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भारतीय संस्कृति से प्रेरणा ग्रहण करना हमारी नितांत आवश्यकता है: डॉ आरिफ मोहम्मद खान

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भारतीय संस्कृति से प्रेरणा ग्रहण करना हमारी नितांत आवश्यकता है: डॉ आरिफ मोहम्मद खान # कोरोना की विकट परिस्थितियों में मानव मन को संबल प्रदान करने के लिए स्वतःस्फूर्त रचना है काल-प्रेरणा: डॉ दिनेश चंद्र सिंह # डॉ दिनेश चंद्र सिंह एक प्रशासक ही नहीं बल्कि समाजसेवी की तरह भी कार्य करते हैं: अक्षयवर लाल गौड़  कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता नई दिल्ली। आईएएस अधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह द्वारा लिखित एवं वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार कमलेश पांडेय द्वारा संपादित बहुचर्चित पुस्तक "काल-प्रेरणा", नगीन प्रकाशन, मेरठ, उत्तरप्रदेश का विमोचन शुक्रवार को केरल हाउस, नई दिल्ली के सभागार में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व केरल के महामहिम राज्यपाल डॉ आरिफ मोहम्मद खान द्वारा किया गया।  इस अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त करते हुए केरल के राज्यपाल महामहिम आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से वर्तमान समस्याओं के समुचित समाधान हेतु पुरातन भारतीय सभ्यता-संस्कृति की नजीर से जो सबक लेने की सीख दी गई है, उससे प्रेरणा ग्रहण करना हमारी नितांत आवश्यकत...

भारतीय जन अधिकार पार्टी के गठन को लेकर हुई आम सभा की महत्वपूर्ण बैठक

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  भारतीय जन अधिकार पार्टी के गठन को लेकर हुई आम सभा की महत्वपूर्ण बैठक # विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर बनाई गई बड़ी रणनीति, अमल शुरू: रोशन लाल गुप्ता # समाज के उत्थान, उत्पीड़न, शोषण आदि महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर हुआ राजनीतिक मंथन: राष्ट्रीय अध्यक्ष @ कमलेश पांडेय/वाराणसी-गाजियाबाद भारतीय जन अधिकार पार्टी के गठन व तैयारी को लेकर आम सभा की एक महत्वपूर्ण बैठक की गई। जिसमें वर्तमान राजनीतिक समीकरण, उत्पीड़न, शोषण को देखते हुए समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही दल के गठन को लेकर पार्टी के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष रोशनलाल गुप्ता की अध्यक्षता में एक रणनीतिक बैठक की गई। यह बैठक रविवार को राहिल होटल, रथयात्रा चौराहा, वाराणसी में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए पार्टी अध्यक्ष श्री गुप्ता ने बताया कि देश-प्रदेश में पिछड़ी जातियों, अति पिछड़ी जातियों, दलितों-महादलितों, गरीब सवर्णों और पसमांदा मुसलमानों की स्थिति दिन-प्रतिदिन चिंता जनक होती जा रही है। आजादी से लेकर अब तक की लंबी चौड़ी बातें तो बहुत की गई, लेकिन जमीनी स्तर की हकीकत सबके स...

क्या भूलुं क्या याद करूँ...शुक्रिया आप सभी सुधीजनों का...

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# क्या भूलुं क्या याद करूँ...शुक्रिया आप सभी सुधीजनों का... @ डॉ दिनेश चंद्र 'सिंह', डीएम, बहराइच, यूपी 12 मई 2022, मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण, मंगलकारी, भूत एवं भविष्य की उस सुखद यात्रा को स्मरण करने का दिवस है, जिसने मेरे परिवार को खुशियों की एक ऐसी चिरस्मरणीय सौगात दी, जिसके बलबूते पर मैंने अपने गृहस्थ जीवन की सुखद यात्रा की शुरुआत हर्ष व उल्लास भरे वातावरण में की। इसी दिन हमने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सपना रानी सिंह के साथ सफल एवं सुखद वैवाहिक जीवन की शुरुआत की, जो परम पिता परमेश्वर की असीम कृपा से अनवरत रूप से जारी है।  देखा जाए तो विगत 27 वर्षों की इस यात्रा में मुझे अपने सेवाकाल के दौरान निम्नलिखित सभी स्थानों पर रहने व लोगों से जुड़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मेरी पहली पदस्थापना हरिद्वार से शुरू हुई और सहारनपुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, मेरठ, इलाहाबाद, गोरखपुर, अलीगढ़, गाजियाबाद, कानपुर देहात, लखनऊ से गुजरते हुए फिलवक्त बहराइच तक आ पहुंची है, जहां पर मैं जिलाधिकारी के रूप में पदस्थापित हूँ। सिविल प्रशासन का एक महत्वपूर्ण अंग होने के चलते सभी स्थान पर जनता एवं जनप्...

