यदि आप अपने सपनों का घर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कतिपय महत्वपूर्ण बातें अपने ध्यान में रखें

यदि आप अपने सपनों का घर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो कतिपय महत्वपूर्ण बातें अपने ध्यान में रखें 

@ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार

किसी भी व्यक्ति के स्थायी पता के लिए उसका एक अपना घर होना बहुत जरूरी है। क्योंकि किरायेदारी की जिंदगी में अस्थायी पता कब बदल जाए, निश्चित रूप से कुछ कहा नहीं जा सकता। वाकई यह बदलते ही बहुत कुछ बदल जाता है, रिश्ते-नाते और व्यक्तिगत व्यवहार तक। इससे उपजी परेशानी को सिर्फ वही समझ सकता है, जिसने  अपनी किरायेदारी की जिंदगी के दौरान किसी न किसी कारण से बार बार अपना घर बदलने को विवश हुआ हो। इस बात में कोई दो राय नहीं कि घर, कोठी या फ्लैट किसी भी व्यक्ति के स्थायित्व की पहचान होती है और किसी भी समाज में इसी से लोग उसकी हैसियत का अंदाजा लगाते हैं। इसलिए इस आलेख में मैं आपको कुछ होम बाइंग टिप्स बताऊंगा, ताकि आपका भी घर खरीदने का सपना पूरा हो और इस दौरान आने वाली कतिपय प्रचलित परेशानियों से आप बच सकें।

जानकारों की मानें तो घर खरीदने से पहले किसी भी व्यक्ति को सिर्फ पैसों के बारे में ही नहीं सोचना चाहिए, बल्कि यह भी चेक करना चाहिए कि आपको अभी घर खरीदना जरूरी है भी या नहीं। इसके अलावा, यह भी चेक करें कि आपको गृह कर्ज (होम लोन) लेना भी है या फिर नहीं। यही नहीं, यदि आपने अपनी सैलरी के हिसाब से होम लोन लेने की सोच रखी है तो अपनी ईएमआई भी खुद ही तय करें, ताकि आपका व्यक्तिगत बजट नहीं बिगड़े।

अमूमन ऐसा शायद ही कोई व्यक्ति होगा जो चाहेगा कि उसे हमेशा किराए के घर में ही रहना है। क्योंकि वर्तमान परिवेश में अब हर कोई चाहता है कि उसका अपना एक घर हो, जहां वह सुकून की जिंदगी अपने बाल-बच्चों के साथ जी सके। लेकिन किसी भी व्यक्ति का घर का सपना इतनी आसानी से साकार नहीं होता, बल्कि इसके लिए उसे कई प्रकार के पापड़ बेलने पड़ते हैं। देखा जाता है कि अधिकतर लोग सिर्फ पैसों की कमी की वजह से ही अपना घर नहीं ले पाते हैं। इसलिए अगर आप भी अपने सपनों का घर लेना चाहते हैं तो इसके लिए आपके पास एक सुनिश्चित और अपेक्षित रकम तो होनी ही चाहिए। लेकिन इसके साथ ही आपको कुछ और महत्वपूर्ण बातों का भी ख्याल रखना चाहिए। 

तो आइए, सबसे पहले यह जानते हैं कि अपने अरमानों का घर खरीदने से पहले किन किन पांच बातों का पूरा खयाल यानी ध्यान रखना चाहिए।

