शारदा हॉस्पिटल समूह: आगरा चिकित्सा शिक्षा कार्यशाला में किडनी ट्रांसप्लांट की बारीकियां समझाई


शारदा हॉस्पिटल समूह: आगरा चिकित्सा शिक्षा कार्यशाला में किडनी ट्रांसप्लांट की बारीकियां समझाई

# शारदा केयर हेल्थ सिटी एवं शारदा हॉस्पिटल द्वारा आगरा में आयोजित चिकित्सा शिक्षा कार्यशाला में किडनी ट्रांसप्लांट की बारीकियां समझाई

@ कमलेश पांडेय/राजनैतिकदुनिया

आगरा: शारदा केयर हेल्थ सिटी एवं शारदा हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा ने 'दिल्ली डायलिसिस टेक्नोलॉजिस्ट एसोसिएशन' के साथ मिलकर 5 सितंबर 2026 को आगरा में एक दिवसीय चिकित्सा शिक्षा कार्यशाला (Medical Education Workshop) का भव्य आयोजन किया। इस कार्यशाला में नई दिल्ली, गाजियाबाद, मथुरा, अलीगढ़ और आगरा सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए वरिष्ठ डायलिसिस तकनीशियन (Senior Dialysis Technicians) शामिल हुए और किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़ीं बारीकियां समझाई।
किडनी ट्रांसप्लांट और आधुनिक तकनीकों पर चर्चा
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शारदा हॉस्पिटल के वरिष्ठ किडनी रोग एवं किडनी ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. कुणाल गांधी तथा वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट एवं ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. अहमद कमाल मौजूद रहे।
इस मौके पर मुख्य वक्ता डॉ. कुणाल गांधी ने कहा कि किडनी ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में हो रही नई खोजों और उन्नत तकनीकों पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बार-बार डायलिसिस कराने से मरीज को इंफेक्शन (Infection) और कई अन्य जटिलताओं का सामना करना पड़ता है, जिसकी तुलना में किडनी ट्रांसप्लांट मरीज के लिए कहीं अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और फायदेमंद है। उन्होंने अपने लंबे अनुभव के आधार पर समझाया कि ट्रांसप्लांट के बाद मरीज का जीवन सामान्य और आरामदायक हो जाता है। इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर भी विस्तृत जानकारी दी कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त डोनर (Donor) कौन हो सकता है।
वहीं, विशिष्ट वक्ता डॉ. अहमद कमाल ने कहा कि किडनी ट्रांसप्लांट प्रक्रिया के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर शतप्रतिशत अमल करके की जरूरत होती है। उन्होंने  बताया कि किडनी देने वाले (Donor) और लेने वाले (Recipient) दोनों को सर्जरी से पहले तथा सर्जरी के बाद किन-किन बातों और हाइजीन का विशेष ध्यान रखना चाहिए। 
# डायलिसिस तकनीशियनों के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी दिशानिर्देश 

कार्यशाला में डायलिसिस तकनीशियनों की भूमिका को रेखांकित करते हुए विशेषज्ञों ने निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर जानकारी साझा की:
एक, वैस्कुलर एक्सेस (Vascular Access) की देखभाल: एवी फिस्टुला (AV Fistula) और कैथेटर (Catheter) की सही तरीके से सफाई और देखरेख ताकि इंफेक्शन के खतरे को शून्य किया जा सके।
 दो, डायलिसिस के दौरान निगरानी: डायलिसिस प्रक्रिया के दौरान मरीज के ब्लड प्रेशर, फ्लूइड ओवरलोड और अन्य आपातकालीन लक्षणों को तुरंत पहचानना।
 तीन, एडवांस्ड डायलाइज़र तकनीक: आधुनिक मेम्ब्रेन और उच्च गुणवत्ता वाले डायलाइज़र का उपयोग जिससे खून की बेहतर सफाई संभव हो सके।
 चार, प्री-और पोस्ट-ट्रांसप्लांट केयर: ट्रांसप्लांट से पहले मरीज की डायलिसिस तैयारी और ट्रांसप्लांट के बाद मरीज की इम्यूनोसप्रेसिव दवाओं (Immunosuppressive Drugs) के प्रति सतर्कता।
# एसोसिएशन के पदाधिकारियों और शारदा समूह के विचार

इस मौके पर डॉ. इदरीश (अध्यक्ष, दिल्ली डायलिसिस टेक्नोलॉजिस्ट एसोसिएशन) ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शारदा हॉस्पिटल और शारदा केयर हेल्थ सिटी की जितनी सराहना की जाए, वो कम है। उन्होंने कहा कि शारदा समूह ने किडनी ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है और यहां मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज मिल रहा है।
 वहीं, गौरव पांडे (निदेशक – मार्केटिंग, शारदा केयर हेल्थ सिटी व शारदा हॉस्पिटल) ने अस्पताल की सेवाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए घोषणा की कि आगरा और आसपास के क्षेत्रों से गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई जा रही है।

साथ ही किफायती इलाज व सरकारी योजनाएं की जानकारी देते हुए गौरव पांडे ने बताया कि शारदा केयर हेल्थ सिटी एवं शारदा हॉस्पिटल में बेहद किफायती दरों पर किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही, यह सुविधा आयुष्मान भारत योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी योजना, CGHS, ECHS, CAPF, ESI और सभी प्रमुख TPA (कैशलेस बीमा) के तहत भी मान्य है।

# सम्मान समारोह एवं विशिष्ट अतिथि

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और डायलिसिस के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वरिष्ठ डायलिसिस तकनीशियनों तथा एसोसिएशन के पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न (Momento) देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित एवं उपस्थित प्रमुख गणमान्य व्यक्ति इसप्रकार हैं: डॉ. कुणाल गांधी (वक्ता), डॉ. अहमद कमाल (वक्ता), डॉ. इदरीश (अध्यक्ष), एमडी असलम (मानद महासचिव), गुलजार आलम (उपाध्यक्ष), समरीन खानम (कोषाध्यक्ष), एमडी नाजिम (सचिव)।

वहीं, गेस्ट ऑफ ऑनर (Guest of Honour) के रूप में सम्मानित सदस्यों में चंद्र प्रकाश, सोमेंद्र सिंह, उमेश कुमार,
अमित कुशवाह, मयंक ठाकुर, गोपाल कुशवाह, सत्यवीर सिंह, आराधना पारस, पंकज शर्मा, आफताब आलम, एमडी मोज्जम आलम, मो. इमरान और फरिया।

# जानिए शारदा केयर हेल्थ सिटी के बारे में:

शारदा यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित शारदा केयर हेल्थ सिटी (ग्रेटर नोएडा) एक विश्वस्तरीय, 650 बेड्स का अत्याधुनिक सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल है, जो किफायती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक बुनियादी ढांचे, उन्नत आईसीयू (ICU), विश्वस्तरीय ऑपरेशन थिएटर (OT) और अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ यह संस्थान किडनी ट्रांसप्लांट, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, कार्डियोलॉजी, सी टी वी एस एवं वैस्कुलर सर्जरी, ऑन्कोलॉजी, न्यूरोलॉजी, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी एवं इंटरवेंशनल न्यूरोलॉजी और ट्रॉमा केयर सहित विभिन्न जटिल रोगों का सफल इलाज कर रहा है। शारदा समूह का विगत 20 वर्षों मुख्य ध्येय मरीज को एक ही छत के नीचे अंतरराष्ट्रीय मानकों की चिकित्सा सेवा देना है।

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