देश-काल-पात्र को पुनः उत्प्रेरित करने की एक सृजनात्मक पहल है "काल-प्रेरणा"

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देश-काल-पात्र को पुनः उत्प्रेरित करने की एक सृजनात्मक पहल है "काल-प्रेरणा" @ पुस्तक समीक्षा/ कमलेश पांडेय, संपादक, काल-प्रेरणा आईएएस अधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह द्वारा लिखित और वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार कमलेश पांडेय द्वारा संपादित बहुचर्चित पुस्तक "काल निर्णय" कोरोना काल की भयावह परिस्थितियों की अनुभूति के क्रम में समसामयिक विषयों को केन्द्र बिन्दु मानकर विभिन्न विषयों पर अतीत के कालजयी पात्रों की आधुनिक काल में प्रासंगिकता की एक उत्कृष्ट विवेचना है। यह पुस्तक पाठकों को प्रतिकूल परिस्थितियों का प्रभावी ढंग से सामना करने की हुनर सिखाती है।  इस पुस्तक में समकालीन कतिपय शीर्ष राजनेताओं  द्वारा राष्ट्रहित के लिए किये गये कार्यों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है, जिससे यह रोचक और पठनीय है। एक सौ दस पृष्ठ की इस पुस्तक में कुल 16 अध्याय हैं, जिसके 76 पन्नों में मां और मातृभूमि की सम्यक चर्चा विभिन्न दृष्टिकोणों से की गई है। वहीं, शेष 34 पन्नों में लगभग चार दर्जन छायाचित्र के द्वारा लेखक के उस पृष्ठभूमि को दर्शाया गया है, जहां से ऐसी सकारात्मक साहित्यिक कृतियों की ...

सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ पार्षद मंजू त्यागी ने नारियल तोड़कर किया

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सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ पार्षद मंजू त्यागी ने नारियल तोड़कर किया @ कमलेश पांडेय/गाजियाबाद गुरुवार को वार्ड नम्बर 54 वसुंधरा के सेक्टर-3 में सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ स्थानीय पार्षद श्रीमती मंजू त्यागी ने नारियल तोड़कर किया। इस सड़क का निर्माण डेंस द्वारा किया जा रहा है जिनके निर्माण में लगभग 13,00,000/- (तेरह लाख रूपये) की लागत आएगी। उन्होंने बताया कि इस सड़क के निर्माण की मांग स्थानीय निवासियों द्वारा पिछले कई वर्षों से की जा रही थी।  इस अवसर पर स्थानीय निवासियों ने पार्षद मंजू त्यागी को फूल माला पहनाकर स्वागत किया व सड़क का निर्माण करवाने के लिए उनका आभार प्रकट किया। इस शुभारंभ के अवसर पर मुख्य रूप से भाजपा नेता विनित त्यागी, सविता त्यागी, उमा शांडिल्य, हरीश मल्होत्रा, दीपक भट्ट, विवेक चंद्रा, सुरेंद्र पाल त्यागी  आदि सम्मानित निवासीगण उपस्थित रहे।

विधायक के जन्मदिन पर वार्ड नम्बर 87 के लोगों को मिला ओपन जिम का उपहार

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विधायक के जन्मदिन पर वार्ड नम्बर 87 के लोगों को मिला ओपन जिम का उपहार @ कमलेश पांडेय/गाजियाबाद इंदिरापुरम स्थित वार्ड नंबर 87 में ज्ञान खंड 4 टंकी वाले पार्क में साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा की निधि से ओपन जिम लगवाया गया। अपने जन्मदिन के मौके पर इस ओपन जिम को उन्होंने वार्ड नम्बर 87 की पार्षद निर्मला त्यागी के माध्यम से वार्ड वासियों को सुपुर्द किया।  इस मौके पर उपस्थित सभी भाई बहनों ने माननीय विधायक  को जन्मदिन की बधाई दी एवं वार्ड में ओपन जिम लगने से खुशी जाहिर की। निगम पार्षद निर्मला त्यागी ने बताया कि इससे आम आदमी, जिसको जिम में जाना पड़ता था, वह अब पार्क में ही जिम का अभ्यास निरन्तर कर लेंगे। इसका कोई शुल्क भी नहीं है। इस अवसर पर निगम पार्षद निर्मल त्यागी, किसान मोर्चा भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सलेक चंद त्यागी, गंगू, मनीषा कैन, डी एन सिंह, नेहा शर्मा, पूनम बंसल, तृप्ति त्रिपाठी, शिशिर कानूनगो, विशाल शर्मा आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

अब देश-प्रदेश की दलित-पिछड़ी राजनीति को चाहिए एक और नया नायक

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अब देश-प्रदेश की दलित-पिछड़ी राजनीति को चाहिए एक और नया नायक @ रोशनलाल गुप्ता, संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय जन अधिकार पार्टी  भारत समेत किसी भी समाज का सम्पूर्ण विकास तबतक नहीं हो सकता, जब तक कि वहां के पिछड़े वर्गों, अत्यंत पिछड़े वर्गों, दलितों, महादलितों, गरीब सवर्णों और पसमांदा मुसलमानों के समग्र उत्थान पर विभिन्न सरकारों द्वारा अपना ध्यान केंद्रित नहीं किया जाए। कहने को तो केंद्र सरकार, राज्य सरकार व जिला सरकार यानी स्थानीय निकायों द्वारा इन वर्गों के लिए अनेक लोकलुभावन योजनाएं बनाई हुई हैं। लेकिन इनका अनुपालन इतनी वैमनस्यता पूर्वक किया जाता है कि 'कहीं घृत घना, कहीं मुट्ठी भर चना, कहीं वह भी मना' वाली कहावत इनके ऊपर आजादी के 75 वर्ष बाद भी चरितार्थ हो रही है। ऐसा नहीं है कि इनकी बद से बदतर स्थिति के लिए कोई एक पार्टी या गठबंधन जिम्मेदार है, बल्कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम दल इस मामले में सियासी हमाम में नंगे साबित हुए हैं। यही वजह है कि देश-प्रदेश की दलित-पिछड़ी राजनीति अब  एक और नए नायक की बाट जोह रही है। इन वर्गों पर अतिरिक्त ध्यान देने का मतलब सिर्फ स...