राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी क्या है? यह कैसे काम करेगी? जानिए इसकी मुख्य विशेषताएं
राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी क्या है? यह कैसे काम करेगी? जानिए इसकी मुख्य विशेषताएं
कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी यानी एनआरए एक बहु-निकाय एजेंसी होगी, जो रेलवे मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, एसएससी, आरआरबी और आईबीपीएस में जॉब की योग्यता प्रदान करने का एक निष्पक्ष व सशक्त माध्यम बनेगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने ही इसका गठन करने का निर्णय किया है, जो केंद्रीय सेवाओं में समूह ख और ग जैसे गैर-तकनीकी पदों के लिए उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग करने के लिए सामान्य योग्यता परीक्षा यानी सीईटी आयोजित करेगी।
एक आधिकारिक घोषणा के मुताबिक, एनआरए के तहत वर्ष में दो बार परीक्षा आयोजित होगी, जिसका स्कोर तीन वर्ष तक मान्य रहेगा। इस कदम से न सिर्फ भर्ती, चयन और नौकरी में प्लेसमेंट आसान होगा, बल्कि समग्र रूप से सुगमता सुनिश्चित होगी। इसके तहत कुल 1,000 केन्द्र खोले जाएंगे। हर जिले में एक केन्द्र होगा, जहां पर अभ्यर्थी परीक्षा दे सकेंगे।
# एनआरए के शासी निकाय में शामिल होंगे सम्बन्धित निकायों के प्रतिनिधि
एनआरए के शासी निकाय में रेलवे मंत्रालय, वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, कर्मचारी चयन आयोग यानी एसएससी, रेलवे भर्ती बोर्ड यानी आरआरबी और बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान यानी आईबीपीएस के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यह संस्था एक विशेषज्ञ निकाय के रूप में केंद्र सरकार की भर्ती के क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और सर्वोत्तम प्रक्रियाओं का पालन करेगी।
# विभिन्न समस्याओं के चलते सरकार ने किया बदलाव, सबको मिलेगी राहत
वर्तमान में सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को पात्रता की समान शर्तों वाले विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग भर्ती एजेंसियों द्वारा संचालित की जाने वाली भिन्न-भिन्न परीक्षाओं में सम्मिलित होना पड़ता है। जिसके वास्ते उम्मीदवारों को भिन्न-भिन्न भर्ती एजेंसियों को शुल्क का भुगतान करना पड़ता है। उन्हें इन परीक्षाओं में भाग लेने के लिए लंबी दूरियां तय करनी पड़ती है। वहीं, इन अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं से उम्मीदवारों के साथ-साथ संबंधित भर्ती एजेंसियों पर भी बोझ पड़ता है। यही वजह है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने एक व्यवहारिक निर्णय लेते हुए, सबके हित में एक प्रभावी फैसला किया है।
# अब एक ही परीक्षा से कई भर्ती एजेंसियों में आवेदन कर पाएंगे छात्र
रणनीतिकारों के मुताबिक, पहले अलग-अलग आयोजित होने वाली इन परीक्षाओं में बार-बार होने वाले खर्च, कानून- व्यवस्था के साथ साथ सुरक्षा संबंधी मुद्दे और परीक्षा केंद्रों संबंधी समस्याएं शामिल हैं। क्योंकि एक वर्ष में लगभग सवा लाख नौकरियों के लिए आयोजित होने वाली इन परीक्षाओं में अलग से 2.5 करोड़ से 3 करोड़ उम्मीदवार शामिल होते हैं। जिसके चलते प्रशासन से लेकर अभिभावकों को अच्छी खासी मशक्कत करनी पड़ती थी। लेकिन अब साझी पात्रता परीक्षा यानी सीईटी उम्मीदवार एक सामान्य योग्यता परीक्षा में केवल एक बार शामिल होंगे और फिर उच्च स्तर की परीक्षा के लिए किसी या इन सभी भर्ती एजेंसियों में आवेदन कर पाएंगे।
