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प्रधानमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन क्या है? इससे आमलोगों को कैसे और क्या क्या लाभ मिलेगा?

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प्रधानमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन क्या है? इससे आमलोगों को कैसे और क्या क्या लाभ मिलेगा? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि जब भी हम कोई कार्य करें, तो यह अवश्य विचार करें कि समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति विशेष कर सबसे अंतिम व्यक्ति पर उसका क्या असर पड़ेगा। लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जनोपयोगी विचार को आत्मसात कर लिया है और अपने हरेक लोक कल्याण कारी कार्यों व जनहितैषी योजनाओं को गरीब कल्याण केंद्रित बनाने की एक मुहिम छेड़ दी है। यही वजह है कि पहले गुजरात में और अब पूरे देश में वह जनाकर्षण के एकमात्र केंद्र बिंदु बने हुए हैं। सोमवार को उन्होंने जिस प्रधानमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन का आगाज किया  है, वह क्या और उससे आमलोगों को कैसे और क्या-क्या फायदा मिलेगा, आइए इसे जानने-समझने की एक अदद कोशिश करते हैं। # जानिए, क्या है हेल्थ आईडी और कैसे होगा इसका उपयोग? पीएम डिजिटल हेल्थ मिशन का उद्देश्य आमलोगों को बेहतर व त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है, जिसके तहत हरेक व्यक्ति की एक हेल्थ आईडी बनेगी। डिजिटल प्ले...

बिजनौर की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित तो कीजिए, देश-दुनिया को मिलेगा संबल

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बिजनौर की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित तो कीजिए, देश-दुनिया को मिलेगा संबल @ डॉ दिनेश चंद्र सिंह, आईएएस देश में प्रतिष्ठित भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना प्रायः हर प्रतिभाशाली छात्र का होता है, लेकिन प्रतिवर्ष सिर्फ मुट्ठी भर छात्र-छात्राओं का चयन बमुश्किल इस महत्वपूर्ण सेवा के लिए हो पाता है। इसलिए इतना तो समझा ही जाता है कि जिनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा संवर्ग में हो गया, इनमें अवश्य ही कुछ अति असाधारण गुण होंगे जो देश व देशवासियों की सेवा के मद्देनजर अनुभवी व विद्वान अधिकारियों द्वारा आंके गए होंगे। इसका मतलब यह कदापि नहीं होता कि असफल छात्र-छात्राएं प्रतिभाशाली नहीं है, बल्कि यह होता है कि वो अपनी प्रतिभा का उपयोग अन्य क्षेत्रों में करेंगे और आगे बढ़ेंगे। जनकवि तुलसीदास जी रामचरितमानस में लिखते हैं कि "पर हित सरिस धर्म नहिं भाई। पर पीड़ा सम नहिं अधमाई। निर्णय सर्कल पुराना वेद कर। कहेउ तात जानहि कोविद नर।।" अर्थात हे भाई, दूसरों की भलाई के समान कोई धर्म नहीं है और दूसरों को दु:ख पहुंचाने के समान कोई पाप नहीं है। हे तात, समस्त पुराणों, वेदों का यह निर्णय मैंने तुम्हें ...

मेरवा कार्यकारिणी चुनाव में ज्ञान सिंह फिर अध्यक्ष निर्वाचित

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मेरवा कार्यकारिणी चुनाव में ज्ञान सिंह फिर अध्यक्ष निर्वाचित # महासचिव के अलावा सभी पदों पर ज्ञान सिंह के समर्थक हुए निर्वाचित कमलेश पांडेय गाजियाबाद। मीडिया एंक्लेव वेलफेयर सोसायटी (मेरवा) की कार्यकारिणी चुनाव सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गया है। चुनाव में ज्ञान सिंह फिर से अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किये गये हैं। चुनाव में ज्ञान सिंह की टीम ने महासचिव पद को छोड़कर सभी कार्यकारिणी पदों पर जीत हासिल की है।  वहीं, चुनाव में प्रतिद्वंद्वी पुष्कर सिंह रावत की टीम से केवल महासचिव पद के प्रत्याशी लव कुमार ने ही जीत सुनिश्चित की है, जबकि इस टीम से शेष पदों पर सभी प्रत्याशियों को चुनाव में सफलता नहीं मिली है।  मीडिया एंक्लेव वेलफेयर सोसायटी (पंजीकृत) का आम चुनाव गत 19 सितम्बर को सम्पन्न हुआ है। चुनाव सम्पन्न होने और नई कार्यकारिणी के पदों पर प्रत्याशियों की जीत की घोषणा के बाद मेरवा चुनाव समिति ने 22 सितम्बर को निर्वाचन प्रमाणपत्र जारी किया है। मेरवा की आम सभा (जीबीएम) में गठित चुनाव समिति के अध्यक्ष कुमार अमिताभ ने विजयी प्रत्याशियों को प्रमाणपत्र दिये।  मेरवा की नवगठित कार्यकारिणी में ...

जीएसटी नियमों का पालन करना व्यापारियों के लिए एक बड़ी समस्या: अमन

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जीएसटी नियमों का पालन करना व्यापारियों के लिए एक बड़ी समस्या: अमन # बीते 4 वर्षों में जीएसटी में करीब 1200 संशोधन लाए गए, लेकिन व्यापारियों को विश्वास में नहीं लिया गया भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश के जिला महामंत्री अमन कुमार अग्रवाल ने आरोप लगाया कि बीते 4 वर्षों में जीएसटी में करीब 1200 संशोधन लाए गए हैं। लेकिन कोई भी संशोधन लाने से पहले व्यापारियों से किसी तरह की कोई बातचीत नहीं की गई और न ही जीएसटी को लेकर व्यापारियों की परेशानियों को जानने का कोई प्रयास ही किया गया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दिन एक नया प्रावधान लागू कर दिया जाता है जिसकी पालना करना व्यापारियों के लिए बेहद मुश्किल भरा है। व्यापारी को अनेक प्रकार के क़ानून का पालन करने वाली मशीन बना दिया गया है।  उन्होंने बताया कि वर्तमान में जो जीएसटी का स्वरुप है, यदि उसके विरोध में आज आवाज नहीं उठाई तो अब व्यापार करना बेहद मुश्किल हो जाएगा।  इसलिए जीएसटी के कुछ वर्तमान प्रावधानों को जानना और समझना तथा अपने साथी व्यापारियों को भी बताना बेहद जरूरी है। पहला, अगर आपने जीएसटीआर-1 में अपनी लाय...

