संदेश

सिबिल रिपोर्ट की समस्याएं और उनके समाधान के बारे में जानिए, सिबिल से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण सवाल-जवाब भी आपके लिए जानना है जरूरी

सिबिल रिपोर्ट की समस्याएं और उनके समाधान के बारे में जानिए, सिबिल से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण सवाल-जवाब भी आपके लिए जानना है जरूरी @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार बैंकिंग के नजरिए से सिबिल स्कोर तीन अंक की एक संख्या है जो 300 से 900 तक होती है। यह किसी व्यक्ति की लोन लेने की योग्यता को दर्शाती है। इसलिए कर्ज या लोन लेने के इच्छुक लोगों को अपना सिबिल स्कोर हमेशा दुरुस्त रखना चाहिए। ऐसे में सिबिल रिपोर्ट की समस्याएं और उनके समाधान के बारे में जानना ऋण लेने की इच्छा रखने वाले हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। वहीं, सिबिल से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण सवाल-जवाब भी यदि आप जान लेते हैं, तो ऋण लेना-देना और इस क्रम में आने वाली बाधाओं से निपटना आपके लिए आसान हो जाएगा। बता दें कि, जब भी कोई व्यक्ति या संस्था नए लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करता है, तो लोन देने वाले संस्थान आवेदक को लोन देने के जोखिम का मूल्यांकन करने के लिए उसके क्रेडिट स्कोर की जांच करता है। यही वजह है कि एक अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाए रखना, जो 900 के करीब हो, एक नए लोन या क्रेडिट कार्ड आवेदन की मंज़ूरी की संभावना को बढ़ाता ह...

पीएम किसान सम्मान निधि के लिए ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन, प्रत्येक वर्ष मिलेंगे 6000 रुपये

पीएम किसान सम्मान निधि के लिए ऐसे कराएं रजिस्ट्रेशन, प्रत्येक वर्ष मिलेंगे 6000 रुपये @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार केंद्र में पिछले 7 वर्षों से सत्तारूढ़ बीजेपी गठबंधन की नरेंद्र मोदी सरकार ने किसानों, मजदूरों, कारीगरों और अन्य छोटे मोटे काम-धंधे करने वाले लोगों की नियमित आमदनी विकसित करने की गरज से कुछ ठोस कार्य किये हैं, जिसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भी एक है। इसके तहत मोदी सरकार प्रत्येक किसान परिवार को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तों में प्रदान करती है। इससे पाई पाई को मोहताज समझे जाने वाले किसानों को काफी राहत मिली है। यह पैसा उनके बीज, खाद या दवा सम्बन्धी लेन देन के समयबद्ध निपटारे में काफी काम आ रहा है। इसलिए इस आलेख के जरिए मैं आपको बताने जा रहा हूँ कि कैसे होता है इस महत्वपूर्ण योजना के लिए रजिस्ट्रेशन।आप पीएम किसान स्कीम में रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों से करा सकते हैं। यदि किसान चाहें तो कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं, नहीं तो ऑनलाइन https://pmkisan.gov.in/ से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। ...

कर बचत सावधि जमा (टैक्स सेवर फिक्स्ड डिपॉजिट) में टैक्स सेविंग के लिए करेंगे एफडी तो इन बैंकों में मिलेगा 6.75% तक का ब्याज