# पहला, अपना घर अभी खरीदें या फिर कुछ वर्ष रुक कर इंतजार कर लें 

यदि आप अपना घर खरीदने का मूड बना रहे हैं तो सबसे  पहले आप खुद से यह सवाल पूछिए कि आपको अपना घर अभी खरीदना है या फिर कुछ वर्ष रुक कर, ताकि आपकी निवास प्राथमिकताएं स्पष्ट हो जाएं और मिले अतिरिक्त समय में आप कुछ और पैसे जोड़ पाएं। अगर आपको यह प्रतीत होता है कि अभी आपके पास पैसे नहीं हैं या आने वाले दिनों में आपका कोई बड़ा खर्च इंतजार कर रहा है तो आप अपना घर खरीदने का विचार टाल सकते हैं। वहीं, यदि आपको यह लगता है कि अगले कुछ सालों में आप किसी दूसरे शहर में शिफ्ट हो सकते हैं या फिर उसी शहर में कहीं और शिफ्ट हो सकते हैं तो भी आप अपना घर खरीदने की योजना टाल सकते हैं। इसके अलावा, यदि आपको लगता है कि अगले कुछ वर्षों में आपके पास किसी पुरानी पुश्तैनी प्रॉपर्टी को बेचकर या फिर कहीं और से एकमुश्त बड़ी धनराशि आने वाली है, तो आप उस स्थिति में भी अपना घर खरीदने की योजना को टाल सकते हैं, क्योंकि ऐसी परिस्थितियों में आपको होम लोन के झंझट में नहीं पड़ना चाहिए।

# दूसरा, जो भी घर या फ्लैट खरीदना है तो उससे सम्बन्धित समस्त जानकारी हासिल कर लें

यदि आपने अपना घर खरीदने का विचार तय कर लिया है तो आपको सबसे पहले उस घर की समग्र जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए, जिसे आप खरीदने की मन ही मन सोच रहे हैं। कहने का तातपर्य यह कि आपको उसका लोकेशन देखना चाहिए कि आपका कार्यालय, बच्चों का स्कूल या फिर बाकी अपेक्षित सुविधाएं वहां से कितनी दूर हैं, ताकि आने-जाने में ज्यादा खर्च की संभावना नहीं बने और कम खर्च में ही सारा काम चल जाए। 

इसके अलावा, आप यह भी देखें कि सम्बन्धित घर से जुड़ा कोई विवादास्पद मामला तो नहीं है। सबकी हिस्सेदारी तो स्पष्ट है। या फिर यदि आप किसी बिल्डर से अपना घर खरीद रहे हैं तो आप यह निश्चित रूप से चेक करें कि उसने घर से जुड़ी हुई कोई बात आपसे छुपाई तो नहीं है। कहने का तातपर्य यह कि आप अपने नए घर को वास्तु के नजरिये से, प्रदत्त जनसुविधाओं के दृष्टिकोण से और विभिन्न प्रकार के कानूनी दांवपेंच से खुद को महफूज रखने के सभी संभव उपायों पर विचार कर लें। क्योंकि कोई भी घर, फ्लैट या कोठी खरीदने में एक बड़ी रकम लग जाती है। जिसके चलते घर को खरीदना और फिर कुछ समय में बेचना, यह आम आदमी के लिए मुश्किल हो जाता है। यहां पर सबसे जरूरी बात यह है कि घर की कीमत, घर का कॉरपेट एरिया, बिजली-पानी-सफाई की सुविधा, पार्किंग, निर्माण क्वालिटी आदि के बारे में ये आपको निकट से पता करना चाहिए, भले ही आपको यह सारी जानकारी लेने में कितना भी कीमती समय क्यों न लगे।