# जानिए, एनआरए प्रायोजित सीईटी की मुख्य विशेषताएं
पहला, एनआरए के तहत एक परीक्षा में शामिल होने से उम्मीदवारों को कई पदों के लिए प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा। दूसरा, एनआरए वर्ष में दो बार आनलाइन माध्यम से सीईटी आयोजित करेगा। तीसरा, अभ्यार्थियों का पंजीकरण, रॉल नंबर, एडमिट कार्ड, अंक पत्र, मेधा सूची आदि आनलाइन माध्यम से संचालित होंगी। चौथा, सीईटी अनेक भाषाओं में उपलब्ध होगी। पांचवां, यह देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों को परीक्षा में बैठने और चयनित होने के समान अवसर प्राप्त करना सुविधाजनक बनाएगी। छठा, सीईटी बहु विकल्प प्रश्नों पर आधारित परीक्षा होगी और इसका स्कोरकार्ड तीन वर्षों तक मान्य होगा। सातवां, इसके लिए देश के प्रत्येक जिले में एक परीक्षा केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसमें 117 आकांक्षी जिले शामिल हैं। आठवां, प्रारंभिक योजना देशभर में 1000 परीक्षा केंद्र स्थापित करने की है। नौवां, इससे गरीब पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को राहत मिलेगी। दसवां, सीईटी में भाग लेने के लिए अवसरों की संख्या पर कोई सीमा नहीं होगी।
ग्यारहवां, सरकार की मौजूदा नीति के अनुसार अजा, अजजा, अपिव तथा अन्य श्रेणियों के उम्मीदवारों को ऊपरी आयु-सीमा में छूट दी जाएगी। बारहवां, आने वाले समय में इस परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यार्थियों को प्रदान सीईटी स्कोर को केंद्र सरकार, राज्य सरकार, केंद्र शासित प्रदेशों, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम, निजी क्षेत्र की अन्य भर्ती एजेंसियों के साथ साझा किया जा सकता है।
# अब एनआरए आयोजित करेगा एसएससी, रेलवे और बैकिंग आदि के लिए भर्ती परीक्षा
एनआरए द्वारा गैर-तकनीकी पदों के लिए स्नातक, उच्च माध्यमिक यानी 12वीं और मैट्रिक यानी 10वीं पास उम्मीदवारों के लिए अलग से सीईटी का संचालन किया जाएगा, जिसके लिए वर्तमान में कर्मचारी चयन आयोग यानी एसएससी, रेलवे भर्ती बोर्ड यानी आरआरबी और बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान यानी आईबीपीएस द्वारा भर्ती की जाती है।
# अनावश्यक खर्च की होगी बचत, एक परीक्षा से ही विभिन्न विभागों के पदों में होगी भर्ती
पहले उम्मीदवारों को अलग अलग एजेंसियों द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न परीक्षाओं में भाग लेना होता था। जिसके लिए परीक्षा शुल्क से लेकर उम्मीदवारों को यात्रा, रहने-ठहरने और अन्य खर्चों पर अतिरिक्त व्यय करना पड़ता था। लेकिन अब सीईटी जैसी एकल परीक्षा से काफी हद तक उम्मीदवारों पर वित्तीय बोझ कम होगा। स्वाभाविक है कि इससे सबको लाभ मिलेगा।
# महिला अभ्यार्थियों को मिलेगी राहत
एनआरए द्वारा आयोजित सीईटी भर्ती परीक्षा से महिला अभ्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी, क्योंकि कभी-कभी उन्हें इन दूरस्थ स्थानों पर स्थित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए किसी उपयुक्त व्यक्ति को ढूंढना पड़ता है। वहीं, प्रत्येक जिले में परीक्षा केंद्रों की अवस्थिति से सामान्य तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के उम्मीदवारों और विशेष रूप से महिला उम्मीदवारों को अधिक लाभ होगा। यही वजह है कि सरकार के इस निर्णय की व्यापक सराहना हुई है।
# 1517.57 करोड़ रुपए की मिली स्वीकृति
राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के कुशलता पूर्वक संचालन के लिए सरकार ने 1517.57 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह व्यय तीन वर्षों की अवधि में किया जाएगा। इससे एनआरए की स्थापना के अलावा, 117 आकांक्षी जिलों में परीक्षा सम्बन्धी आधारभूत ढांचा स्थापित करने के लिए राशि खर्च होगी।
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