कर बचत सावधि जमा (टैक्स सेवर फिक्स्ड डिपॉजिट) में टैक्स सेविंग के लिए करेंगे एफडी तो इन बैंकों में मिलेगा 6.75% तक का ब्याज @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भले ही बैंकों के ब्याज दर में साल दर साल गिरावट देखने को मिल रही है, फिर भी उनमें कुछ ऐसे जमा या निवेश विकल्प मौजूद हैं, जिनमें यदि कोई व्यक्ति अपनी धनराशि जमा करता है तो उसे औसत से कुछ अधिक ब्याज हासिल हो सकता है, जो 6.75 प्रतिशत तक हो सकता है। अमूमन, प्रत्येक नौकरी पेशा व्यक्ति अथवा अपने-अपने विभिन्न पेशों में दक्ष प्रोफेशनल्स की चाहत यही होती है कि जहां तक संभव हो सके, वह अपनी कर देयता में कुछ न कुछ कमी कर ले। इसके लिए वह देशज बैंकिंग में उपलब्ध तरह-तरह के निवेश विकल्पों में अपनी एक सुनिश्चित धनराशि का निवेश करता रहता है। कोई जीवन बीमा में निवेश करता है तो कोई सावधि जमा को प्राथमिकता देता है। इसके अलावा भी विभिन्न तरह के विकल्प मौजूद होते हैं।  लेकिन यहां पर मैं आपको सरकारी अथवा निजी बैंकों के कुछ सर्वश्रेष्ठ कर बचत सावधि जमा (बेस्ट टैक्स सेवर फिक्स्ड डिपॉजिट) के बारे में बताऊंगा, क्योंकि टैक्स सेवर एफडी में निवेश क...

यदि आप अपने सपनों का घर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कतिपय महत्वपूर्ण बातें अपने ध्यान में रखें

यदि आप अपने सपनों का घर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कतिपय महत्वपूर्ण बातें अपने ध्यान में रखें  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार किसी भी व्यक्ति के स्थायी पता के लिए उसका एक अपना घर होना बहुत जरूरी है। क्योंकि किरायेदारी की जिंदगी में अस्थायी पता कब बदल जाए, निश्चित रूप से कुछ कहा नहीं जा सकता। वाकई यह बदलते ही बहुत कुछ बदल जाता है, रिश्ते-नाते और व्यक्तिगत व्यवहार तक। इससे उपजी परेशानी को सिर्फ वही समझ सकता है, जिसने  अपनी किरायेदारी की जिंदगी के दौरान किसी न किसी कारण से बार बार अपना घर बदलने को विवश हुआ हो। इस बात में कोई दो राय नहीं कि घर, कोठी या फ्लैट किसी भी व्यक्ति के स्थायित्व की पहचान होती है और किसी भी समाज में इसी से लोग उसकी हैसियत का अंदाजा लगाते हैं। इसलिए इस आलेख में मैं आपको कुछ होम बाइंग टिप्स बताऊंगा, ताकि आपका भी घर खरीदने का सपना पूरा हो और इस दौरान आने वाली कतिपय प्रचलित परेशानियों से आप बच सकें। जानकारों की मानें तो घर खरीदने से पहले किसी भी व्यक्ति को सिर्फ पैसों के बारे में ही नहीं सोचना चाहिए, बल्कि यह भी चेक करना चाहिए कि आपको अभी घर खरीद...

सवा सौ साल पुराना है भारत में आरक्षण का इतिहास, गुलाम और आजाद भारत में ऐसे जुड़ती गईं आरक्षण की कड़ियां

सवा सौ साल पुराना है भारत में आरक्षण का इतिहास, गुलाम और आजाद भारत में ऐसे जुड़ती गईं आरक्षण की कड़ियां  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भारत में आरक्षण के इतिहास के बारे में यदि किसी संस्था ने आपको नहीं बताया है तो यह जान लीजिए कि अपने देश में आरक्षण की मानसिकता से समानता स्थापित करने व विकास करने की बात महज सवा सौ वर्ष पुरानी बात है। जिसके मद्देनजर आजाद भारत में सरकारी सेवाओं और संस्थानों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं रखने वाले पिछड़े समुदायों, अनुसूचित जातियों व जनजातियों से सामाजिक-शैक्षणिक पिछड़ेपन को दूर करने के लिए भारत सरकार ने  कानून के जरिये सरकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्रों की इकाइयों में, धार्मिक व भाषाई अल्पसंख्यक शैक्षिक संस्थानों को छोड़कर, सभी सार्वजनिक तथा निजी शैक्षिक संस्थानों में पदों तथा सीटों के प्रतिशत को आरक्षित करने की कोटा प्रणाली प्रदान की है।  इसके अलावा, भारतीय संसद में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के प्रतिनिधित्व के लिए भी आरक्षण नीति को विस्तारित किया गया है। केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा में 27 प्रतिशत आरक्षण दे रखा है और विभिन्न रा...

