भारत-अमेरिका सम्बन्धों में आए दरार के कूटनीति मायने
भारत-अमेरिका सम्बन्धों में आए दरार के कूटनीति मायने @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक भारत-अमेरिका संबंधों में गहराते दरार से दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और रणनीतिक सहयोग पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और महामारी जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहयोग भी प्रभावित हो सकता है। चूंकि भारत और अमेरिका के बीच संबंध 1947 में हासिल स्वतंत्रता के बाद से ही महत्वपूर्ण रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसमें जो उतार-चढ़ाव आए हैं, उसपर पूरी दुनिया की स्वार्थपरक निगाहें लगी हुई हैं। ऐसा इसलिए कि इससे अंतरराष्ट्रीय ध्रुवीकरण की पूर्ववर्ती और मौजूदा दोनों कोशिशों को भी गहरा धक्का लग सकता है। चूंकि भारत एक गुटनिरपेक्ष देश है, ऐतिहासिक पंचशील के सिद्धांतों को मानता आया है, इसलिए वह अमेरिका और रूस (यूएसएसआर) के खेमेबाजी से दूर रहने की कोशिश करता है। अमेरिका-चीन के वैश्विक रस्साकशी से खुद को दूर रखना चाहता है। लेकिन पिछले 7-8 दशक में भारत के पड़ोसी देशों- पाकिस्तान व चीन ने ऐसा सीमाई उधम मचाया कि भारत को कभी रूस से तो कभी ...