनों के बीच दुश्मनी शुरू हुई। इसका बदला लेने के लिए भट्टी नेटवर्क ने अमेरिका और कनाडा में बिश्नोई के सहयोगियों (जैसे सुखपाल सिंह उर्फ सुखा दुनेके) पर हमले करवाए और हत्याएं कीं।

 * सोशल मीडिया पर जंग: दोनों गुट सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को धमकियां देते रहते हैं। भट्टी नेटवर्क बिश्नोई गैंग के गुर्गों को निशाना बनाने के लिए भारत और विदेशों में स्थानीय शूटरों को मोटी रकम देकर हायर करता है।

 * बदलते समीकरण: शुरुआत में दोनों गैंग कई गैर-कानूनी गतिविधियों में एक साथ जुड़े हुए थे (जैसे मूसेवाला कांड में हथियार सप्लाई), लेकिन बाद में वर्चस्व और वसूली के इलाकों को लेकर इनमें दरार आ गई।

# UAPA के तहत संगठन को आतंकी घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया

भारत सरकार का गृह मंत्रालय (MHA) गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA - Unlawful Activities Prevention Act, 1967) के तहत किसी संगठन को आतंकवादी संगठन घोषित करता है:

 * सबूतों का संकलन: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), खुफिया ब्यूरो (IB) और राज्य पुलिस संगठन की देश-विरोधी गतिविधियों, आतंकी हमलों, फंडिंग और तस्करी के पुख्ता सबूत जुटाती हैं।

 * नोटिफिकेशन जारी होना: गृह मंत्रालय UAPA की धारा 35 के तहत एक आधिकारिक राजपत्र (Gazette Notification) जारी कर संगठन को प्रतिबंधित (Banned/Terrorist Organization) घोषित करता है।

 * ट्रिब्यूनल की समीक्षा: अधिसूचना के 30 दिनों के भीतर, इस मामले को हाईकोर्ट के सेवारत जज की अध्यक्षता वाले UAPA ट्रिब्यूनल के पास भेजा जाता है। ट्रिब्यूनल यह तय करता है कि बैन सही है या नहीं।

 * बैन के परिणाम:

  * संगठन की संपत्तियां और बैंक खाते तुरंत ज़ब्त (Freeze) कर लिए जाते हैं।

  * संगठन का सदस्य होना, उसके लिए फंड जुटाना या उसका प्रचार करना संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध बन जाता है।

# भारतीय सुरक्षा और जांच एजेंसियां (NIA, ED, FIU-IND और राज्य पुलिस) शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क के वित्तीय ढांचे को ध्वस्त करने के लिए मल्टी-एजेंसियाई रणनीति  पर कर रही हैं काम 

भारतीय सुरक्षा और जांच एजेंसियां (NIA, ED, FIU-IND और राज्य पुलिस) शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क के वित्तीय ढांचे को ध्वस्त करने के लिए मल्टी-एजेंसियाई रणनीति (Multi-Agency Strategy) पर काम कर रही हैं:

एक, हवाला और लोकल फंड्स पर क्रैकडाउन:

 * शेल कंपनियों पर कार्रवाई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) भट्टी सिंडिकेट से जुड़ी फर्जी कंपनियों और उनके डमी बैंक खातों को UAPA और PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम) के तहत सीज (Freeze) कर रहा है।

 * ग्राउंड एजेंट्स की ट्रैकिंग: लोकल मनी ट्रांसफर ऑपरेटरों और हवाला कारोबारियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, जो दुबई और अन्य देशों से भारत में फंड ट्रांसफर करने का काम करते हैं।

दो, क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल फुटप्रिंट्स की ट्रैकिंग:

 * ब्लॉकचेन एनालिटिक्स: भट्टी नेटवर्क द्वारा गैंगस्टरों और शूटरों को भुगतान करने के लिए USDT (Tether), Bitcoin और अन्य क्रिप्टो एसेट्स का इस्तेमाल किया जाता है। वित्तीय खुफिया इकाई (FIU-IND) ब्लॉकचेन ट्रैकिंग टूल्स की मदद से इन क्रिप्टो वॉलेट्स के सोर्स और डेस्टिनेशन को ट्रेस कर रही है।

 * इंटरनेशनल एक्सचेंज कोऑर्डिनेशन: अवैध ट्रांजैक्शन में इस्तेमाल होने वाले क्रिप्टो वॉलेट्स को ग्लोबल प्लेटफॉर्म्स के सहयोग से फ्रीज कराया जा रहा है।

तीन, 'डेड-ड्रॉप' और लोकल पेमेंट चैनल्स पर प्रहार:

* कमिश्नर बेस्ड सिस्टम का पर्दाफाश: नेटवर्क भारत में युवाओं को हथियार उठाने या जासूसी करने के लिए ₹50,000 से ₹2,000,000 तक का भुगतान यूपीआई और फर्जी नामों से खुले डिजिटल वॉलेट्स से करता है।

 * बैंक खातों की डिजिटल मैपिंग: संदेहास्पद और निष्क्रिय खातों के अचानक एक्टिव होने पर एआई और बैंकिंग डेटा एनालिटिक्स के जरिए ऑटो-अलर्ट सेट किए गए हैं।

चार, अंतरराष्ट्रीय समन्वय :

* इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस: भट्टी और उसके वित्तीय सलाहकारों के खिलाफ इंटरपोल के जरिए वित्तीय जब्ती के नोटिस जारी कराए जा रहे हैं।

* एफएटीएफ मानकों का इस्तेमाल: फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स के नियमों के जरिए पाकिस्तान और खाड़ी देशों पर टेरर-फंडिंग के रास्तों को बंद करने का अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है केि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस नेटवर्क के खिलाफ 14 राज्यों (पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान, महाराष्ट्र आदि) में एक साथ बड़े पैमाने पर जॉइंट ऑपरेशन चलाकर 250 से अधिक गुर्गों/सस्पेक्ट्स को गिरफ्तार/हिरासत में लिया और 80 से अधिक FIR दर्ज की हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के कूटनीतिक निहितार्थ

जनहितैषी सुझाव को शिकायत समझने की भूल न करें, अपेक्षित बदलाव के वाहक बनें

जानिए, महाराणा प्रताप वीरता की कैसे अखिल भारतीय पहचान बने, जनमानस पर अमिट छाप छोड़ी