आरक्षण का इतिहास: रिजर्वेशन से जुड़े न्यायिक आदेशों से स्पष्ट हुई भ्रांतियां

आरक्षण का इतिहास: रिजर्वेशन से जुड़े न्यायिक आदेशों से स्पष्ट हुई भ्रांतियां  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार समाज के दलित, पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण वर्गों के समग्र उत्थान के लिए सरकारी नौकरियों व शैक्षणिक संस्थानों आदि में विकसित की गई आरक्षण की अवधारणा को समय समय पर दिए गए न्यायिक आदेशों से कानूनी बल मिला है। इससे इसके समर्थकों को जहां राहत मिली, वहीं इसके विरोधी न्यायिक फैसला मानकर उन्हें शिरोधार्य करते गए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 1951 में अदालत ने स्पष्ट किया है कि सांप्रदायिक अधिनिर्णय के अनुसार जाति आधारित आरक्षण अनुच्छेद 15 (1) का उल्लंघन है। यह स्पष्टता मद्रास राज्य बनाम श्रीमती चंपकम दोराईरंजन एआईआर 1951 एससी 226) पहला संवैधानिक संशोधन (अनुच्छेद 15 (4)) फैसले को अमान्य करने के लिए पेश किया गया। वहीं, 1963 में एम आर बालाजी बनाम मैसूर एआईआर मामले में 1963 एससी 649 में अदालत ने आरक्षण पर 50 प्रतिशत की अधिकतम सीमा लगा दी।  तमिलनाडु ने 9वीं सूची के तहत 69 प्रतिशत और राजस्थान में 2008 की गुज्जर हिंसा के पहले, अगड़ी जातियों के 14 प्रतिशत सहित 68 प्रतिशत...

सिबिल जेनरेट कैसे होता है? लोन में इनकी क्या भूमिका होती है? सविस्तार जानिए

सिबिल जेनरेट कैसे होता है? लोन में इनकी क्या भूमिका होती है? सविस्तार जानिए @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार जब कोई व्यक्ति बैंकों से कर्ज (लोन) लेने जाता है तो बैंकिंग संस्थाएं उसकी सिबिल चेक करती हैं कि वह लोन लेने और उसे चुकाने लायक है भी या नहीं। यह सिबिल एक संस्था तैयार करती है और उसे अपडेट रखती है। यह संस्था ट्रांस यूनियन सिबिल लिमिटेड है, जिसे पहले सिबिल कहा जाता था। यह भारत की एक प्रमुख क्रेडिट सूचना कंपनी है, जो क्रेडिट संबंधित डेटा के आधार पर व्यक्तियों और कंपनियों की गहन क्रेडिट रिपोर्ट बनाती है।  बताया जाता है कि सिबिल द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रमुख डेटा में व्यक्तियों के लिए क्रेडिट स्कोर और कंपनियों के लिए क्रेडिट रैंक भी शामिल है, जो अक्सर नए क्रेडिट को अप्रुव करने के लिए एक निर्णायक कारक होता है।  यहां पर सवाल है कि सिबिल क्या है? यह किस प्रकार से काम करता है? क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रैंक का अर्थ क्या है? लाभार्थी के लिए उनका क्या महत्व है? सिबिल कैसे काम करता है? सिबिल स्कोर क्या है? सिबिल अकाउंट बनाने के लाभ क्या हैं? सिबिल अकाउंट कैसे बनाएं? सिबिल सद...