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कश्मीर, कश्मीरियत और जनसमस्याएं

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कश्मीर, कश्मीरियत और जनसमस्याएं कश्मीर की बात तो सब करते हैं लेकिन क्या कश्मीर और कश्मीरियों की समस्याओं को जानते भी हैं? बता रहे हैं प्रभासाक्षी डॉट कॉम के संपादक नीरज कुमार दुबे... "कश्मीर की बात तो सब करते हैं लेकिन क्या कश्मीर और कश्मीरियों की समस्याओं को जानते भी हैं? कश्मीर पर बोलना तो हर कोई चाहता है लेकिन कश्मीर को समझना है तो पहले कश्मीरियों को समझना होगा, उनके मन के भीतर झांकना होगा। हालिया कश्मीर यात्रा के दौरान अनेक कश्मीरियों से सीधे संवाद के दौरान मैंने जाना कि कश्मीरी चाहते क्या हैं, कश्मीरी सोचते क्या हैं।" जम्मू-कश्मीर की शांति भंग करने के लिए पाकिस्तान लगातार प्रयास करता रहता है लेकिन इन प्रयासों को विफल करने के लिए हमारे सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद रहते हैं। भारत के इस खूबसूरत राज्य पर कुदरत ने भले अपना पूरा प्यार उड़ेल रखा हो, लेकिन कुछ स्वार्थी तत्व इसकी छवि नकारात्मक बनाये रखना चाहते हैं। यही कारण है कि इस राज्य की छवि के साथ आतंकवाद और हिंसा का ठप्पा ऐसे लगाया गया है कि वह सबके दिलो दिमाग पर छप-सा गया है।  देखा जाये तो कश्मीर में लगभग सभी चीजें सकारात्म...

पीएम नरेंद्र मोदी की नई मर्सडीज कार पर बुलेट, धमाके और गैस हमले रहेंगे बेअसर

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पीएम नरेंद्र मोदी की नई मर्सडीज कार पर बुलेट, धमाके और गैस हमले रहेंगे बेअसर  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार हिंदुत्व के प्रबल पैरोकार और विकास के अग्रदूत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा का सवाल सबसे अहम है। जब से उन्होंने चीन को सीधी चुनौती देने का निश्चय किया, तब से वह विदेशी ताकतों की नजरों में भी चढ़ चुके हैं। भारत सरकार भी इस बात से वाकिफ है। यही वजह है कि पीएम मोदी की सुरक्षा को और मजबूत करते हुए उनके काफिले में एक नई कार को शामिल किया गया है, जिसका नाम मर्सडीज मेबैक एस 650 मॉडल है। इस कार की कीमत 12 करोड़ रुपये है।  इसकी खासियत यह है कि इस पर धमाके व गोलियों का असर नहीं होगा। इसके अलावा, गैस हमले के समय अलग से एयर सप्लाई की व्यवस्था है। इस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले में एक और शानदार बुलेटप्रूफ कार शामिल हो गई है। वह अब मर्सडीज-मेबैक एस650 की सवारी कर रहे हैं, जिसे रेंज रोवर वोग और टोयोटा लैंड क्रूजर से अपग्रेड किया गया है। बता दें कि पीएम को हाल ही में इस नई मर्सडीज-मेबैक एस 650 में बैठे देखा गया था, जब वह रूस के राष्ट्रपति व्ल...

सेमी कंडक्टर बनाने में चीन के एकाधिकार को ध्वस्त करेगा भारत

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सेमी कंडक्टर बनाने में चीन के एकाधिकार को ध्वस्त करेगा भारत # टाटा के 70 हजार करोड़ के ऐलान के बाद वेदान्ता ग्रुप  करेगा 60 हजार करोड़ का निवेश @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार पीएम नरेंद्र मोदी के सुशासन काल में भारत और चीन के बीच की कारोबारी प्रतिस्पर्धा और अधिक तेज हुई है। सरकार की उद्यमी प्रोत्साहक नीतियों के चलते भारत विश्व में एक नए मेनुफेक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है। यूं तो  दुनिया की सप्लाई चैन के रूप में चीन अभी भी सभी के सामने है। यह बात भी हमलोग जानते हैं कि उद्योग-धंधे में किसी किसी क्षेत्र में चीन को टक्कर दे पाना आसान नहीं है। फिर भी भारत सरकार और प्राइवेट कम्पनियां मिलकर चीन और इसके जैसे कई देशों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर ही रही हैं, जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है। भारत का मशहूर व्यापारिक घराना वेदान्ता ग्रुप ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण ऐलान किया है कि उनकी कम्पनी सेमी कंडक्टर बनाने के व्यापार में एंट्री करेगी और इसके लिए कुल 60 हजार करोड़ रूपये निवेश किया जाएगा, जो कि अपने आप में एक बहुत बड़ी धनराशि है। समझा जाता है कि इतनी वैल्यू कई चीनी...