कांग्रेस नेत्री डोली शर्मा के 37वें जन्मदिवस पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दी बधाई

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कांग्रेस नेत्री डोली शर्मा के 37वें जन्मदिवस पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दी बधाई # पिता नरेंद्र भारद्वाज, पति दीपक शर्मा समेत परिवारीजनों, पार्टीजनों व मित्रों ने धूमधाम से मनाया जन्म दिवस कमलेश पांडेय/भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद। यूपीसीसी की प्रदेश प्रवक्ता और गाजियाबाद-गौतमबुद्धनगर प्रभारी डॉली शर्मा का जन्मदिवस आज पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों ने धूमधाम से मनाया। इस मौके पर उनके पिता और गाजियाबाद के दिग्गज कांग्रेस नेता, बड़े उद्यमी और बहुचर्चित समाजसेवी नरेंद्र भारद्वाज ने फोन करके बधाई दी। उनके पति और यूपी-उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध उद्यमी दीपक शर्मा ने भी उनके सुदीर्घ और सफल जीवन हेतु बधाई दी। कांग्रेस के टिकट पर 2019 में गाजियाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुकीं डॉली शर्मा न केवल दिल्ली एनसीआर बल्कि हिंदी पट्टी की ऐसी पहली दिग्गज कांग्रेस नेत्री हैं, जिनकी ब्राह्मण समाज के साथ साथ सर्व समाज की महिलाओं पर अच्छी खासी पकड़ है। अपनी राजनीतिक प्रतिभा, सामाजिक पकड़ और उत्कृष्ट भाषण शैली के चलते वह नेहरू-गांधी परिवार की करीबी नेताओं में समझी जाती हैं और प्रियंका गांध...

वैश्विक कूटनीति की बलिवेदी पर आखिर कबतक चढ़ते रहेंगे भारत के दूरगामी हित!

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वैश्विक कूटनीति की बलिवेदी पर आखिर कबतक चढ़ते रहेंगे भारत के दूरगामी हित! @ तीखी बात/कमलेश पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार वैश्विक कूटनीति यानी वर्ल्ड वाइड डिप्लोमेसी की आंखमिचौली से भारत का हित कितना सधेगा, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन दुनिया के थानेदार अमेरिका से नजदीकी बढ़ाने और वैश्विक मंच के सर्वाधिक भरोसेमंद दोस्त समझे जाने वाले रूस से दूरी बनाने से बेहतर होगा कि चीन को हर वक्त अपनी रणनीति केंद्र में रखते हुए भारत हर वह सधा कदम उठाए, जिसको कमतर आंकने की भूल न तो चीन करे, न रूस करे और न ही अमेरिका कर सके।  देखा जाए तो चीन, रूस और अमेरिका जैसे राष्ट्र यदि हमारे मित्र नहीं हो सकते तो इन्हें अपना धुर शत्रु बनाने वाला कोई भी कदम हमारी बुद्धिमानी कदापि नहीं समझी जाएगी। वाकई, चीन से शत्रुता भाव विकसित करना जहां भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की भारी भूल रही है, वहीं अमेरिका को शत्रु गुट पाकिस्तान का मददगार बनाने में भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की लापरवाही भी कम नहीं रही है।  रही बात रूस की तो वैश्विक मंच पर उसके जैसे भरोसेमंद द...

आइए भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की तकलीफ समझें और उसे मिलजुलकर दूर करवाएं?

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आखिरकार भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था की तकलीफ क्या है? आइए जानते हैं, समझते हैं, ताकि उसे दूर करने की एक सार्थक पहल कर सकें! @ डॉ मनीष कुमार/वरिष्ठ न्यूरो सर्जन, दिल्ली-एनसीआर किसी भी देश में स्वास्थ्य व्यवस्था सिर्फ आवश्यक नहीं, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण सेवा है। लेकिन दुर्भाग्यवश आम आदमी या नागरिक सबसे ज्यादा समझौता इसी में/से करते हैं। वाकई, यदि व्यवस्था की ओर से इसका इंतज़ाम नहीं किया जाता है तो एक खाली जगह बन जाता है। जिसे कोई न कोई स्वतः ही भर देता है और इस तरह भारतीय चिकित्सा व्यवस्था के समानांतर "झोला छाप" चिकित्सक या कंपाउंडर नाम का शब्द जन्म लेता है! # आखिर जीने में बाधा क्या है? वैसे तो जीना सभी चाहते हैं, और वो भी जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके। पर जीने में बाधा क्या है? यमराज किसके सीने में घुसा है? कैसे यमराज को नियंत्रित कर सकते हैं? यह सम्बन्धित देश की स्वास्थ्य सेवा का काम है। आइए बात भारत की करते हैं। यहां पर स्वास्थ्य की स्थिति के सभी मानक, चाहे वह जीने का औसत (एवरेज) साल हो या बच्चों की मृत्य दर हो या गर्भवती माताओं की मृत्य दर हो या कैंसर, टीबी या एचआईवी से संबंध...