भारत की राष्ट्रनीति बनाम राज्यों की मनमानी: क्या भारत को नए संघीय अनुबंध की जरूरत है?
भारत की राष्ट्रनीति बनाम राज्यों की मनमानी: क्या भारत को नए संघीय अनुबंध की जरूरत है? (India's National Policy vs. Arbitrary Actions by States: Does India Need a New Federal Compact?) "21वीं सदी की भारतीय राष्ट्रनीति निम्नलिखित पंक्तियां हो सकती है- नया संघीय अनुबंध सत्ता के केंद्रीकरण का दस्तावेज नहीं, सत्ता की जवाबदेही का समझौता होना चाहिए। भारत को न कमजोर केंद्र चाहिए, न बेलगाम राज्य। भारत को चाहिए- “संविधान से ऊपर कोई सरकार नहीं, राजनीति से ऊपर राष्ट्रहित, और सत्ता से ऊपर नागरिक।” यही वह सूत्र है जो भारत को ‘केंद्र बनाम राज्य’ की अंतहीन लड़ाई से निकालकर ‘Team India’ की वास्तविक शासन-पद्धति तक ले जा सकता है।" @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक भारत की राष्ट्रनीति को केवल केंद्र सरकार की नीति मानना सही नहीं होगा। भारतीय संविधान की दृष्टि से राष्ट्रनीति का मूल आधार है—संविधान की सर्वोच्चता, राष्ट्रीय एकता, विधि का शासन, नागरिकों की समानता और संघ–राज्य के बीच संवैधानिक संतुलन। सर्वोच्च न्यायालय भी संविधान को विधायी, कार्यकारी और न्यायिक सत्ता का...