# तीसरा, रेडी टू मूव घर लें या फिर किसी निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में रुपये लगाएं?

घर खरीदने से पहले आपको इस बात का भी कैल्कुलेशन करना होगा कि रेडी टू मूव घर लें या फिर किसी निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में रुपये लगाएं, जो कुछ वर्षों के बाद बनेगा। हालांकि, यहां पर एक बात गौर करने की ये है कि रेडी टू मूव घर अक्सर महंगा पड़ता है, जबकि घर बनने से पहले ही किसी प्रस्तावित या निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में रुपये  लगाने पर आप अपना कई लाख रुपये बचा सकते हैं। ऐसे में यदि आपके पास रहने की दिक्कत नहीं है या फिर आपके घर का किराया बहुत अधिक नहीं है तो आप किसी भी ऐसे प्रोजेक्ट में अपना रुपया लगा सकते हैं, बशर्तें कि आपका विकासकर्ता (डेवलपर) या निर्माणकर्ता (बिल्डर) समय से आपको आपके चयनित घर का पजेशन दे दे। ऐसे में आपके लिए यह जरूरी है कि अपनी मेहनत का रुपया   लगाने से पहले ही आप अपने डेवलपर या बिल्डर के बारे में समग्र अद्यतन जानकारी जुटा लें और यह भी देखें कि समय से पजेशन नहीं देने पर आपको मुआवजा मिलने का प्रावधान उसके प्रोजेक्ट में है भी या नहीं। वहीं, यदि आप अधिक किराया देते हैं या फिर आपको रहने की परेशानी पहले से ही झेलनी पड़ रही है तो आपको रेडी टू मूव घर लेना चाहिए, ताकि आपकी सम्बन्धित परेशानी घर खरीदते ही दूर हो जाये।

# चतुर्थ, आपको अपने घर के लिए कितना और कितने वर्ष के लिए लेना होगा होम लोन

यदि आप अपने सपनों का घर खरीदने की योजना बना चुके हैं तो सम्बन्धित घर की कीमत और कैसे घर लेना है ये बातें तय कर लेने के पश्चात यह देखें कि आपको होम लोन की जरूरत पड़ रही है या नहीं। यदि गृह कर्ज लेने की जरूरत पड़ रही है तो कितना कर्ज लेना होगा और आपके पास अपनी जमा पूंजी कितनी है। इसके साथ ही आप यह भी कैल्कुलेट कर लें कि आपको गृह ऋण (होम लोन) कितने वर्ष के लिए लेना चाहिए। यहां पर यह स्पष्ट कर दें कि आप जितने कम साल के लिए लोन लेंगे, आपको ईएमआई उतनी ही अधिक चुकानी होगी। हालांकि, ऐसे में आप पर ब्याज कम लगेगा, लेकिन अपनी सैलरी के हिसाब से आपके लिए यह भी देखना बहुत जरूरी है कि आपके बाकी खर्चों पर घर की निर्धारित ईएमआई का ज्यादा असर ना पड़े। अन्यथा आप पाई पाई के लिए भी किसी दूसरे का मोहताज हो सकते हैं।

# पांचवां, आप यह देखें कि आपकी आय के सुनिश्चित जरिये क्या-क्या हैं और क्या क्या बनाए जा सकते हैं

यदि आप अपना घर खरीदने के लिए गृह ऋण (होम लोन) लेते हैं तो अमूमन ये समझ लीजिए कि आपको हर महीने एक सुनिश्चित रकम ईएमआई के तौर पर चुकानी होगी। वहीं, यदि आप किसी वजह से अपनी ईएमआई समय से नहीं चुका पाते हैं तो आप पर विलंब शुल्क (लेट फीस) के साथ-साथ ब्याज (इंटरेस्ट) भी लगेगा। इसलिए आप अपने सपनों का घर खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपकी आय का कोई और अन्य स्रोत भी होना चाहिए। या फिर आप ऐसे प्लान करें कि आप हर महीने कुछ पैसे आकस्मिक निधि (इमरजेंसी फंड) में जमा करें जो किसी भी प्रकार की मुसीबत के वक्त आपके काम आएगा। आपको मालूम है कि मौजूदा कोरोना काल में बहुत से लोगों की सैलरी कट रही है और कुछ की तो नौकरी तक चली गई है, जिसके चलते उन्हें अपनी ईएमआई चुकाने में परेशानी आ रही है। भविष्य में आपको ऐसी कोई भी परेशानी नहीं झेलनी पड़े, इसलिए मैंने इस आलेख के माध्यम से आपको आगाह अथवा सचेष्ट करने की एक छोटी सी कोशिश की है, ताकि आपके सपनों का घर खरीदा जा सके और आपको कोई दिक्कत भी भविष्य में नहीं आए।

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