परमानन्द बासा, जंगली शिव और स्व. श्रीभगवान पांडेय जी का प्रकृति बोध
परमानन्द बासा, जंगली शिव और स्व. श्रीभगवान पांडेय जी का प्रकृति बोध @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार बिहार के भागलपुर जनपद अंतर्गत कहलगांव अनुमंडल के पीरपैंती अंचल स्थित पंचरुखी पंचायत अंतर्गत परमानंद बासा है जहां पर साक्षात जंगली शिव, जंगली काली और पवनपुत्र हनुमान जी विराजमान हैं। समीपस्थ हरदेवचक पंचायत अंतगर्त गोकुल मथुरा ग्राम निवासी स्व. बाबू नंदकिशोर पांडेय की एक चक जमींदारी को ही परमानंद बासा के नाम से जाना जाता है। यह टिकर क्षेत्र अपनी उत्पादकता के लिए बहुत प्रसिद्ध है। पास में बहती बरमसिया नदी इसे गोकुल मथुरा गांव से अलग करती है। लोकमान्यता है कि जंगली शिव कुलदेव हैं और जंगली काली कुलदेवी। इनके मंगलकारी आशीर्वाद से ही यहां हमेशा रौनक रहती है। जंगली शिव मतलब विशालकाय पीपल वृक्ष के नीचे विराजमान शिवलिंग। स्थानीय लोग बटेश्वर स्थान, कहलगांव से गंगाजल लाकर इनपर चढ़ाते हैं। दिव्य पुरुष स्व. श्रीभगवान पांडेय जी इन देवी-देवताओं के प्रति अगाध आस्था रखते थे। उनके पूजापाठ का मतलब था एक लोटा जल और पहली फसल का कुछ अंश ईश्वर को अर्पण। इस जंगल में अमावस की रात ...