बिखरते भारतीय समाज को एक सूत्र में पिरोने के लिए आज भी प्रासंगिक हैं पूर्व राज्यसभा सांसद मामा बालेश्वर दयाल के प्रगतिशील विचार

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बिखरते भारतीय समाज को एक सूत्र में पिरोने के लिए आज भी प्रासंगिक हैं पूर्व राज्यसभा सांसद मामा बालेश्वर दयाल के प्रगतिशील विचार @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार बामनिया आश्रम के संस्थापक, महान समाजवादी नेता और आदिवासियों के 'गाँधी मामा' पूर्व राज्यसभा सदस्य बालेश्वर दयाल उन गिने चुने महान समाजवादियों में शुमार किये जाते हैं, जिनका गहरा नाता स्वतंत्र भारत के दिग्गज समाजवादी नेताओं से रहा है। अपने उर्वर विचार और दूरदर्शी सोच के लिए वो आज भी भारतीय समाज के लिए प्रासंगिक हैं।  क्योंकि सामाजिक परिस्थितियां कमोबेश वही हैं, बस उनके नेतृत्व के सोचने और विचारने का तौर तरीका बदल गया है। इसलिए उनका विराट व्यक्तित्व आज भी बिखरते जा रहे भारतीय समाज को एक सूत्र में पिरोने के काम आ सकता है और उनके समाजवादी दर्शन से समकालीन अंधकारमय सामाजिक परिवेश को पुनः आलोकित किया जा सकता है।  आपको पता होना चाहिए कि धर्मांतरण को रोकने के लिए तत्कालीन परिस्थितियों में उन्होंने जिस तरह से हिंदुत्व के प्रतीक जनेऊ का सहारा लिया और शंकराचार्य से सहमति लेकर आदिवासियों को धारण करवाया, वैसा रोल मॉडल अपनान...

दिल्ली में खेलों के महाकुंभ में दिखा युवाओं का उत्साह

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दिल्ली में खेलों के महाकुंभ में दिखा युवाओं का उत्साह # यंग स्पोर्ट्स फाउंडेशन द्वारा नैशनल चैंपियनशिप का हुआ आयोजन कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता नई दिल्ली। लक्ष्मी नगर में युवाओं के लिए यंग स्पोर्ट्स  फाउंडेशन द्वारा राष्ट्रीय स्तर के खेलों का आयोजन किया गया। जिसमें खिलाड़ियों के लिए एथलेटिक्स, योगा, कबड्डी, वॉलीबॉल जैसे खेल को शामिल किया गया। दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और आस-पास के राज्यों के खिलाड़ियों ने शिरकत की।  दिल्ली से दिव्यांश ने एथलेटिक्स में दो सौ मीटर में स्वर्ण पदक जीता। इसके अलावा गाज़ियाबाद की कबड्डी महिला और पुरुष टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर ट्रॉफी अपने नाम की। वॉलीबाल में हरियाणा यमुनानगर की टीम ने स्वर्ण पदक जीता। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे स्थानीय विधायक अभय वर्मा और एथलीट अर्जुन अवार्डी संदीप सिंह मान, विपिन कसाना, नवीन गुप्ता ने खिलाड़ियों को पदक व प्रमाणपत्र देते हुए सम्मानित किया। कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के तौर पर हरिदत्त शर्मा, नितिन त्यागी, सुरेंद्र कुमार, अनिता पीपली, विनोद निगम, जानवी, कुश, सुरेन्द स...

युवा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार ने राज्यसभा सांसद डॉ महेंद्र प्रसाद 'किंग महेंद्र' को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

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युवा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार ने राज्यसभा सांसद डॉ महेंद्र प्रसाद 'किंग महेंद्र' को दी भावभीनी श्रद्धांजलि कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता नई दिल्ली। जनता दल यू के राज्यसभा सांसद और एरिस्टो फार्मा के चेयरमैन डॉ महेंद्र प्रसाद उर्फ किंग महेंद्र के असामयिक निधन की खबर सुनकर युवा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार उनके दिल्ली आवास पहुँच कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उसके बाद वे उनके शोक संतप्त परिजनों से मिले और ढाढस बंधाया।श्री कुमार ने बताया कि किंग महेंद्र समाजसेवा में गहरी अभिरुचि रखते थे। इसी मकसद से वो राजनीति में भी आये। एक प्रतिभाशाली उद्योगपति के रूप में उन्होंने जदयू को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। बिहार सहित देश के अन्य हिस्सों में अंग्रेजी दवा व्यवसाय में वो एक मजबूत स्तम्भ थे। उनका असमय चला जाना पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

यूनिकॉर्न स्टार्टअप क्या है? इसमें भारत शीर्ष तीसरे स्थान पर कैसे पहुंचा? उसने किसको पछाड़कर यह स्थान हासिल किया?

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यूनिकॉर्न स्टार्टअप क्या है? इसमें भारत शीर्ष तीसरे स्थान पर कैसे पहुंचा? उसने किसको पछाड़कर यह स्थान हासिल किया? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार क्या आपको पता है कि कैसे कोई छोटी सी आईडिया से शुरू हुई कंपनी आज के दिन अरबों डॉलर का बिज़नेस कर रही है? और इनको यूनिकॉर्न स्टार्टअप क्यों कहा जाता है? दरअसल, कोई भी प्राइवेट कंपनी जिसका वैल्यूएशन, एक बिलियन डॉलर से ज्यादा हो जाता है, उन कंपनी को फाइनेंशियल दुनिया में यूनिकोर्न स्टार्टअप कहते हैं। इसे सबसे पहले वेंचर कैपिटलिस्ट "ऐलीन ली" द्वारा दिया गया था। बता दें कि इस क्षेत्र में भारत आज विश्व में एक अलग ही मुकाम हासिल कर चुका है। हमलोग इस बात के साक्षी हैं कि किस तरह बीते कुछ वर्षों में गुड गवर्नेंस और अच्छे सिस्टम के कारण अपने देश में सब कुछ बदल चुका है। आज की तारीख में भारत उस मुकाम पर पहुंचता जा रहा है जिसकी कल्पना कुछ समय पहले तक नहीं की जा सकती थी। आज यूनिकॉर्न स्टार्टअप के क्षेत्र में भारत सबसे अव्वल होने में ज्यादा दूर नहीं है, क्योंकि महज एक साल में वह चौथे से तीसरे स्थान पर पहुंच चुका है। # दुनिया के...